जिला प्रशासन बिलासपुर ने ‘शिखर: साइबर चक्रव्यूह’ दिशा-निर्देशों का किया शुभारंभ
किशोरों, विद्यालयों, अभिभावकों और शिक्षकों को डिजिटल युग में सुरक्षित कार्य करने को प्रदान करेगा व्यावहारिक उपकरण
किशोरों की ऑनलाइन एवं साइबर सुरक्षा को मिलेगा बल
बिलासपुर, 23 मार्च: जिला प्रशासन बिलासपुर ने किशोरों की ऑनलाइन एवं साइबर सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘शिखर: साइबर सेफ्टी गाइडलाइन्स फॉर एडोलसेंट्स’ जारी किया। यह पहल राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर चल रहे साइबर सुरक्षा कार्यक्रमों के साथ मिलकर किशोरों में डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का कार्य करेगी। इस पहल का शुभारंभ उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने आज बचत भवन बिलासपुर में किया।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक संदीप धवल, अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर, रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव अमित कुमार, मातृ सुधा के निदेशक अरविंद सिंह तथा इंडिपेंडेंट थॉट के संस्थापक डॉ. विक्रम श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।
‘शिखर’ जिसका पूर्ण रूप है सेफ हैबिट्स फॉर इंटरनेट नॉलेज, हेल्थी अवेयरनेस एंड रिस्पांसिबिलिटी एक व्यापक रूपरेखा के रूप में विकसित किया गया है। जिसका उद्देश्य किशोरों, विद्यालयों, अभिभावकों और शिक्षकों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रूप से कार्य करने के लिए व्यावहारिक उपकरण प्रदान करना है। इन दिशा-निर्देशों में डिजिटल जागरूकता, जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार और साइबर सुरक्षा से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग एवं समाधान के लिए संस्थागत व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है।
यह पहल बहु-हितधारक परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से विकसित की गई है और यह जिला प्रशासन बिलासपुर, साइबर चक्रव्यूह तथा इसके संस्थापक संगठनों मातृ सुधा और इंडिपेंडेंट थॉट के सहयोग से तैयार की गई है। साइबर चक्रव्यूह एक राष्ट्रीय मंच है, जो बच्चों और किशोरों के लिए सुरक्षित, समावेशी और जवाबदेह इंटरनेट सुनिश्चित करने की दिशा में कार्यरत है।
इस अवसर पर उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि ये दिशा-निर्देश साइबर बुलिंग, ऑनलाइन ग्रूमिंग, डेटा गोपनीयता से जुड़े खतरे और डिजिटल लत जैसी उभरती चुनौतियों को संबोधित करते हैं। साथ ही, विद्यालयों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी प्रदान करते हैं, जिससे प्रभावित छात्रों के लिए समयबद्ध रिपोर्टिंग, प्रतिक्रिया और सहायता सुनिश्चित की जा सके। यह ढांचा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा विभिन्न बाल संरक्षण और साइबर कानूनों के अनुरूप है।
पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने कहा कि शिखर दिशा-निर्देशों को बिलासपुर जिले के सभी विद्यालयों में लागू किया जाएगा, जिससे उन्हें साइबर जागरूकता, छात्र कल्याण और डिजिटल जिम्मेदारी के मॉडल संस्थान के रूप में विकसित किया जा सके। साथ ही, बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध रोकने के लिए जिला स्तर पर पुलिस प्रशिक्षण (ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर) पर भी जोर दिया जाएगा।
अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर ने अपने संबोधन में डिजिटल युग में साइबर जागरूकता के महत्व पर बल दिया और बच्चों को ऑनलाइन खतरों से सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल के माध्यम से विद्यालयों, अभिभावकों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और समुदाय की संयुक्त जिम्मेदारी को सुदृढ़ किया जाएगा।
मातृ सुधा के निदेशक एवं साइबर चक्रव्यूह के सह-संस्थापक अरविंद सिंह ने इस पहल की सहयोगात्मक प्रकृति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सरकार, गैर-सरकारी संगठनों और युवा नेतृत्व को साथ लाकर शिखर अभिभावकों, शिक्षकों और छात्रों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के लिए सशक्त बनाएगा। वहीं डॉ. विक्रम श्रीवास्तव ने भी इस पहल की सराहना करते हुए बताया कि यह दिशा-निर्देश परिवारों और शिक्षकों को बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेंगे।
रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव अमित कुमार ने बताया कि इस पहल के कार्यान्वयन के लिए जिला रेड क्रॉस सोसायटी को नोडल एजेंसी बनाया गया है। यह पहल हिमाचल प्रदेश में किशोरों और युवाओं के लिए साइबर सुरक्षा के राज्य स्तरीय प्रयासों को भी सुदृढ़ करेगी।
इस अवसर की एक प्रमुख विशेषता एक जागरूकता संगीत वीडियो का विमोचन भी रहा, जिसे ‘साइबर योद्धा’ मास्टर कर्ण श्रीवास्तव, 16 वर्षीय किशोर द्वारा तैयार किया गया है। यह वीडियो युवाओं की भागीदारी और जिम्मेदार डिजिटल नागरिकता को बढ़ावा देने का प्रतीक है।

