कैथल,13.08.26- : गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। जनभागीदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के माध्यम से पंचायतें अपने गांवों में विकास की नई तस्वीर प्रस्तुत कर सकती हैं। यह बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान, नीलोखेड़ी के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने जिला परिषद सभागार, कैथल में आयोजित जिला स्तरीय पंच सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर जिला परिषद कैथल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेश रविश, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी अनु टोंक, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी रीतू तथा अतिरिक्त खंड कार्यक्रम अधिकारी सुरेश एवं प्रियंका ने डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान का स्वागत किया। डॉ. चौहान ने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम-2025 ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जो गांवों में रोजगार के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण, पारदर्शिता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को बढ़ावा देता है।
इस अवसर पर कैथल जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए सरपंच, पंच, ग्राम सचिव, जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य तथा विकसित भारत–जी राम जी की टीम के सदस्य उपस्थित रहे।