चण्डीगढ़ , 31.01.26-: महर्षि दयानन्द सरस्वती जी के 202वें जन्मोत्सव के अवसर पर 12 फरवरी से 15 फरवरी 2026 तक चार दिवसीय भव्य कार्यक्रमों का आयोजन केन्द्रीय आर्य सभा, चण्डीगढ़ के तत्वावधान में किया जा रहा है। यह जानकारी केन्द्रीय आर्य सभा के प्रधान रविन्द्र तलवाड़ ने आर्य समाज सेक्टर-7बी, चंडीगढ़ में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। रविन्द्र तलवाड़ ने इस अवसर पर कार्यक्रम का पोस्टर भी जारी किया। उन्होंने बताया कि यह आयोजन चंडीगढ़, पंचकूला एवं मोहाली की समस्त आर्य समाज संस्थाओं तथा आर्य शिक्षण संस्थानों के संयुक्त प्रयास से आर्य समाज सेक्टर-9, पंचकूला में सम्पन्न होगा।
महर्षि दयानन्द सरस्वती जी न केवल भारत, बल्कि सम्पूर्ण विश्व के युगपुरुष थे। उन्होंने वेदों की पुनर्स्थापना के साथ-साथ सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन हेतु आजीवन संघर्ष किया। जाति-पाति, छुआछूत, अंधविश्वास, नारी शोषण एवं पाखण्ड के विरुद्ध उनके प्रयास अतुलनीय रहे। उनका सम्पूर्ण जीवन मानवता, राष्ट्र और वैदिक संस्कृति के उत्थान को समर्पित रहा।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिदिन प्रातः 7:30 से 9:00 बजे तक वेदशतकम् यज्ञ, भक्तिमय भजन एवं प्रवचन आयोजित किए जाएंगे। यज्ञ ब्रह्मा स्वामी सच्चिदानन्द जी होंगे तथा यज्ञ संयोजक आचार्य जयवीर वैदिक रहेंगे। भजनोपदेशक पं. भूपेन्द्र सिंह आर्य भक्तिमय संगीत प्रस्तुत करेंगे।सायंकालीन सत्र में 12 से 14 फरवरी तक वेदशतकम् यज्ञ, भजन एवं प्रवचन का आयोजन किया जाएगा।
शनिवार, 14 फरवरी 2026 को प्रातः 10 बजे भव्य शोभायात्रा आर्य समाज (दि गुरुकुल स्कूल), सेक्टर-20, पंचकूला से प्रारम्भ होगी, जिसे केन्द्रीय आर्य सभा के प्रधान श्री रविन्द्र तलवाड़ द्वारा केसरिया ध्वज दिखाकर रवाना किया जाएगा। शोभायात्रा पंचकूला के विभिन्न सेक्टरों से होती हुई दोपहर 1 बजे आर्य समाज सेक्टर-9, पंचकूला में सम्पन्न होगी।
रविवार, 15 फरवरी 2026 को आर्य समाज सेक्टर-9, पंचकूला में ऋषिबोधोत्सव एवं मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर वेदशतकम् यज्ञ, प्रवचन, व्याख्यान तथा महर्षि दयानन्द जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विद्वानों के उद्बोधन होंगे। मुख्य वक्ताओं में स्वामी सच्चिदानन्द ल, स्वामी सम्पूर्णानन्द सरस्वती जी एवं पं. भूपेन्द्र सिंह आर्य सम्मिलित रहेंगे।
आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं, आर्यजनों एवं आमजन से कार्यक्रमों में सपरिवार सहभागी बनने की अपील की है।
इस बैठक में चंडीगढ़, पंचकूला एवं मोहाली आर्य समाज के पदाधिकारी और डीएवी शिक्षण संस्थानों तथा अन्य शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।