पोषण अभियान के तहत बाल पोषण में चंडीगढ़ की उल्लेखनीय प्रगति

चंडीगढ़, 9 मार्च 2026: चंडीगढ़ में वर्तमान में 450 आंगनवाड़ी केंद्र (AWCs) संचालित हैं, जो मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत 41,749 लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य आंगनवाड़ी सेवाओं को सुदृढ़ करना और एकीकृत पोषण सहायता प्रणाली के माध्यम से कुपोषण से मुकाबला करना है, जिससे जीवन चक्र के विभिन्न चरणों में स्वास्थ्य, पोषण जागरूकता और मानव संसाधन विकास को बढ़ावा मिल सके।

सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग लगातार बाल पोषण में सुधार के लिए कार्य कर रहा है। मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से मुख्य रूप से छह आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाती हैं:

पूरक पोषण (SNP) – 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा धात्री माताओं को पौष्टिक भोजन प्रदान किया जाता है ताकि कुपोषण और अल्पपोषण को कम किया जा सके।

प्री-स्कूल गैर-औपचारिक शिक्षा – 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए प्रारंभिक बाल देखभाल और शिक्षा, जिससे उनके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास को समर्थन मिलता है।

पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा – माताओं और परिवारों को उचित पोषण, स्तनपान, स्वच्छता और बाल देखभाल के बारे में जागरूक किया जाता है।

टीकाकरण – बच्चों और माताओं को रोगों से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से टीकाकरण किया जाता है।

स्वास्थ्य जांच – बच्चों की नियमित स्वास्थ्य निगरानी, वृद्धि का आकलन तथा गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व देखभाल सुनिश्चित की जाती है।

रेफरल सेवाएं – गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों और उच्च जोखिम वाली माताओं की पहचान कर उन्हें उपचार हेतु स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाता है।

इसी दिशा में बच्चों के पोषण स्तर को सुनिश्चित करने के लिए सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में विशेष ग्रोथ मॉनिटरिंग अभियान चलाया जा रहा है, जिससे वृद्धि संबंधी आंकड़ों की सटीकता बढ़े और बच्चों व माताओं के लिए सेवाओं की आपूर्ति को और मजबूत किया जा सके।

यह प्रगति प्रमुख पोषण संकेतकों में सुधार के रूप में दिखाई देती है। गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) के मामले अप्रैल 2025 में 99 से घटकर जनवरी 2026 में 15 रह गए, जबकि मध्यम तीव्र कुपोषण (MAM) के मामले इसी अवधि में 655 से घटकर 154 हो गए। इसी प्रकार स्टंटिंग के मामले 7,548 से घटकर 4,142 तथा कम वजन के मामले 3,223 से घटकर जनवरी 2026 तक 1,414 रह गए। यह सुधार नियमित निगरानी, वृद्धि मापनों के पुनः सत्यापन, SAM और MAM बच्चों के फॉलो-अप, देखभालकर्ताओं की काउंसलिंग, समय पर रेफरल और स्वास्थ्य विभाग के साथ घनिष्ठ समन्वय के कारण संभव हुआ है।

इसके अतिरिक्त टेक-होम राशन (THR) के पारदर्शी वितरण और आंगनवाड़ी केंद्रों में रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए पोषण ट्रैकर से एकीकृत फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) का उपयोग किया जा रहा है, जिसके माध्यम से लाभार्थियों की चेहरे की पहचान के जरिए सत्यापन किया जाता है। इससे 100 प्रतिशत लाभार्थियों का प्रमाणीकरण सुनिश्चित हुआ है।

सप्ताह में दो बार अंडे और केले के रूप में अतिरिक्त पोषण सहायता तथा मिलेट आधारित पोषक बर्फी प्रदान किए जाने से भी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विसंगतियों के मामलों में आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की गई है, साथ ही क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं की क्षमता वृद्धि हेतु नियमित प्रशिक्षण भी आयोजित किए जा रहे हैं। पोषण साथी पेशेवरों की सहभागिता से निगरानी तंत्र को और मजबूत किया गया है तथा आंकड़ों और सेवा वितरण का रियल-टाइम सत्यापन सुनिश्चित हुआ है।

इसी के साथ आधारभूत ढांचे को भी सुदृढ़ किया गया है। 152 आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों में उन्नत किया गया है और 40 को मॉडल आंगनवाड़ी केंद्रों के रूप में विकसित किया गया है, जिनमें बेहतर प्रारंभिक बाल शिक्षा (ECCE) सुविधाएं और बाल-अनुकूल अवसंरचना उपलब्ध कराई गई है। लगभग 30,821 लाभार्थियों को सप्ताह में दो बार अंडे और केले दिए जा रहे हैं तथा 12,810 लाभार्थियों—जिनमें गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं और कुपोषित बच्चे शामिल हैं—को मिलेट आधारित पोषक बर्फी प्रदान की जा रही है।

प्रशासन ने सेवा वितरण और निगरानी को सुदृढ़ करने के लिए पोषण साथी कार्यक्रम जैसी पहल भी शुरू की है। इसके अतिरिक्त 29 सितंबर 2025 को AIMS मोहाली के सहयोग से शुरू की गई “पोषण अमृत वन” पहल के माध्यम से कमजोर शिशुओं के लिए सुरक्षित रूप से स्तन दूध का संग्रहण और आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

निगरानी, अवसंरचना सुदृढ़ीकरण और पोषण सहायता के इन प्रयासों के माध्यम से यूटी चंडीगढ़ कुपोषण मुक्त केंद्र शासित प्रदेश बनने की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है।

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CITCO Celebrates International Women’s Day with Enthusiasm and Festivity

Chandigarh, March 9: The Chandigarh Industrial and Tourism Development Corporation (CITCO) celebrated International Women’s Day with great enthusiasm and festive spirit at the Ballroom of Hotel Mountview. The celebration brought together women employees from across CITCO’s various establishments, including its hotels, units, and petrol stations, in a vibrant gathering dedicated to honouring womanhood and fostering camaraderie.

The event featured a special luncheon for all the women employees, followed by a lively DJ session, dance, and fun-filled activities. The highlight of the celebration was a cake-cutting ceremony, symbolizing appreciation and recognition of the valuable contribution made by women employees towards the organization’s growth and success.

The atmosphere at the Ballroom was filled with joy and togetherness as participants engaged in music, dance, and informal interactions, making the occasion truly memorable. The initiative provided a platform for women employees from different CITCO establishments to connect, celebrate, and share the spirit of unity.

CITCO organizes such celebrations every year to encourage its women workforce and provide them an opportunity to come together and celebrate the strength, achievements, and spirit of womanhood. The corporation firmly believes in promoting an inclusive and supportive work environment where women are recognized and encouraged to excel in their professional roles.

To mark the occasion, CITCO also extended special discounts for women guests on room bookings and food at its hotels, enabling more women patrons to be a part of the celebrations and enjoy CITCO’s hospitality.