चम्बा, 27 अक्तूबर-जिला विधिक सेवा प्राधिकरण , चम्बा द्वारा संचालित सप्ताहव्यापी “सुरक्षित बचपन अभियान” के अंतर्गत आज पीएम श्री राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, चम्बा में विद्यार्थियों के लिए विशेष विधिक एवं बाल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मेजबानी विद्यालय प्रशासन द्वारा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में माननीय न्यायिक अधिकारी श्री रमणीक शर्मा तथा चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला समन्वयक श्री कपिल शर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा, बाल संरक्षण तथा पॉक्सो अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी प्रदान की। साथ ही साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी तथा सोशल मीडिया पर होने वाली ब्लैकमेलिंग से बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया।
चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला समन्वयक श्री कपिल शर्मा ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के मिशन वात्सल्य के तहत संचालित टोल-फ्री चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि अनाथ, दिव्यांग, स्कूल छोड़ चुके, बाल मजदूरी या बाल विवाह के जोखिम से जूझ रहे तथा किसी भी प्रकार के शारीरिक या मानसिक शोषण से प्रभावित बच्चों की सहायता के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सहायता मांगने वाले की पहचान को गोपनीय रखा जाता है। इसके अतिरिक्त साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा नालसा विधिक सहायता हेल्पलाइन 15100 के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी गई।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री कुलदीप ठाकुर ने अतिथियों का स्वागत किया तथा विद्यार्थियों को ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों से प्राप्त जानकारी को अपने व्यवहार में अपनाने और सजग एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। विद्यालय प्रशासन द्वारा कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं एवं सहयोग प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग की ओर से एएसआई निखिल कुमार एवं महिला एएसआई ने भी विद्यार्थियों को महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध तथा व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया।
वहीं, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, चम्बा के प्रतिनिधि ने विद्यार्थियों को निःशुल्क कानूनी सहायता, उनके विधिक अधिकारों तथा जरूरत पड़ने पर उपलब्ध कानूनी सहायता की प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्रदान की।