CHANDIGARH, 03.04.25-चंडीगढ़ में प्रस्तावित संपत्ति कर वृद्धि और कचरा शुल्क को लेकर संयुक्त फ़ॉर्म ऑफ़ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज़ के प्रतिनिधिमंडल ने महापौर श्रीमती हरप्रीत कौर बबला और भाजपा अध्यक्ष श्री जितेंद्र पाल मल्होत्रा से मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे:
• अवी भसीन, अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती चंडीगढ़
• चंदर वर्मा, अध्यक्ष, चंडीगढ़ बिज़नेस काउंसिल
• विरिंदर सलूजा, अध्यक्ष, इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ऑफ़ चंडीगढ़
• मनीष निगम, चेयरमैन, चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल यूथ एसोसिएशन
• नरेश कुमार, अध्यक्ष, चंडीगढ़ फ़र्नीचर एसोसिएशन

प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर कड़ा ऐतराज जताया कि संपत्ति कर में 300% तक की बढ़ोतरी बिना सदन में पारित हुए लागू करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि कर में वृद्धि आवश्यक है, तो इसे चरणबद्ध तरीके से और अधिकतम 25% तक ही किया जाना चाहिए ताकि व्यापारियों और आम जनता पर आर्थिक बोझ न पड़े।

साथ ही, व्यवसायिक इकाइयों पर लगाए जा रहे कचरा शुल्क का भी विरोध किया गया। उद्योगों में गीला कचरा नहीं निकलता और शुष्क कचरा (जैसे अख़बार, पानी की बोतलें आदि) भी बहुत कम मात्रा में उत्पन्न होता है। उद्योग पहले से ही प्रदूषण विभाग द्वारा निर्धारित एजेंसियों के माध्यम से अपने कचरे का निपटान कर रहे हैं। इसके बावजूद, उनसे ₹1100 प्रति इकाई शुल्क वसूला जा रहा है, जो कि अनुचित है। पहले यह शुल्क ₹500 प्रति इकाई तय किया गया था, जिसे अब और बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।

अवी भसीन ने कहा, “व्यापारियों और उद्योगों पर अनावश्यक करों का बोझ डालना न्यायसंगत नहीं है। प्रशासन को संतुलित नीति अपनानी चाहिए ताकि उद्योग और व्यापार सुचारू रूप से चल सकें।”

प्रतिनिधिमंडल ने महापौर और भाजपा अध्यक्ष से इन मुद्दों पर तत्काल पुनर्विचार करने और उद्योगों को राहत देने की मांग की।