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राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला में परिवहन विभाग ने स्थापित किया है जागरूकता स्टॉल
सड़क सुरक्षा नियमों, यातायात के प्रति जिम्मेदार व्यवहार तथा सुरक्षित वाहन संचालन बारे किया जा रहा जागरूक
बिलासपुर, 23 मार्च: राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026 के अवसर पर परिवहन विभाग, बिलासपुर द्वारा एक जागरूकता स्टॉल स्थापित किया गया है। इस स्टॉल के माध्यम से आमजन को सड़क सुरक्षा नियमों, यातायात के प्रति जिम्मेदार व्यवहार तथा सुरक्षित वाहन संचालन के बारे में जानकारी प्रदान की जा रही है।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राजेश कौशल ने बताया कि स्टॉल पर आने वाले लोगों को हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व, निर्धारित गति सीमा का पालन, नशे की हालत में वाहन न चलाने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा “गुड सेमेरिटन (राह-वीर) योजना” के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की सहायता करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित किया जाता है। साथ ही, लोगों को दुर्घटना की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना देने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
परिवहन विभाग का यह प्रयास मेले में आए लोगों तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाने और दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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‘शिखर: साइबर सेफ्टी गाइडलाइन्स फॉर एडोलसेंट्स’

उपायुक्त बिलासपुर श्री राहुल कुमार जी ने आज बचत भवन में ‘शिखर: साइबर सेफ्टी गाइडलाइन्स फॉर एडोलसेंट्स’ को किया जारी। किशोरों की ऑनलाइन एवं साइबर सुरक्षा होगी सुदृढ़ तथा विद्यालयों, अभिभावकों और शिक्षकों को डिजिटल युग में सुरक्षित कार्य करने को प्रदान करेगा व्यावहारिक उपकरण..........इस अवसर साइबर सुरक्षा को लेकर एक जागरूकता संगीत वीडियो का भी विमोचन किया जिसे 16 वर्षीय किशोर ‘साइबर योद्धा’ मास्टर कर्ण श्रीवास्तव ने तैयार किया है......आईए इसे आप भी देखिए और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनें।

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अपना घर वृद्धाश्रम एवं डे-केयर सेंटर, देयोली (बिलासपुर) के वरिष्ठ नागरिकों को नलवाड़ी मेला, लुहणू ग्राउंड, बिलासपुर का भ्रमण करवाया

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हिमाचल प्रदेश के तत्वावधान में जिला कल्याण अधिकारी, बिलासपुर द्वारा अपना घर वृद्धाश्रम एवं डे-केयर सेंटर, देयोली (बिलासपुर) के वरिष्ठ नागरिकों को नलवाड़ी मेला, लुहणू ग्राउंड, बिलासपुर का भ्रमण करवाया गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया, जहां समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प उत्पादों को प्रदर्शित किया गया था। वरिष्ठ नागरिकों ने इन उत्पादों में गहरी रुचि दिखाई तथा स्वरोजगार के नए आयामों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों ने “कहलूर दर्शन” का भी अवलोकन किया, वरिष्ठ नागरिकों ने जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नजदीक से देखा और सराहा।
भ्रमण के दौरान वरिष्ठ नागरिकों ने नलवाड़ी मेले में पारंपरिक व्यंजनों का भी आनंद लिया, जिससे वे अत्यंत उत्साहित और प्रसन्न नजर आए। साथ ही, उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जागरूकता स्टॉलों का भी दौरा किया, जहां उन्हें साइबर सुरक्षा, डिजिटल धोखाधड़ी, सड़क सुरक्षा तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम के दौरान जिला कल्याण अधिकारी श्री आर.सी. बंसल तथा अपना घर वृद्धाश्रम, देओली के अध्यक्ष श्री प्रकाश बंसल भी उपस्थित रहे और उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों का उत्साहवर्धन किया।
यह पहल वरिष्ठ नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने, उनके कौशल विकास को बढ़ावा देने तथा समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास सिद्ध हो रही है।