चंडीगढ़, 24 जुलाई। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि आज खराब शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक को लेकर युवाओं में खासा रोष है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा न जाए, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानून बनाना चाहिए। दुष्यंत ने सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि जैसे करेंसी एक्ट के तहत नकली नोट छापने पर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है, उसी तर्ज पर पेपर लीक करने वालों के खिलाफ भी सख्त कानून बनाया जाए। शुक्रवार को पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला करनाल में जेजेपी बीएलए-2 की बैठक के उपरांत पत्रकारों से रूबरू थे।

पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट केवल एक दिशा है, लेकिन इससे पहले सरकार को एक मजबूत कानून पेपर लीक के खिलाफ लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक पेपर लीक पर दो साल तक की सजा और पांच-दस लाख रुपए का जुर्माना देकर दोषियों को रिहा कर देने का प्रावधान रहेगा, तब तक पेपर लीक करने वाले गिरोह अपनी हरकतों से बाज नहीं आएंगे। दुष्यंत चौटाला ने सवाल पूछते हुए कहा कि हरियाणा में न्यायपालिका, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग, पुलिस सहित अनेक परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे, लेकिन किसको क्या सजा मिली, ये सरकार बताएं ? दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सरकार को ऊपर से लेकर नीचे तक पेपर लीक के लिए जिम्मेवार लोगों पर कड़ा एक्शन लेना होगा, तभी इन गतिविधियों पर रोक लगेगी। इस मामले पर प्रधानमंत्री के संज्ञान के सवाल पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पीएम को बिना देरी किए इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेना था। उन्होंने कहा कि जिस दिन नीट का पेपर लीक हुआ और उसके बाद 22 छात्रों ने अपनी जान दी, उसी दौरान प्रधानमंत्री तुरंत इस मसले पर संज्ञान ले लेते तो आज आधी रात को आकर उन्हें देश को संबोधित करने की जरूरत नहीं पड़ती।

एक सवाल के जवाब में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के खुद के वित्त विभाग में हजार करोड़ रुपए का घोटाला हो रखा है, लेकिन सीएम ने आज तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की खामोशी यह दर्शाती है कि यह चोरी सीएम के संज्ञान में थी और वे दोषियों को बचाने का काम कर रहे है, अगर सीएम इतने ही गंभीर होते तो सबसे पहले ये जांच करवाते कि इन छोटे बैंकों को पैसा देने की किसने अनुमति दी और उनके खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई है ? इससे पहले दुष्यंत चौटाला, जेजेपी प्रदेश अध्यक्ष बृज शर्मा व अन्य वरिष्ठ नेताओं ने बैठक में जेजेपी बीएलए-2 को आवश्यक दिशा निर्देश दिए और देश व प्रदेश के मौजूदा हालातों पर चर्चा की।