भगवान श्री गणेश की आराधना हमारी समृद्धि धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है- बजरंग गर्ग
भगवान श्री गणेश जी को वृद्धि, विवेक, ज्ञान, सुख, समृद्धि तथा विघ्नहर्ता के रूप में पूजा करते हैं- बजरंग गर्ग
श्री गणेश उत्सव हमें अपनी संस्कृति से जुड़ने के साथ-साथ प्रेम भाईचारे और आपसी संवाद को मजबूत करता है- बजरंग गर्ग
अग्रोहा धाम व श्री प्रयाग गिरी शिवालय मंदिर ट्रस्ट में 21 सितंबर को श्री गणेश उत्सव पर भव्य भजन समारोह होगा- बजरंग गर्ग
श्री गणेश उत्सव अपनी भाईचारे और सामाजिक एकता के पर्व के रूप में मनाए- बजरंग गर्ग
भगवान श्री गणेश जी का 25 सितंबर को विसर्जन किया जाएगा-बजरंग गर्ग
हिसार, 19.09.26-- अग्रोहा धाम व श्री प्रयाग गिरी शिवालय मंदिर ट्रस्ट में श्री गणेश उत्सव पर मंदिर संस्था के प्रधान बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में हुई। इस मीटिंग में 21 सितंबर को होने वाले श्री गणेश उत्सव पर भजन समारोह की तैयारी पर विचार किया गया। संस्था के प्रधान बजरंग गर्ग ने संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्री गणेश की आराधना हमारी समृद्धि धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भगवान श्री गणेश जी को वृद्धि, विवेक, ज्ञान, सुख, समृद्धि तथा विघ्नहर्ता के रूप में पूजा करते हैं। श्री गणेश उत्सव हमें अपनी संस्कृति से जुड़ने के साथ-साथ प्रेम भाईचारे और आपसी संवाद को मजबूत करता है। बजरंग गर्ग ने कहा कि गणेश उत्सव के दौरान आयोजित होने वाला भजन समारोह कार्यक्रम वातावरण को भक्ति में बनाने के साथ-साथ एक दूसरे को करीब लाने का काम करता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजनों का उपदेश केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि इनके माध्यम से समाज में सर्व, सहयोग और जर्नल मत लोगों की भावना को भी बढ़ावा मिलना चाहिए। बजरंग गर्ग ने कहा कि अग्रोहा धाम व श्री प्रयाग गिरी शिवालय मंदिर ट्रस्ट में 21 सितंबर को श्री गणेश उत्सव पर भव्य भजन समारोह होगा। श्री गणेश उत्सव अपनी भाईचारे और सामाजिक एकता के पर्व के रूप में मनाए। श्री गणेश उत्सव उत्साह के साथ मनाने के साथ-साथ स्वच्छता के विशेष ध्यान रखें कि भी हम सबकी जिम्मेदारी बनती है। श्री गणेश उत्सव हमें सकारात्मक सोच, अच्छे संस्कार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभाने की प्रेरणा देता है। बजरंग गर्ग ने कहा कि भगवान श्री गणेश जी का 25 सितंबर को विसर्जन किया जाएगा।
इस अवसर पर पवन गर्ग, ऋषि राज गर्ग, सुरेंद्र सिंगला, कैलाश चौधरी, रमेश लोहिया, सत्येंद्र गोयल, जगत नारायण, ओम प्रकाश असीजा, रमेश पटवारी, महेंद्र गोयल, अंगूरी देवी, अनीता गर्ग, रेनू पहुजा आदि प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखें।