सतलुज महाआरती के साथ नलवाड़ी मेले में जुड़ेगा नया अध्याय

बिलासपुर, 14 मार्च-जिला बिलासपुर का ऐतिहासिक राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026 इस वर्ष एक नई और अनूठी परंपरा की शुरुआत का साक्षी बनने जा रहा है। मेले के शुभारंभ अवसर पर पहली बार गोविंद सागर झील के तट पर बनारस की तर्ज पर भव्य सतलुज महाआरती का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा इस विशेष आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और इसे नलवाड़ी मेले के प्रमुख आकर्षण के रूप में विकसित किया जा रहा है।

यह भव्य सतलुज महाआरती 17 मार्च को सायं 5:00 बजे लुहणु घाट पर आयोजित की जाएगी, जिसमें श्रद्धालु आध्यात्मिक वातावरण में इस अद्भुत आयोजन का साक्षात्कार कर सकेंगे।

उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने अपनी टीम के साथ गोविंद सागर झील के किनारे लुहणु घाट स्थित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आयोजन के लिए उपयुक्त स्थान का चयन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम को भव्य, आकर्षक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी की जाएं, ताकि यह आयोजन जिले की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई प्रदान कर सके।

सतलुज महाआरती को पारंपरिक और आध्यात्मिक गरिमा के साथ आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ काशी से आमंत्रित प्रसिद्ध पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ आरती संपन्न करवाई जाएगी। महाआरती के दौरान गोविंद सागर झील के तट को रंग-बिरंगी रोशनी, दीपों और विशेष सजावट से अलंकृत किया जाएगा, जिससे वातावरण आध्यात्मिक और भव्य दिखाई देगा।

इस आयोजन के साथ ही भक्ति और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण भजन संध्या का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें हिमाचल प्रदेश के सुप्रसिद्ध भजन गायक अभिषेक सोनी अपनी मधुर प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रभु भक्ति का रस बिखेरेंगे। भजन संध्या के दौरान श्रद्धालु और दर्शक भक्ति संगीत का आनंद लेते हुए महाआरती के दिव्य वातावरण का अनुभव कर सकेंगे।

उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि सतलुज महाआरती का उद्देश्य न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देना है, बल्कि बिलासपुर की पहचान को पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में भी सुदृढ़ करना है। उन्होंने बताया कि नलवाड़ी मेला जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और इसमें इस प्रकार के नवीन आयोजनों को शामिल करने से मेले की भव्यता और आकर्षण में और वृद्धि होगी।

उन्होंने समस्त जिला वासियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों से आह्वान किया कि वे इस ऐतिहासिक और दिव्य आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इसे सफल बनाएं और इस अनूठी परंपरा के साक्षी बनें।

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बिलासपुर में मादक द्रव्य एवं मनोप्रभावी पदार्थ अधिनियम के प्रावधानों पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

बिलासपुर-जिला मुख्यालय बिलासपुर के बचत भवन में अभियोजन निदेशालय हिमाचल प्रदेश द्वारा मादक द्रव्यों से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रियाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आयोजित कार्यशाला में मादक पदार्थों की जब्ती के बाद अपनाई जाने वाली सीलिंग, नमूना संग्रहण तथा विधिसम्मत नष्ट करने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।

यह कार्यशाला हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित छठी राज्य स्तरीय एनकॉर्ड समिति के तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की।

कार्यशाला में अभियोजन निदेशक हिमाचल प्रदेश संजीव कटोच, पुलिस अधीक्षक बिलासपुर संदीप धवल संयुक्त संयुक्त निदेशक अभियोजन रणदीर परमार, जिला न्यायवादी बिलासपुर सी. एस. भाटिया जिला न्यायवादी बिलासपुर, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, हमीरपुर, ऊना, सीलन व शिमला तथा इन जिलों के जिला न्यायवादी व सहायक जिला न्यायवादी और सैमिनार के विशेषज्ञ राकेश सोनी तथा भीष्म चंद जिला न्यायवादी हायर एजुकेशन शिमला उपस्थित रहे।

