धर्मशाला, 15 सितंबर: हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से जिला कांगड़ा में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों तथा उनके परिवारों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने कहा कि निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य निर्माण श्रमिक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान जिला कांगड़ा में बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत 3,499 लाभार्थियों को कुल 10 करोड़ 85 लाख 17 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। वहीं, इस वर्ष 15 अगस्त, 2026 तक 718 लाभार्थियों को 2 करोड़ 82 लाख 43 हजार रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है।
उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र बैजनाथ में 29 श्रमिकों को 16 लाख 76 हजार रुपये, देहरा में 19 श्रमिकों को 5 लाख 75 हजार रुपये, धर्मशाला में 106 श्रमिकों को 36 लाख 79 हजार रुपये तथा जयसिंहपुर में 20 श्रमिकों को 7,l लाख 3 हजार रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है।
इसी प्रकार कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र में 146 लाभार्थियों को 60 लाख 34 हजार रुपये, नगरोटा में 132 लाभार्थियों को 66 लाख 30 हजार रुपये, पालमपुर में 50 लाभार्थियों को 16 लाख 58 हजार रुपये तथा शाहपुर में 63 लाभार्थियों को 19 लाख 30 हजार रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत हुई है जबकि सुलह में 72 लाभार्थियों को 22 लाख 62 हजार रुपये, फतेहपुर में 6 लाभार्थियों को 1 लाख 97 हजार रुपये, जवाली में 27 लाभार्थियों को 8 लाख 78 हजार रुपये, जसवां-प्रागपुर में 13 लाभार्थियों को 5 लाख 42 हजार रुपये तथा ज्वालामुखी में 12 लाभार्थियों को 2 लाख 71 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई है।
इसके अतिरिक्त नूरपुर में 21 लाभार्थियों को 11 लाख 77 हजार रुपये तथा अन्य श्रेणी में 2 लाभार्थियों को 25 हजार रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है। इस प्रकार कुल 718 लाभार्थियों को 2 करोड़ 82 लाख 43 हजार रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है।
उन्होंने कहा कि कि हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड का मुख्य उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के भवन एवं अन्य निर्माण कार्यों में संलग्न कामगारों तथा उनके आश्रितों को कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।
भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्यों में भवन, मकान, सड़क, सिंचाई, जल निकासी, बांध, नहर, बिजली उत्पादन, पारेषण एवं वितरण, विद्युत लाइनों, टेलीफोन, तार तथा ओवरहेड संचार माध्यमों, बांधों, नहरों, जलाशयों, सुरंगों, पुल-पुलियों, पाइप लाइनों तथा अन्य निर्माण कार्यों में कार्यरत श्रमिक शामिल हो सकते हैं।
बोर्ड में पंजीकरण के लिए निर्माण कार्य में लगे कामगार की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होना आवश्यक है। साथ ही, कामगार द्वारा पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन भवन एवं निर्माण कार्य में कार्यरत होना चाहिए। बोर्ड की वेबसाइट के माध्यम से भी पंजीकरण, नवीनीकरण की सुविधा उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा पंजीकृत श्रमिकों के परिवारों को विभिन्न महत्वपूर्ण अवसरों एवं आवश्यकताओं पर वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। योजना के तहत शादी के लिए 51 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान है। यह सहायता लाभार्थी के स्वयं के विवाह तथा दो बच्चों के विवाह के लिए दी जाती है।
मातृत्व एवं पितृत्व प्रसुविधा के तहत महिला लाभार्थी को प्रसव अवधि अथवा बच्चे के जन्म के समय सहायता तथा पुरुष लाभार्थी को पितृत्व सुविधा के तहत सहायता का प्रावधान है। महिला लाभार्थी को 90 दिन से 26 सप्ताह तक मातृत्व अवकाश की राशि प्रदान किए जाने का प्रावधान है।
चिकित्सा सहायता योजना के तहत लाभार्थी तथा उसके आश्रितों को चिकित्सा उपचार के लिए 50 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध है। वहीं शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता प्रथम कक्षा से पीएचडी स्तर तक 8 हजार 400 रुपये से 1 लाख 20 हजार रुपये तक निर्धारित है।
बोर्ड की योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थी के 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन का प्रावधान है। दुर्घटना अथवा बीमारी के कारण हुई दिव्यांगता की स्थिति में 500 रुपये प्रतिमाह दिव्यांग पेंशन की सुविधा भी उपलब्ध है।
पंजीकृत सदस्य की मृत्यु होने की स्थिति में आश्रितों को अंतिम संस्कार हेतु 20 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त मृत्यु सहायता योजना के तहत पात्र परिस्थितियों में 2 लाख से 4 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा संचालित बेटी जन्म उपहार योजना के तहत लाभार्थी की दो बेटियों के जन्म पर 51 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है। इसके अलावा मानसिक रूप से मंद अथवा दिव्यांग बच्चों के लिए भी 20 हजार रुपये प्रतिवर्ष तक सहायता उपलब्ध कारवाई जाती है । पंजीकृत सदस्य की विधवा को 1500 रुपये प्रतिमाह विधवा पेंशन उपलब्ध करवाने का प्रावधान है। वहीं लाभार्थी के बच्चों के हॉस्टल में रहने पर 20 हजार रुपये प्रतिवर्ष तक सहायता देने की योजना संचालित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि बोर्ड की योजनाओं में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थी को मकान बनाने के लिए 1 लाख 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता का प्रावधान है। इसके अलावा विशेष रूप से जरूरतमंद महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री विधवा, एकल, निराश्रित, दिव्यांग महिला आवास योजना भी संचालित की जा रही है।
इस योजना के तहत बोर्ड में पंजीकृत पात्र महिला कामगार, जो विधवा, एकल, निराश्रित अथवा दिव्यांग महिला हों तथा जिनकी वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से कम हो, उन्हें आवास निर्माण के लिए 3 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है ।
उन्होंने बताया कि 15 अगस्त, 2026 तक स्वीकृत सहायता में 8 विधवा महिला लाभार्थियों को मकान निर्माण के लिए एक-एक लाख रुपये की प्रथम किस्त जारी की गई है।
उन्होंने कहा कि निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए संचालित इन योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाना ही नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेंशन, विवाह, मातृत्व, मृत्यु एवं अन्य आवश्यक सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं से जोड़ना भी है। योजनाओं के माध्यम से पात्र परिवारों को कठिन परिस्थितियों में आर्थिक संबल प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।