गोविंद सागर झील में वाटर स्पोर्ट्स का रोमांच, साहसिक पर्यटन का नया केंद्र बना अंदरोली क्षेत्र

स्पीड बोट, जेट स्की, हॉट एयर बैलून और ड्रैगन राइड सहित विभिन्न गतिविधियों का आनंद ले रहे लोग

उपायुक्त ने स्वयं लिया अनुभव..लोगों से परिवार सहित आने का किया आह्वान


ऊना, 23 जनवरी. ऊना जिले की बंगाणा तहसील में गोविंद सागर झील से सटा अंदरोली क्षेत्र अब एडवेंचर टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का नया केंद्र बनकर तेजी से उभर रहा है। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन एवं निर्देशों के अनुरूप गोविंद सागर झील में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सुनियोजित ढंग से ठोस कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि कुटलैहड़ टूरिज्म डेवलपमेंट सोसाइटी के माध्यम से मेफील्ड एडवेंचर्स कंपनी के साथ वाटर स्पोर्ट्स संचालन का करार किया गया है। कंपनी ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए वाटर स्पोर्ट्स सुविधाएं उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को वास्तविक गति मिली है।

उपायुक्त ने कहा कि देवभूमि हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत सदैव पर्यटकों को आकर्षित करती रही है। अब प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों से साहसिक खेलों और पर्यटन के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं तेजी से विकसित हो रही हैं।

प्राकृतिक सौंदर्य और रोमांच का अद्भुत संगम
चारों ओर पहाड़ों से घिरी गोविंद सागर झील की मनोहारी छटा और जल-पर्यटन की नई गतिविधियों ने अंदरोली क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलानी शुरू कर दी है। यहां बोटिंग, कयाकिंग, जेट स्की, एटीबी राइड, हॉट एयर बैलून, स्पीड बोट और ड्रैगन राइड सहित विभिन्न वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे पर्यटकों को एक नया और रोमांचक अनुभव मिल रहा है।
उपायुक्त ने बताया कि भविष्य में यहां बनाना-बम्पर राइड, वाटर जेटोवेटर, शिकारा, 100 से अधिक सीटर क्रूज, जिप लाइन, पैरा मोटरिंग, फ्लोटिंग जेट्टी तथा पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियां भी उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि यह पहल पर्यटन को नया आयाम देने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और व्यावसायिक अवसर भी सृजित करेगी।

उपायुक्त ने स्वयं लिया रोमांचक अनुभव, परिवार सहित आने की अपील
उपायुक्त जतिन लाल ने हाल ही में स्वयं गोविंद सागर झील के अंदरोली क्षेत्र में परिवार सहित पहुंचकर हॉट एयर बैलून राइड सहित विभिन्न एडवेंचर गतिविधियों का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि यह सुविधा अब परिवार, बच्चों और पर्यटकों के लिए घूमने-फिरने तथा वाटर स्पोर्ट्स व साहसिक गतिविधियों का बेहतरीन विकल्प बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि पहले लोग इन गतिविधियों के लिए दूर-दराज पर्यटन स्थलों का रुख करते थे या सुविधाएं न होने के कारण निराश रहते थे, लेकिन अब अंदरोली में ही यह अवसर सहज रूप से उपलब्ध है। उपायुक्त ने आमजन से अपील की कि वे परिवार एवं बच्चों के साथ आएं और सुरक्षित वातावरण में इन गतिविधियों का आनंद लें।

पारदर्शी प्रक्रिया से मिला संचालन अनुबंध
उपायुक्त ने बताया कि वाटर स्पोर्ट्स संचालन के लिए प्रतिस्पर्धी व पारदर्शी निविदा प्रक्रिया अपनाई गई थी। इसमें मेफील्ड एडवेंचर्स ने 80 लाख 500 रुपये की सर्वाधिक बोली लगाकर संचालन अनुबंध प्राप्त किया। पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न करने हेतु अतिरिक्त उपायुक्त ऊना की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा सभी औपचारिकताएं पूर्ण की गईं।

एडीबी से 10 करोड़ का निवेश प्रस्तावित
उन्होंने बताया कि अंदरोली क्षेत्र को एडवेंचर टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के लिए एशियन विकास बैंक (एडीबी) की सहायता से 10 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और क्षेत्र को व्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
इसके अतिरिक्त गोविंद सागर पर मंदली-लठियाणी पुल व सड़क निर्माण परियोजना से क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे पर्यटन को नई गति मिलेगी।

