कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी ने बैसाखी के अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा डलहौजी में माथा टेका
चंबा (बनीखेत), अप्रैल 14-नगर एवं ग्राम योजना, आवास तथा तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी आज चंबा जिला के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल डलहौजी पहुंचे।
उन्होंने इस दौरान बैसाखी के पावन अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, डलहौजी में माथा टेककर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की मंगलकामना की तथा गुरुद्वारा साहिब में शब्द-कीर्तन का श्रवण भी किया।
राजेश धर्माणी को गुरुद्वारा प्रबंधन समिति की ओर से सिरोपा तथा तलवार भेंट कर सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री आशा कुमारी, अध्यक्ष भलेई माता मंदिर प्रबंधन समिति कमल ठाकुर, एसडीएम अनिल भारद्वाज, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण जीत सिंह ठाकुर, डीएसपी मयंक शर्मा सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी और क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने राजीव गांधी बहु तकनीकी संस्थान बनीखेत का किया दौरा
गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन के लिए तकनीकी शिक्षा महत्वपूर्ण
बहु तकनीकी संस्थान बनीखेत में कंप्यूटर आधारित टेस्ट सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया की जाए शुरू–राजेश धर्माणी
चंबा (बनीखेत), अप्रैल 14-नगर एवं ग्राम योजना, आवास तथा तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज डलहौजी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजीव गांधी बहु तकनीकी संस्थान बनीखेत (कंडा) का दौरा कर विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा संस्थान प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को उपलब्ध करवाई जा रही विभिन्न सुविधाओं का भी निरीक्षण किया।
राजेश धर्माणी ने इस अवसर पर संस्थान प्रबंधन के साथ आयोजित बैठक के दौरान शिक्षक वर्ग से आह्वान करते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन तैयार करना अत्यंत आवश्यक है और इसमें तकनीकी शिक्षा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
उन्होंने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का परामर्श देते हुए बच्चों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर उन्हें नई तकनीक, नवाचार, वैश्विक अवसर के बारे में भी जानकारी उपलब्ध करवाने को कहा।
कैबिनेट मंत्री ने संस्थान के भवन में उपलब्ध स्थान का पूर्ण सदुपयोग सुनिश्चित करने के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्ट सेंटर (सीबीटी) स्थापित करने की प्रक्रिया आरंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे न केवल विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
उन्होंने संस्थान प्रबंधन को बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश भी दिए साथ में संस्थान परिसर के समीप भूमि कटाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए उन्होंने लोक निर्माण विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया।
तकनीकी शिक्षा मंत्री का इससे पहले संस्थान के प्रधानाचार्य ने स्वागत करते हुए पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अर्जित उपलब्धियों तथा आवश्यकताओं की जानकारी साझा की।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री आशा कुमारी,
अध्यक्ष भलेई माता मंदिर प्रबंधन समिति कमल ठाकुर, पूर्व अध्यक्ष जिला परिषद धर्म सिंह पठानिया, एसडीएम अनिल भारद्वाज, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिमुडा सुरेंद्र विशिष्ट, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण जीत सिंह ठाकुर, डीएसपी मयंक शर्मा, प्रधानाचार्य राजीव गांधी बहु तकनीकी संस्थान दीपक अंगारा सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी संस्थान के शिक्षक एवं प्रशिक्षु तथा क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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प्रदेश का सुनियोजित विकास राज्य सरकार की उच्च प्राथमिकता- राजेश धर्माणी
निर्माण नियमों की अनुपालना के लिए बनेगा रीजनल प्लान
चंबा (बनीखेत) 14 अप्रैल -नगर एवं ग्राम योजना, आवास तथा तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज डलहौजी मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में भवनों के सुनियोजित निर्माण तथा आवासीय कॉलोनियों के व्यवस्थित विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में एक समग्र रीजनल प्लान तैयार किया जा रहा है। इस दिशा में प्रारंभिक चरण में प्रदेश के 6 जिलों में कार्य आरंभ कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार द्वारा इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ आर्किटेक्ट (आईआईए) एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों में नियमों के अनुपालना को सुनिश्चित करना है ताकि भूकंप जैसी आपदा की स्थिति में लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाया जा सके।
नगर एवं ग्राम योजना मंत्री ने कहा कि चूंकि हिमाचल प्रदेश भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील एवं आपदा संभावित क्षेत्र है। ऐसे में प्रदेशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्माण कार्यों में निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने गत वर्ष निर्णय लिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में 1000 वर्ग मीटर तथा शहरी क्षेत्रों में 600 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले प्लॉटों पर भी टीसीपी एक्ट लागू किया जाए।
उन्होंने बताया कि टीसीपी विभाग के अधिकारियों का एक उड़न दस्ता गठित किया जाएगा जो फील्ड में जाकर नियमों की जांच करेंगे तथा त्रुटि पाई जाने की अवस्था में आवश्यक कार्रवाई करेगा ।
कैबिनेट मंत्री ने साथ यह भी कहा कि प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि भविष्य में रियल एस्टेट परियोजनाओं के लिए ईसी जारी करते समय पेयजल एवं सड़क सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, पहले से निर्माणाधीन परियोजनाओं की जांच के लिए एक पृथक समिति का गठन किया गया है, जिसमें टीसीपी, जल शक्ति विभाग, हिमुडा तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य भविष्य में चेस्टर हिल जैसी त्रुटियों की पुनरावृत्ति को रोकना है, ताकि अन्य परियोजनाओं में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री आशा कुमारी,
अध्यक्ष भलेई माता मंदिर प्रबंधन समिति कमल ठाकुर, पूर्व अध्यक्ष जिला परिषद धर्म सिंह पठानिया, एसडीएम अनिल भारद्वाज, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिमुडा सुरेंद्र विशिष्ट, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण जीत सिंह ठाकुर, डीएसपी मयंक शर्मा उपस्थित रहे ।