Chandigarh,22,10.18-दिनांक 22 अक्‍तूबर 2018 को नाबार्ड, हरियाणा क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ तथा आयुर्वेट रिसर्च फाउन्‍डेशन ने हरियाणा के ऐसे जिलों, जहां संसाधनों की कमी है, में आर्थिक तथा सामाजिक विकास की विभिन्‍न गतिविधियां मिल कर करने के संबध में एमओयू पर हस्‍ताक्षर किए. विभिन्‍न विकास कार्यक्रम जैसे प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्राम विकास, चुनिंदा क्षेत्रों में वैकल्पिक रोजगार के अवसरों का सृजन, सूक्ष्‍म वित्‍त कार्यक्रम, उत्‍पादक संघों को वित्‍तीय सहायता आदि के कार्यक्रम दोनों संस्‍थाओं द्वारा मिल कर चलाए जाएंगे.

श्री मोहन जी सक्‍सेना, प्रबंध निदेशक, आयुर्वेट रिसर्च फाउन्‍डेशन ने अपने संबोधन में नाबार्ड द्वारा ग्रामीण विकास के विभिन्‍न क्षत्रों में किए जा रहे उल्‍लेखनीय कार्यों के लिए उन्‍हें बधाई देते हुए खुशी जाहिर की और कहा, हालांकि आयुर्वेट रिसर्च फाउन्‍डेशन तथा नाबार्ड, हरियाणा क्षेत्रीय कार्यालय 2008 से हरियाणा के चंहुमुखी विकास की अनेक परियोजनाएं मिलकर चलाते आ रहे हैं परंतु इस एमओयू के बाद से दोनों संस्‍थाएं मिलकर राज्‍य के कुछ जिलों में आर्थिक और सामाजिक विकास के आड़े आ रही समस्‍याओं के व्‍यावहारिक हल खोज कर विकास का ऐसा मॉडल तैयार कर पाएंगे जिनमें सभी स्‍टेकहोल्‍डर्स की सक्रिय सहभागिता हो और इस प्रकार समवेत विकास के प्रयासों को राष्‍ट्रीय स्‍तर तक ले जाना संभव हो पाएगा.

नाबार्ड के मुख्‍य महाप्रबंधक, श्री अरूण शुक्‍ला ने अपने उद्बोधन में कहा, इस एमओयू से नयी परियोजनाओं की पहचान करने, बेहतरीन योजनाएं बनाने तथ नए कार्यक्षेत्रों में उन्‍हें कार्यान्वित करने में आसानी होगी. साथ ही, उनके लिए ज्‍यादा संसाधन जुटाना और परियोजनाओं का बेहतर प्रबंधन करना भी सम्‍भव हो पाएगा.

बैठक में नाबार्ड के महाप्रबंधक श्री डी के कपिला, आयुर्वेट रिसर्च फाउन्‍डेशन के पूर्व महानिदेशक, प्रोफेसर ए सी वार्षनेय, तथा दोनों संस्‍थाओं के वरिष्‍ठ अधिकारियों ने भाग लिया.