गौरतलब है कि बीते वर्षों में पुलिस विभाग द्वारा आयोजित एडवेंचर स्पोर्ट्स मीट ने भी इस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई थी, जिसमें देशभर से आए प्रतिभागियों ने साहसिक गतिविधियों में भाग लिया था।


वहीं, वाटर स्पोर्ट्स का आनंद लेने पहुँची ऊना की रीना ने बताया कि अंदरौली का वातावरण बेहद शांत और सुकूनदायक है। उन्होंने यहां बाइक राइड, जेट स्की, कयाकिंग सहित अन्य रोमांचक गतिविधियों का भरपूर आनंद लिया।

रीना ने बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित और अनुभवी ट्रेनर उपलब्ध हैं, जिससे पर्यटक पूरी तरह सुरक्षित माहौल में वाटर स्पोर्ट्स का अनुभव कर सकते हैं। उन्होंने कहना है कि अंदरौली जैसे स्थल युवाओं के साथ-साथ परिवारों के लिए भी एक बेहतरीन पर्यटन गंतव्य हैं। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि इस सुदंर पर्यटन गंतव्य पर आकर वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का आनंद लें।

पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती से उभरेगा ऊना जिला
उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की प्राथमिकता है कि पर्यटन को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित किए जाएं। गोविंद सागर झील में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की शुरुआत इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था सशक्त होगी और ऊना जिला पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से उभरेगा।

मुख्यमंत्री के विजन को मिल रहा धरातल पर स्वरूप : विवेक शर्मा
कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का स्पष्ट विजन है कि पर्यटन को प्रदेश के आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाया जाए।
कुटलैहड़ विस के अंदरोली में गोविंद सागर झील में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की शुरुआत इसी विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे क्षेत्र में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर बनने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
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20वें ऐतिहासिक श्री गुरु रविदास जोड़ मेले का भव्य समापन

पंजाब अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसबीर सिंह गढ़ी रहे समापन समारोह में मुख्य अतिथि

ऊना, 23 जनवरी. संतोषगढ़ में मीरा बाई को समर्पित 20वें विशाल एवं ऐतिहासिक श्री गुरु रविदास जोड़ मेले का समापन समारोह गुरुवार को श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक एकता के वातावरण में भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर पंजाब अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसबीर सिंह गढ़ी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
उन्होंने श्री गुरु रविदास मंदिर में माथा टेका तथा मंदिर के गौरवशाली इतिहास से संबंधित लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया।
श्री गढ़ी ने जोड़ मेले में उमड़े विशाल जनसमूह एवं मेला प्रबंधक समिति को इस भव्य और ऐतिहासिक आयोजन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
समारोह को संबोधित करते हुए जसबीर सिंह गढ़ी ने संत श्री गुरु रविदास के विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत रविदास ने अपने जीवन में समाज से भेदभाव मिटाने और लोगों को एकजुट करने का निरंतर प्रयास किया। उनके विचार सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और समानता का संदेश देते हैं। संत रविदास की शिक्षाएं हमें मिल-जुलकर रहने तथा आदर्श, न्यायपूर्ण और समावेशी समाज के निर्माण की प्रेरणा देती हैं।

उन्होंने अपने संबोधन में भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने समाज को शिक्षित, संगठित और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज के विकास और उत्थान के लिए शिक्षा सबसे जरूरी है और युवा पीढ़ी को डॉ. अंबेडकर के जीवन एवं समाज सुधार के कार्यों से प्रेरणा लेकर शिक्षा को जीवन का लक्ष्य बनाना चाहिए।

इस अवसर पर उन्होंने श्री गुरु रविदास मंदिर संतोषगढ़ के निर्माण एवं समाज के उत्थान के लिए संघर्ष करने वाले समर्पित व्यक्तियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।
इस दौरान जोड़ मेले के संस्थापक स्वर्गीय सिंगारा राम सिंहुंगड़ा के सुपुत्र कुंवर जगवीर सिंह सिंहुंगड़ा ने समारोह में पधारे सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा मेले को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं और आयोजकों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर जोड़ मेला कमेटी के प्रधान बलवंत सिंह, गुरु रविदास धार्मिक सभा संतोषगढ़ के प्रधान कुलविंद्र बैंस, संत बाबा केवल सिंह सुरालगढ़, संत बाबा सुरेंद्र सिंह सुरालगढ़, संत बाबा सुच्चा सिंह भौरिया साहिब, संत बाबा जगदीश सिंह, गुरलाल, सैला गोल्डी, सुरजीत, रिंकू सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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