चण्डीगढ़, 15.03.26- : पीजीजीसी, सेक्टर 46 के वाणिज्य स्नातकोत्तर विभाग, व्यवसाय प्रशासन विभाग और कंप्यूटर अनुप्रयोग विभाग ने उद्योग निदेशालय, चंडीगढ़ के तत्वावधान में क्षेत्रीय उद्यमिता विकास केंद्र के सहयोग से दो दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम संस्थान नवाचार परिषद के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों में उद्यमशीलता कौशल विकसित करना, स्वरोजगार को बढ़ावा देना और बेरोजगारी को कम करना, व्यावसायिक विचारों में नवाचार और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना, व्यवसाय नियोजन और प्रबंधन के बारे में ज्ञान प्रदान करना, प्रतिभागियों को बाजार के अवसरों और जोखिमों को समझने में मदद करना और आर्थिक एवं औद्योगिक विकास को समर्थन देना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय की प्रधानाचार्य प्रोफेसर (डॉ.) निशा अग्रवाल ने किया और छात्रों को इसमें सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। प्रथम दिन के मुख्य वक्ता भारतीय स्टेट बैंक के पूर्व अधिकारी जितेंद्र कुमार थे। प्रतिभागियों को भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुद्रा ऋण और उद्यमिता स्थापित करने के लिए केवीआईसी पोर्टल पर आवेदन करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। दूसरे दिन प्रतिभागियों को पांच बार राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित परमजीत सिंह, क्षेत्रीय उद्यमिता विकास केंद्र, चंडीगढ़ के प्रधान निदेशक से बातचीत करने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने उद्यम मूल्यांकन और परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के बारे में सीखा।
खादी और ग्राम उद्योग आयोग (केवीआईसी) के अधिकारियों ने उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में भी बताया। उद्यमिता विकास कार्यक्रम में कॉलेज के सभी विभागों के 110 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का समापन कॉलेज के उप-प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन वाणिज्य विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सुरिंदर कौर और व्यवसाय प्रशासन एवं कंप्यूटर अनुप्रयोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश चौहान द्वारा किया गया था।