1,43,951 उपभोक्ताओं को 326 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से उपलब्ध करवाया जा रहा सस्ता राशन : महेन्द्र पाल गुर्जर

ऊना, 16 दिसम्बर - सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 326 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से जिला के 1,43,951 राशन कार्ड धारकों को लाभान्वित किया जा रहा है। यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त महेन्द्र पाल गुर्जर ने आज अपने चैम्बर में आयोजित सार्वजनिक वितरण प्रणाली की त्रैमासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने बताया कि ऊना जिला में एपीएल श्रेणी के 84,283 बीपीएल के 18,790 अंत्योदय अन्न योजना के 9977 तथा प्राथमिक गृहस्थियां के 30,901 उपभोक्ता शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ज़िला ऊना में सभी राशनकार्ड धारकों की केवाईसी की जा चुकी है।
एडीसी ने बताया कि जिला में माह अक्तूबर से दिसम्बर, 2025 तक 48,954 क्विंटल आटा, 29,981 क्विंटल चावल, 4000 क्विंटल चीनी, 760 क्विंटल नमक, 2015 क्विंटल चना दाल, 1631 क्विंटल मल्का दाल, 2181 क्विंटल उड़द की दाल, 5,73,048 लीटर सरसों का तेल और 32,860 लीटर रिफाइंड ऑयल का वितरण किया गया है।
उन्होंने बताया कि माह अक्तूबर से दिसम्बर, 2025 तक जिला में खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा 696 निरीक्षण किये गये तथा विभिन्न विभागीय आदेशों के तहत 14,969 रुपये सरकारी कोष में जमा करवाए गए। इस अवधि में विभिन्न नियंत्रण आदेशों के तहत अनियमिताएं पाये जाने पर हिमाचल प्रदेश व्यापार लेख आदेश 1981 के तहत 16 निरीक्षण किए गए तथा विभिन्न अनियमितताओं के पाए जाने पर 2 मामलों पर कार्यवाही करते हुए 969 रुपये का जुर्माना किया गया। इसके अलावा 22 दुकानदारों और व्यापारियों को पॉलीथीन का उपयोग करने पर 11 हजार रुपये का जुर्माना किया गया। इसके साथ ही द्रवित पेट्रोलियम गैस 2000 के अंतर्गत 21 निरीक्षण किए गए और 3 मामलों में कार्रवाई करते हुए 3 हजार रुपये का जुर्माना किया। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश ब्रिक्स क्लिन नियंत्रण आदेश 1970 के तहत जिला में 10 ईंट भट्ठों का निरीक्षण किया गया।
इस अवसर पर अध्यक्ष जिला परिषद नीलम कुमारी, जिला नियंत्रक खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले ऊना राजीव शर्मा सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

===========================================

एडीसी ने विद्यालय सुरक्षा परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सभी स्कूलों में आपदा प्रबंधन योजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के दिए निर्देश

ऊना, 16 जनवरी। विद्यालय सुरक्षा परियोजना (एसएसपी) के अंतर्गत आपात स्थितियों और आपदाओं में सुरक्षित विद्यालय कार्यक्रम को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ऊना महेंद्र पाल गुर्जर ने बताया कि 31 दिसंबर, 2025 तक ऑनलाइन डेटाबेस में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 के लिए विद्यालय आपदा प्रबंधन योजनाओं तथा उनसे संबंधित गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई, जिसमें ऊना जिला में अपेक्षित स्तर पर कार्य पूर्ण नहीं हुआ है।


एडीसी ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए उच्च शिक्षा तथा प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उप निदेशकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी विद्यालयों में विद्यालय सुरक्षा परियोजना (एसएसपी) के दिशा-निर्देशों का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।


उन्होंने कहा कि विद्यालय आपदा प्रबंधन योजनाएं न केवल आपात स्थितियों में विद्यार्थियों एवं स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं, बल्कि विद्यालयों को आपदा सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करें। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि योजना के अंतर्गत की गई कार्यवाही की विस्तृत कार्यवाही रिपोर्ट तथा कार्यान्वयन की वर्तमान स्थिति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से 29 जनवरी, 2026 तक जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कार्यालय में प्रस्तुत की जाए।
उन्होंने संबंधित विभाग से सभी विद्यालयों में एसएसपी के तहत आवश्यक योजनाएं, अभ्यास और जागरूकता गतिविधियां शीघ्र पूर्ण करके बच्चों के लिए सुरक्षित और संरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने को कहा।

==============================================

आयुक्त की नगर निगम क्षेत्र में रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले प्रवासी लोगों से पंजीकरण की अपील

ऊना, 16 जनवरी. नगर निगम ऊना के आयुक्त एवं अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने नगर निगम क्षेत्र में रेहड़ी-फड़ी लगाकर आजीविका चला रहे प्रवासी लोगों से नगर निगम में पंजीकरण करवाने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र एवं इसमें सम्मिलित सभी 14 पंचायतों में निवास कर रहे रेहड़ी-फड़ी/स्ट्रीट वेंडिंग करने वाले प्रवासी लोग नगर निगम से वैध लाइसेंस प्राप्त करें।
उन्होंने बताया कि पंजीकरण के लिए संबंधित व्यक्ति नगर निगम की पंजीकरण शाखा में जाकर आवेदन कर सकता है। इसके लिए आधार कार्ड तथा किसी अन्य पहचान पत्र की कॉपी, अथवा किसी अन्य व्यवसायिक पंजीकरण दस्तावेज की प्रति जमा करवानी होगी।