गत दिन भारी वर्षा से जिला में लगभग तीन करोड़ रुपये की हुई क्षति: उपायुक्त
6 सड़क मार्ग अस्थाई रूप से हुए बंद, 11 पेयजल योजनाएं हुई हैं प्रभावित
जिला प्रशासन ने राहत एवं पुनर्बहाली कार्य तेज किए

बिलासपुर, 02 सितंबर: उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने जानकारी देते हुए कहा कि जिला में गत दिवस हुई भारी वर्षा के कारण विभिन्न विभागों की परिसंपत्तियों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार जिला में लगभग तीन करोड़ रुपये की क्षति दर्ज की गई है। जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है।
उन्होंने बताया कि सर्वाधिक नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है, जहां लगभग 2.70 करोड़ रुपये की क्षति का अनुमान है। जल शक्ति विभाग की 11 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे लगभग 31 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त विद्युत विभाग को भी लगभग डेढ़ लाख रुपये की क्षति पहुंची है।
राहुल कुमार ने बताया कि भारी वर्षा से जिला में सात रिहायशी भवन प्रभावित हुए हैं। इनमें एक कच्चा मकान पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है, जबकि एक पक्का और दो कच्चे मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा तीन गौशालाओं को भी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित परिवारों को नियमानुसार फौरी राहत प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर शीघ्र मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि वर्षा के कारण जिला के 6 सड़क मार्ग अस्थायी रूप से बंद हुए, जिनमें गंगलोह-मलरौन, ढोलग चकनाड़-गाह, स्वारघाट मंझेड-मतनोह, थेह-बुहाड़, चैंटा-धानी तथा मरोतन धानी सड़कें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग तथा संबंधित फील्ड अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जिसके परिणामस्वरूप सभी प्रभावित मार्गों को शीघ्र यातायात के लिए बहाल कर दिया गया।
राहुल कुमार ने कहा कि पिछले सप्ताह से जिला में लगातार भारी एवं अचानक वर्षा की घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में नागरिक अनावश्यक यात्रा से बचें तथा विशेषकर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अत्यधिक सावधानी बरतें। वर्षा के दौरान पहाड़ियों से पत्थर गिरने की आशंका बनी रहती है, इसलिए जोखिम वाले मार्गों पर यात्रा करने से परहेज करें। उन्होंने लोगों से नदी-नालों, झीलों एवं अन्य जल स्रोतों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पूर्व में फिसलने जैसी दुर्घटनाओं के कारण जनहानि की घटनाएं सामने आई हैं। अभिभावक विशेष रूप से बच्चों तथा बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और उन्हें जल स्रोतों के निकट जाने से रोकें।
उपायुक्त ने नागरिकों से आग्रह किया हैकि वह विशेष आवश्यकता के बिना देर रात यात्रा न करें तथा किसी भी प्रकार की आपदा, मकानों को नुकसान, सड़क अवरुद्ध होने अथवा अन्य आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के हेल्पलाइन नंबर पर दें। उन्होंने कहा कि सूचना प्राप्त होते ही जिला प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करेंगी। जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है तथा लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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रोगी कल्याण समिति आयुर्वेदिक चिकित्सालय बिलासपुर गवर्निंग बॉडी की बैठक आयोजित
डीसी राहुल कुमार ने आरकेएस की आय बढ़ाने और पंचकर्म के प्रति लोगों को जागरूक करने पर दिया जोर

बिलासपुर, 02 सितंबर: जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में आज रोगी कल्याण समिति (आरकेएस), आयुर्वेदिक चिकित्सालय बिलासपुर की गवर्निंग बॉडी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की। बैठक में समिति के वित्तीय प्रबंधन, आय-व्यय तथा आगामी वित्त वर्ष के बजट सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान आयुर्वेदिक चिकित्सालय की वित्तीय स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस अवधि में अस्पताल का कुल व्यय 10 लाख 75 हजार रुपये रहा, जबकि रोगी कल्याण समिति की आय 2 लाख 64 हजार 520 रुपये रही। वर्तमान वित्त वर्ष में अब तक समिति को 1 लाख 63 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई है, जबकि 3 लाख 56 हजार रुपये का व्यय हुआ है।
उपायुक्त ने समिति की आय में वृद्धि के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सालय में उपलब्ध उपचार सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इन सेवाओं का लाभ उठा सकें और समिति के संसाधनों में भी वृद्धि हो।
बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए पंचकर्म प्रक्रियाओं के यूजर चार्ज में वृद्धि करने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त रोगी कल्याण समिति से राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए 6 लाख रुपये की राशि स्थानांतरित करने की स्वीकृति भी प्रदान की गई। आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्ताव पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
उपायुक्त ने आयुर्वेदिक विभाग के अधिकारियों को जिले में पंचकर्म चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों को अधिक जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचकर्म के लाभों और आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए नियमित रूप से जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं। इसके लिए रोटरी क्लब सहित अन्य सामाजिक एवं सहयोगी संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक शिविर आयोजित करने को कहा गया।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ने से अधिक लोग उपचार के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सालयों की ओर आकर्षित होंगे। इससे लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिलने के साथ-साथ अस्पताल की सेवाओं और रोगी कल्याण समिति की आय में भी वृद्धि होगी।
बैठक में जिला आयुष अधिकारी सुखविंदर कौर, समिति के सचिव रोहित कपिल सहित आयुर्वेदिक विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

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बिलासपुर में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम पर मंथन
डीसी राहुल कुमार ने फोरलेन पर ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने और सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान तेज करने के दिए निर्देश

बिलासपुर, 02 सितंबर: जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में आज जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की। बैठक में लोक निर्माण विभाग, क्षेत्रीय परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, एनएचएआई सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान बताया गया कि 1 अप्रैल 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक जिले में कुल 92 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई थीं, जबकि 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 तक 73 सड़क दुर्घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं। वर्ष 2026 में दर्ज दुर्घटनाओं में फोरलेन क्षेत्र में 24, घुमारवीं क्षेत्र में 15 तथा सदर क्षेत्र में 12 दुर्घटनाएं सामने आई हैं।
उपायुक्त राहुल कुमार ने एनएचएआई, संबंधित उपमंडल अधिकारियों तथा पुलिस विभाग को जिले में विशेष रूप से फोरलेन पर मुख्य ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां आवश्यक सड़क सुरक्षा उपाय प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किए जाएं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सके।
उन्होंने परिवहन विभाग को जिले में अधिक से अधिक सड़क सुरक्षा जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वाहन चालकों, युवाओं, स्कूली विद्यार्थियों और आम लोगों को यातायात नियमों तथा सुरक्षित वाहन चलाने के प्रति जागरूक करना आवश्यक है।
बैठक में बताया गया कि फोरलेन क्षेत्र में पुलिस द्वारा यातायात नियमों के उल्लंघन पर इस वर्ष अब तक ओवर स्पीड के 63,265 चालान किए गए हैं। इसके अलावा बिना हेलमेट 13,206, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल के 1,215, बिना सीट बेल्ट 682, बिना ड्राइविंग लाइसेंस 730 तथा शराब पीकर वाहन चलाने के 179 चालान किए गए हैं। उपायुक्त ने पुलिस विभाग को शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्ती बढ़ाने तथा ओवर स्पीड वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के साथ-साथ लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित की जानी चाहिए।
बैठक में जानकारी दी गई कि 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 तक पुलिस विभाग द्वारा कुल 90,232 चालान किए गए, जिनसे 1 करोड़ 10 लाख 32 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अतिरिक्त आरटीओ बिलासपुर द्वारा अब तक 2,255 चालान किए गए हैं। इनमें ओवरलोडिंग, वाहन फिटनेस सहित विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन से संबंधित मामले शामिल हैं।
