चंडीगढ़, 30 अक्टूबर। इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने हरियाणा के 16 जिलों में हुई बारिश के कारण मंडियों में खुले आसमान के नीचे पड़ा धान भीगने और खेतों में खड़ी फसलों को हुए नुकसान पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की लापरवाही के कारण आज किसान अपनी महीनों की मेहनत को बर्बाद होते देखने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की मंडियों में धान को बारिश से बचाने के सरकारी इंतजामों की हकीकत बयां कर रही हैं। मंडियों में धान की बोरियां खुले में पड़ी हैं। बारिश के कारण धान के अंकुरित होने, उसकी गुणवत्ता खराब होने और किसानों को आर्थिक नुकसान होने का खतरा पैदा हो गया है। किसान पहले ही धान की खरीद और उठान में देरी से परेशान हैं, अब कुदरत की मार के साथ-साथ उन्हें सरकारी अव्यवस्थाओं का भी सामना करना पड़ रहा है। जब मौसम विभाग की ओर से बारिश की चेतावनी दी जा रही थी तो सरकार और प्रशासन ने मंडियों में धान को सुरक्षित रखने के लिए पहले से पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए? किसानों की मेहनत से तैयार फसल को खुले आसमान के नीचे छोड़ देना सरकार की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने भाजपा सरकार से मांग की कि बारिश से प्रभावित सभी जिलों में तुरंत विशेष गिरदावरी करवाई जाए। खेतों में खड़ी फसल, कटाई के बाद खेतों में खड़ी फसल खराब होने पर 50 हजार रुपए प्रति एकड़ और मंडियों में बारिश से भीगे धान का आकलन करवाकर प्रत्येक प्रभावित किसान को हुए वास्तविक नुकसान के आधार पर उचित मुआवजा दिया जाए।
बीजेपी सरकार द्वारा गन्ने का रेट 15 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाने पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह ऊंट के मुंह में जीरे के बराबर है। फसल की लागत पहले से कई गुणा बढ़ चुकी है उसके आधार पर गन्ने का रेट कम से कम 500 रुपए प्रति क्विंटल तय करना चाहिए था।