सफलता की कहानी-14 अक्तूबर 2026सीएम ने हौसला बढ़ाया, वित्तीय मदद की और नेशनल मैडल ले आई प्रिया
गरीब परिवार की प्रिया ने ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में स्वर्ण के बाद अब नेशनल ओपन एथलेटिक्स में जीता कांस्य
400 मीटर की दौड़ में देश की टॉप धाविकाओं में हुई शामिल, अब रखा है ओलंपिक का लक्ष्य

हमीरपुर 14 अक्तूबर। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अलावा व्यक्तिगत रूप से भी कई ऐसे जरुरतमंद लोगों की मदद करते हैं, जिनका इस दुनिया में कोई सहारा नहीं होता।
मुख्यमंत्री की इस दरियादिली के कारण ही आज एक गरीब परिवार की लड़की प्रिया ठाकुर देश के टॉप एथलीटों में जगह बनाने में कामयाब हुई है और इसी हफ्ते नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर आई है।
भलेठ के साथ लगते कांगड़ा जिले के सिहोरबल्ला क्षेत्र के गांव मेहसी की प्रतिभाशाली एथलीट प्रिया ठाकुर पिछले कुछ वर्षों से हमीरपुर के अणु में स्थित सिंथेटिक ट्रैक पर अभ्यास कर रही थीं। परिवार की आर्थिक हालत ठीक न होने के कारण प्रिया को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। उसे अच्छी प्रैक्टिस और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने में भी दिक्कत हो रही थी।
इस बारे में जब मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू को अवगत करवाया गया तो उन्होंने न केवल संबंधित अधिकारियों को त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए, बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी प्रिया की मदद एवं हौसलअफजाई की। इससे प्रिया ठाकुर की सभी चिंताएं दूर हो गईं और वह दोगुणा उत्साह एवं जोश के साथ मेहनत करने लगी।
इसी के परिणामस्वरूप, प्रिया ठाकुर ने जनवरी 2026 में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में 400 मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर हिमाचल का नाम रोशन किया। इसके बाद प्रिया का लक्ष्य नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मैडल लाना था, लेकिन इस चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए भी उसे आर्थिक मदद की दरकार थी। मुख्यमंत्री ने यहां भी प्रिया की भरपूर मदद की।
8 से 11 अक्तूबर तक नई दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में प्रिया ने 400 मीटर की दौड़ में 53.56 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। इसमें रजत पदक प्राप्त करने वाली धाविका का समय 53.55 सेंकड और स्वर्ण पदक विजेता का 53.37 सेकंड रहा। यानि, इस दौड़ में तीनों धाविकाओं के बीच बहुत ही नजदीकी मुकाबला रहा। इस शानदार प्रदर्शन से प्रिया 400 मीटर दौड़ में देश की टॉप धाविकाओं में शामिल हो गई है। उसका अगला लक्ष्य, ओलंपिक और अन्य अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मैडल लाना है।
मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए प्रिया ने बताया कि उनके द्वारा लगातार प्रदान की जा रही आर्थिक मदद और हौसलाअफजाई के कारण वह अपने अगले लक्ष्य के लिए लगातार प्रैक्टिस कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की डाइट मनी बढ़ाकर और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए रेलवे की उच्च श्रेणी में यात्रा तथा आवश्यकता पड़ने हवाई यात्रा का प्रावधान किया है। अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेताओं के लिए करोड़ांे रुपये के पुरस्कार घोषित किए हैं। इससे प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बहुत बड़ा प्रोत्साहन मिला है।
प्रिया को स्कूली स्तर से कोचिंग प्रदान कर रहे टीजीटी अनिल शर्मा ने बताया कि परिवार की वित्तीय स्थिति ठीक न होने के कारण प्रिया को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। जब इस बारे में मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया तो उन्होंने प्रिया के लिए सभी व्यवस्थाएं करवाईं और आर्थिक मदद भी की। इसी कारण आज वह देश की टॉप एथलीटों में शामिल हो पाई है।
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खाद्य प्रसंस्करण उद्यम के लिए करें आवेदन, 10 लाख तक सब्सिडी का प्रावधान
नई इकाई लगाने के अलावा पुरानी खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के उन्नयन के लिए भी कर सकते हैं आवेदन

हमीरपुर 14 अक्तूबर। खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित उद्यम जैसे-पापड़, चिप्स, हल्दी, धनिया और मसाला पाउडर इत्यादि बनाने, धान मिल, जूस, मिठाई, बेकरी, आइसक्रीम, चॉकलेट, नूडल्स, नमकीन, जैम, जैली, अचार, सॉउस, पनीर, घी, बिस्कुट, ब्रेड, मशरूम प्रसंस्करण, पशु एवं मुर्गी आहार, आटा चक्की, सेवई और मखाना सहित खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े अनेक उद्योग स्थापित करने के इच्छुक युवाओं, महिलाओं, किसानों और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के लिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकरण योजना (पीएमएफएमई) के रूप में एक बहुत बड़ा अवसर है।
इस योजना के तहत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और उन्नयन के लिए पीएमएफएमई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला उद्योग केंद्र हमीरपुर के महाप्रबंधक डॉ. ठाकुर भगत नेगी ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य स्थानीय कृषि एवं खाद्य उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर रोजगार और आय के नए अवसर सृजित करना है।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ 18 वर्ष से अधिक आयु के इच्छुक युवा, महिलाएं, किसान, स्वयं सहायता समूह, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), सहकारी समितियां, गैर सरकारी संगठन, पार्टनरशिप फर्म और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े उद्यमी उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत नई इकाई स्थापित करने अथवा पहले से संचालित सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के उन्नयन के लिए परियोजना लागत पर 35 प्रतिशत तक क्रेडिट लिंक्ड पूंजी अनुदान दिया जाएगा। प्रति इकाई अधिकतम 10 लाख रुपये तक का अनुदान उपलब्ध होगा। लाभार्थी को परियोजना में कम से कम 10 प्रतिशत अंशदान करना होगा, जबकि शेष राशि बैंक ऋण के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
महाप्रबंधक ने बताया कि इच्छुक उद्यमी योजना की विस्तृत जानकारी के लिए जिला उद्योग केंद्र हमीरपुर के दूरभाष 01972-222309 अथवा जिला रिसोर्स पर्सन अंशुल सूद के मोबाइल 70186-04919 पर संपर्क कर सकते हैं।
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