बैठक में सड़क दुर्घटना की स्थिति में एंबुलेंस की उपलब्धता, उपयुक्त तैनाती, रिस्पांस टाइम तथा अस्पताल तक पहुंचने और मरीज के हैंडओवर टाइम को लेकर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए एंबुलेंस की तैनाती और आपातकालीन सेवाओं की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि दुर्घटना के बाद घायलों को कम से कम समय में आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके।
डीसी राहुल कुमार ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करना सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सड़क इंजीनियरिंग, प्रभावी प्रवर्तन, त्वरित आपातकालीन सेवाओं और व्यापक जन-जागरूकता सहित सभी स्तरों पर ठोस प्रयास किए जाने आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों को जिले में सड़क सुरक्षा की नियमित समीक्षा करने, दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए हर संभव कदम उठाने तथा आम लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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जिला में पीएम राहत योजना के तहत 85 सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिला कैशलेस उपचार: डीसी
उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि जिले में पीएम राहत योजना के तहत अब तक सड़क दुर्घटनाओं में घायल 85 पीड़ितों को निःशुल्क एवं कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की गई है। इनमें 13 महिलाएं, 76 पुरुष तथा 5 वर्ष से कम आयु का 1 बच्चा शामिल है।
उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा पीएम राहत (प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल में भर्ती एवं सुनिश्चित उपचार) योजना लागू की गई है। योजना के तहत सड़क दुर्घटना के प्रत्येक पीड़ित को दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का निःशुल्क एवं कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
उपायुक्त ने बताया कि योजना का लाभ किसी भी सड़क पर मोटर वाहन से होने वाली दुर्घटना के सभी पीड़ितों को मिलेगा। योजना का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना के बाद उपचार में होने वाली देरी को रोकना और पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाना है।
उन्होंने बताया कि योजना को 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली से जोड़ा गया है। इससे दुर्घटना की सूचना मिलते ही निकटतम अस्पताल की पहचान करने तथा आवश्यकता पड़ने पर एम्बुलेंस उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। इसके माध्यम से दुर्घटना पीड़ितों को शीघ्र चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जा सकेगी।
योजना के अंतर्गत सामान्य मामलों में दुर्घटना के बाद प्रारंभिक 24 घंटे तथा गंभीर एवं जीवन-रक्षक उपचार की आवश्यकता वाले मामलों में 48 घंटे तक तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे गंभीर रूप से घायल मरीजों को उपचार के लिए महत्वपूर्ण शुरुआती समय में आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
उन्होंने आमजन से अपील की कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तत्काल सहायता प्रदान करें तथा 112 हेल्पलाइन के माध्यम से आवश्यक आपातकालीन सेवाओं का लाभ उठाकर दुर्घटना पीड़ितों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने में सहयोग करें।

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मिशन दृष्टि बिलासपुर को प्रभावी बनाने के लिए जिला स्तरीय समिति गठित, स्क्रीनिंग से उपचार और फॉलो-अप तक पूरी प्रक्रिया की होगी निगरानी: डीसी
बिलासपुर, 02 सितंबर: जिले में 3 से 8 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान और आवश्यक उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की पहल ‘मिशन दृष्टि बिलासपुर’ के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
समिति की अध्यक्षता उपायुक्त-एवं-अध्यक्ष, रेड क्रॉस सोसायटी, जिला शाखा बिलासपुर करेंगे। अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर को उपाध्यक्ष तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर को सदस्य सचिव बनाया गया है। समिति में जिला कल्याण अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, उच्च एवं प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक, डाइट के प्रधानाचार्य-एवं-परियोजना निदेशक, भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी के प्रतिनिधि तथा क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर और एम्स बिलासपुर के नेत्र विशेषज्ञों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास तथा कल्याण विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और संबंधित विभागीय