विशेषज्ञ अधिकारियों ने प्रतिभागियों को बताया कि मादक द्रव्य एवं मनोप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के अंतर्गत इन प्रक्रियाओं का सही ढंग से पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कार्यशाला के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए मादक पदार्थों के सुरक्षित संरक्षण, उनके नमूनों के सही तरीके से संग्रहण तथा निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार उनके निस्तारण की व्यवस्था न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है। यदि इन प्रक्रियाओं का विधिसम्मत तरीके से पालन किया जाए तो अदालत में मामलों की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों की विश्वसनीयता बनी रहती है और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है।

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में जांच के दौरान साक्ष्य संरक्षण, दस्तावेजीकरण और निर्धारित कानूनी औपचारिकताओं का पालन अत्यंत आवश्यक है। इससे जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनती है तथा न्यायालय में मामलों के निपटारे में भी सुविधा होती है।
कार्यशाला के माध्यम से अधिकारियों को अधिनियम के प्रावधानों और उनसे संबंधित प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों के प्रभावी निपटान में सहायता मिल सके।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि जिले में एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत वर्तमान में 570 मामले लंबित हैं, जबकि अब तक 51 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इन मामलों के प्रभावी निपटान के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है।

अभियोजन निदेशक हिमाचल प्रदेश संजीव कटोच ने अधिनियम के क्रियान्वयन में आने वाली कमियों को दूर करते हुए यदि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तो एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े मामलों के निपटान में और अधिक प्रगति सुनिश्चित की जा सकती है।

बैठक में सभी जिलों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला-2026 के लिए जाहन्वी शर्मा ने बनाया सबसे बेहतरीन लोगो
प्रथम पुरस्कार के तौर पर मिलेगा 11 हजार रूपये का ईनाम, मेले का बनेगा अधिकारिक लोगो
उपायुक्त राहुल कुमार ने लोगो डिजाइन प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए प्रतिभागियों का जताया आभार
बिलासपुर, 14 मार्च: राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला बिलासपुर-2026 के लिए आयोजित की गई लोगो डिजाइन प्रतियोगिता में जाहन्वी शर्मा ने सबसे बेहतरीन लोगो तैयार कर प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। जाहन्वी शर्मा द्वारा तैयार यह लोगो अब मेले का आधिकारिक लोगो बनेगा।
इस बारे जानकारी देते हुए उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला बिलासपुर-2026 के लिए लोगो तैयार करने को लोगो डिजाइन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में जिला बिलासपुर के विभिन्न स्थानों से प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया।
उन्होंने बताया कि प्राप्त लोगो की प्रविष्टियों के चयन के लिए सहायक आयुक्त राजकुमार की अध्यक्षता में एक मूल्यांकन कमेटी का गठन किया गया। जिसमें जिला लोक संपर्क अधिकारी राजेश जसवाल सदस्य सचिव तथा जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल तथा डी.पी.ई. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्रा) बिलासपुर के विकास पुंडीर बतौर सदस्य शामिल रहे।
राहुल कुमार ने बताया कि लोगो डिजाइन प्रतियोगिता की इस चयन समिति ने पहले तीन स्थान प्राप्त करने वाले लोगो का चयन कर लिया है। जिसमें जाहन्वी शर्मा का लोगो पहले, संजय कुमार का लोगो दूसरे तथा दिव्यांशु शर्मा का लोगो तीसरे स्थान पर रहा है। उन्होंने बताया कि लोगो डिजाइन प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः 11 हजार, 51 सौ तथा 21 सौ रुपये का इनाम दिया जाएगा। साथ ही सबसे बेहतरीन लोगो को अब मेले का आधिकारिक लोगो भी बनाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त लोगो डिजाइन प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए एक-एक हजार रुपये के दस सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि सांत्वना पुरस्कार प्राप्त करने वालों में निखिल जम्वाल, निखिल राणा, डाॅ. तरूण सोनी, दिशा कुमारी, ईशा देवी, मोहम्मद ईसान, अर्शित चैहान, ज्योति जम्वाल, शानवी तथा सुप्रिया शामिल है।
उपायुक्त ने राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला को लेकर आयोजित लोगो डिजाइन प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए सभी प्रतिभागियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि लोगो डिजाइन प्रतियोगिता के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी सृजनात्मक क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हुआ है, जो नलवाड़ी मेले जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के आयोजन के प्रचार-प्रसार में भी सहायक सिद्ध होगा।