घुमारवीं (बिलासपुर) 28 अक्तूबर: नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज घुमारवीं में बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) कार्यालय का शुभारंभ किया। पिछले लगभग 36 वर्षों से यह कार्यालय निजी भवन में संचालित हो रहा था। अब इसे अपना सरकारी भवन मिलने से विभागीय कार्यों के संचालन में सुविधा होगी और आम लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इसी भवन में तहसील कल्याण अधिकारी का कार्यालय भी संचालित हो रहा है। इससे लोगों को एक ही छत के नीचे विभिन्न विभागों की सुविधाएं मिलेंगी और अपने कार्यों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं तक स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को स्कूल पूर्व शिक्षा प्रदान करने, कुपोषण की पहचान करने, टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा महिलाओं और परिवारों को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जानकारी देने का कार्य किया जाता है।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने उनके मानदेय में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी की है। इससे जहां उन्हें आर्थिक संबल मिलेगा, वहीं उनके योगदान को प्रोत्साहन भी मिलेगा।
राजेश धर्माणी ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी दिशा में महिलाओं के नाम पर जमीन खरीदने पर स्टांप ड्यूटी की दर 6 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत की गई है, ताकि अधिक से अधिक परिवारों में महिलाओं के नाम पर संपत्ति हो और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत बने।
इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री ने झंडूता विधानसभा क्षेत्र के गांव नाहरल, डाकघर रोहाल निवासी काजल ठाकुर को मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के अंतर्गत विवाह के लिए 2 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान किए जाने के अवसर पर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से प्रदेश सरकार निराश्रित बच्चों एवं युवाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जीने के साथ आत्मनिर्भर बन सकें। विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाना पात्र लाभार्थियों को सहयोग प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल वर्धन, जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार, बाल विकास परियोजना अधिकारी रंजना शर्मा तथा बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं उपस्थित रहीं।