CHANDIGARH, 11.09.26-चंडीगढ़ प्रशासन के समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सेक्टर-25 स्थित बाल पर्यवेक्षण गृह, विशेष गृह एवं बालकों के लिए सुरक्षित स्थान तथा सेक्टर-15 स्थित बालिकाओं के लिए स्नेहालय एवं विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण का राज्य स्तरीय निरीक्षण किया गया। इन संस्थानों में क्रमशः विधि से संघर्षरत बच्चों तथा देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को आश्रय प्रदान किया जाता है।
यह निरीक्षण चंडीगढ़ प्रशासन के समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक श्री नवीन रत्तू, दानिक्स की अध्यक्षता में किया गया। निरीक्षण दल में चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य श्री रजनीश कुमार; किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य डॉ. सतिंदर कौर सचदेवा एवं सुश्री अनीता सिंह; राज्य दत्तक ग्रहण संसाधन अभिकरण की कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री बिसमन आहूजा; बाल कल्याण समिति के सदस्य श्री नील रॉबर्ट्स एवं सुश्री रूपाली गौतम तथा चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक एवं डॉ. कुलविंदर कौर शामिल थे।
समिति ने गृहों में रखे गए सभी अभिलेखों का गहन निरीक्षण किया, जिनमें वहां रह रहे बच्चों की केस फाइलें और परामर्श रजिस्टर भी शामिल थे। सभी बच्चों को पौष्टिक भोजन और आयु के अनुरूप मनोरंजक गतिविधियां उपलब्ध कराई जा रही थीं तथा वे शैक्षणिक कक्षाओं में भी सक्रिय रूप से भाग ले रहे थे। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सभी बच्चे औपचारिक अथवा अनौपचारिक शिक्षा प्रणाली से जुड़े हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के मनोवैज्ञानिकों और चिकित्सकों द्वारा नियमित रूप से किए जाने वाले दौरों के माध्यम से इन गृहों में बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाता है।
समाज कल्याण विभाग के निदेशक ने बच्चों के समग्र विकास और मनोरंजन को सुनिश्चित करने के लिए सभी बाल देखभाल संस्थानों में खेलकूद कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।