कृषि और स्वरोजगार को मिला वित्तीय संबल, तीसरी तिमाही तक 2686.43 करोड़ रुपये के ऋण वितरित
उपायुक्त जतिन लाल ने की जिला स्तरीय बैंक सलाहकार समिति की बैठक

ऊना, 12 फरवरी. किसानों, युवाओं और स्वरोजगार से जुड़े उद्यमियों को वित्तीय मजबूती प्रदान करते हुए ऊना जिले के बैंकों ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही तक 2686.43 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए हैं। इसमें 557.41 करोड़ रुपये कृषि क्षेत्र तथा 139.21 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत वितरित किए गए, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और लघु उद्यमों को सीधा बल मिला है।

यह जानकारी उपायुक्त जतिन लाल ने गुरुवार को जिला स्तरीय बैंक सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। इस दौरान ऊना विधानसभा के विधायक सतपाल सिंह सत्ती भी विशेष रूप से मौजूद रहे। उपायुक्त ने बताया कि मार्च 2026 तक निर्धारित 3167.11 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले दिसंबर तिमाही 2025 तक 2686.43 करोड़ रुपये का वितरण किया जा चुका है।

उपायुक्त ने बताया कि जिले में बैंकों की कुल जमा राशि 16622.83 करोड़ रुपये हो गई है, जिसमें 14.26 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं कुल ऋण 13.29 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 5158.90 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। जिला का ऋण-जमा अनुपात 31.04 प्रतिशत रहा है। उन्होंने कहा कि इस अनुपात में सुधार के लिए बैंकों और संबंधित विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे।

कृषि और स्वरोजगार को प्राथमिकता
जिले में 31 दिसंबर 2025 तक 54,911 किसानों को कृषि कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। दिसंबर तिमाही के दौरान 15.96 करोड़ रुपये शिक्षा ऋण भी वितरित किए गए। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि किसानों की आय बढ़ाने, कृषि औजारों हेतु ऋण उपलब्ध कराने तथा लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्राथमिक क्षेत्र में ऋण वितरण को और गति दी जाए। अधिक से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जोड़ा जाए।

सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय जागरूकता पर जोर
उपायुक्त ने आरबीआई के ‘आपका पैसा आपका अधिकार’ अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए, ताकि बैंकों में पड़ी अनक्लेम्ड राशि लाभार्थियों तक समय पर पहुंच सके। उन्होंने सरकार की सामाजिक सुरक्षा बीमा योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए कहा कि कम प्रीमियम में उपलब्ध ये योजनाएं संकट के समय परिवारों को मजबूत सहारा प्रदान करती हैं।

प्राथमिक क्षेत्र में सुधार के निर्देश
उपायुक्त ने वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन प्राथमिक क्षेत्र में प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने ऋण-जमा अनुपात बढ़ाने, ऋण वितरण को गति देने तथा खराब ऋणों की समयबद्ध रिकवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने तथा सरकार प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत ऋण आवेदनों को समय पर स्वीकृति देने पर बल दिया। साथ ही सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों एवं नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए।
उन्होंने बैंकिंग धोखाधड़ी की घटनाओं को रोकने के लिए ग्राहकों को जागरूक करने और सतर्कता बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया।

बैठक में ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती, मुख्य जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक संजीव कुमार सक्सेना, भारतीय रिजर्व बैंक के जिला अग्रणी अधिकारी राहुल जोशी, डीडीएम नाबार्ड सबरीना राजवंशी, निदेशक पीएनबी आरसेटी सुधीर कुमार शर्मा तथा विभिन्न बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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पीएनबी आरसेटी ऊना में 38 दिवसीय कंप्यूटराइज्ड अकाउंटिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

ऊना, 12 फरवरी। पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (पीएनबी -आरसेटी ) ऊना कार्यालय में 38 दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत कंप्यूटराइज्ड अकाउंटिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें जिला ऊना के विभिन्न क्षेत्रों से युवा सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। यह जानकारी पीएनबी आरसेटी ऊना के निदेशक सुधीर कुमार ने दी।

उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण पूर्णतः निशुल्क प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सामग्री, नोट्स, ड्रेस, भोजन एवं जलपान की सुविधा भी बिना किसी शुल्क के उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे युवाओं को सीखने का बेहतर और अनुकूल वातावरण मिल सके।

उन्होंने इच्छुक युवाओं से आग्रह किया है कि वे 13 फरवरी सुबह 11 बजे तक पीएनबी आरसेटी ऊना कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें, ताकि वे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ उठा सकें।
प्रशिक्षण पूर्ण करने के पश्चात पात्र प्रतिभागियों को बैंक ऋण सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे वे स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बन सकें और अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर सकें।

सुधीर कुमार ने बताया कि यह कार्यक्रम युवाओं को व्यावसायिक कौशल, वित्तीय प्रबंधन और आधुनिक अकाउंटिंग ज्ञान से लैस कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।