कर्मचारियों के सहयोग से लक्षित आयु वर्ग के बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मिशन दृष्टि बिलासपुर के तहत बच्चों की दृष्टि संबंधी समस्याओं पर एक वर्ष का अध्ययन भी किया जाएगा। स्क्रीनिंग के दौरान एकत्रित आंकड़ों के आधार पर जिले में बच्चों की दृष्टि संबंधी समस्याओं की स्थिति का आकलन किया जाएगा। अध्ययन के निष्कर्षों के आधार पर भविष्य में बच्चों के नेत्र स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए साक्ष्य-आधारित कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मिशन का विधिवत शुभारंभ 1 सितंबर से किया गया है। इसके तहत जिले के प्राथमिक स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले 3 से 8 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की नेत्र स्क्रीनिंग की जाएगी। स्क्रीनिंग के माध्यम से दृष्टि संबंधी समस्याओं की प्रारंभिक स्तर पर पहचान कर आवश्यकता के अनुसार बच्चों को आगे की जांच और उपचार से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने बताया कि स्क्रीनिंग के दौरान दृष्टि संबंधी समस्या पाए जाने पर बच्चों को संबंधित स्वास्थ्य संस्थान में रेफर किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार चश्मा, चिकित्सकीय उपचार अथवा अन्य आवश्यक नेत्र सेवाएं उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जाएगी। स्क्रीनिंग के बाद बच्चे को उपचार मिलने तक फॉलो-अप भी सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि चिन्हित मामलों का उपचार पूरा हो और कोई बच्चा उपचार से वंचित न रहे। मिशन के तहत बच्चों और अभिभावकों को आंखों की उचित देखभाल के प्रति जागरूक करने के लिए भी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें स्क्रीन टाइम कम करने, आउटडोर गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा दृष्टि संबंधी समस्या होने पर समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय समिति मिशन की प्रगति की नियमित समीक्षा करेगी। समिति द्वारा स्क्रीनिंग, रेफरल, उपचार, फॉलो-अप और जागरूकता गतिविधियों की प्रभावशीलता का आकलन किया जाएगा। समीक्षा के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाते हुए मिशन को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाएगा।

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बिलासपुर की हर पंचायत में स्थापित होंगे ऑटोमेटिक रेन गेज, ब्लॉक स्तर पर लगेंगे ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन: डीसी
सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय बैठक आयोजित
डिजिटल कृषि अभियान की भी हुई समीक्षा

बिलासपुर, 02 सितंबर: जिले में मौसम संबंधी सटीक एवं स्थानीय स्तर का आंकड़ा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्रत्येक ग्राम पंचायत में ऑटोमेटिक रेन गेज तथा प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आज जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में कृषि विभाग की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की।
उपायुक्त ने कहा कि ऑटोमेटिक रेन गेज और ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित होने से पंचायत और ब्लॉक स्तर पर वर्षा सहित अन्य मौसम संबंधी मानकों के सटीक एवं वास्तविक समय के आंकड़े उपलब्ध होंगे। इससे जिले में मौसम संबंधी आंकड़ों के व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण की व्यवस्था मजबूत होगी और कृषि क्षेत्र के लिए स्थानीय स्तर पर अधिक सटीक मौसम संबंधी जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि इन उपकरणों से प्राप्त आंकड़े फसल बीमा योजना के तहत फसल नुकसान के आकलन और बीमा दावों के सत्यापन में महत्वपूर्ण आधार बनेंगे। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध आधिकारिक मौसम संबंधी आंकड़ों से फसल बीमा दावों की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा पात्र किसानों को बीमा दावों के निपटारे में सुविधा मिलेगी।
उपायुक्त ने कहा कि विंड्स के तहत ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और ऑटोमेटिक रेन गेज का नेटवर्क मजबूत होने से मौसम संबंधी आंकड़ों के संग्रहण, विश्लेषण और उपयोग की व्यवस्था और बेहतर होगी। इससे किसानों को स्थानीय मौसम की अधिक सटीक जानकारी के आधार पर कृषि संबंधी सलाह उपलब्ध करवाने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कृषि विभाग सहित सभी संबंधित विभागों, खंड विकास अधिकारियों तथा पंचायत प्रतिनिधियों को ऑटोमेटिक रेन गेज और ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन की स्थापना के लिए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को उपकरण स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने को कहा।
बैठक में जिले में चल रहे डिजिटल कृषि अभियान की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी किसानों का पंजीकरण करने, किसान पहचान पत्र बनाने तथा डिजिटल फसल सर्वेक्षण से संबंधित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल कृषि अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें तथा सामने आ रही समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने जिला राजस्व अधिकारियों को योजना के तहत सभी पटवारियों के माध्यम से लंबित आंकड़ों को शीघ्र अद्यतन करवाने के निर्देश जारी करने को कहा। साथ ही लोक मित्र केंद्रों को सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर किसानों के किसान पहचान पत्र बनाने के निर्देश देने को कहा।
बैठक में कृषि विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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उचित मूल्य की दुकानों तक आवश्यक वस्तुओं के परिवहन एवं मजदूरी कार्य हेतु निविदाएं आमंत्रित
बिलासपुर 02 सितम्बर: जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, बिलासपुर शीतल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के विभिन्न थोक भंडारों सदर बिलासपुर, घुमारवीं, झंडूता तथा श्री नैना देवी जी से उचित मूल्य की दुकानों तक डोर स्टेप डिलीवरी के अंतर्गत आवश्यक वस्तुओं के परिवहन एवं मजदूरी (उचित मूल्य की दुकानों पर उतराई) कार्य हेतु वर्ष 2026-28 के लिए ऑनलाइन निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि इच्छुक आवेदक निर्धारित शर्तों के अनुसार अपनी निविदाएं ई-टेंडरिंग पोर्टल https://hptenders.gov.in पर 20 सितम्बर 2026 को सायं 5 बजे तक ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि निर्धारित समय के उपरांत प्राप्त किसी भी निविदा को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्राप्त निविदाएं 21 सितम्बर 2026 को प्रातः 11 बजे निविदाताओं अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में जिला दंडाधिकारी बिलासपुर अथवा उनके प्रतिनिधि के समक्ष उनके कार्यालय या उनके द्वारा निर्धारित स्थान पर खोली जाएंगी। उन्होंने सभी इच्छुक ठेकेदारों से समय सीमा के भीतर ऑनलाइन प्रक्रिया पूर्ण कर निविदाएं जमा करने का आग्रह किया है।

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स्वास्थ्य विभाग का परामर्श, स्क्रब टाइफस रोग के बचाव को लोग बरतें विशेष एहतियात
बिलासपुर 02 सितंबर: मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर शशि दत्त शर्मा ने लोगों को स्क्रब टाइफस रोग के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि स्क्रब टाइफस एक जूनोटिक रोग है, जो ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी नामक जीवाणु के कारण होता है तथा वर्षा ऋतु के दौरान, विशेषकर घास कटाई के मौसम में इसके मामलों में वृद्धि देखी जाती है। यह रोग प्रायः ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक पाया जाता है, जहां झाड़ियों एवं घासयुक्त स्थानों में रोग वाहक माइट्स मौजूद रहते हैं।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है तथा सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द अथवा अन्य संबंधित लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में चिकित्सकीय परामर्श लें और उपचार में विलंब न करें। उन्होंने लोगों से खेतों अथवा घास वाले क्षेत्रों में कार्य करते समय पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने, घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, झाड़ियों एवं खरपतवार को हटाने, घास काटने या घनी वनस्पति वाले क्षेत्रों से लौटने के बाद स्नान करने तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने का आग्रह किया है। साथ ही पालतू पशुओं की नियमित सफाई करने की भी सलाह दी है।
उन्होंने बताया कि संक्रमित कीटों के काटने से बचाव के लिए जमीन पर सोने, हरी घास वाले क्षेत्रों में बैठने या लेटने तथा कृषि कार्यों के दौरान आधी बांह अथवा अधूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने से बचें। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, विद्यालयों तथा स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से सतर्कता बरतने, स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा किसी भी संदिग्ध लक्षण की स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करने की अपील की है, ताकि मानसून के दौरान स्क्रब टाइफस के संभावित प्रकोप को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।