प्रदेश का पहला आइलैंड टूरिज्म प्रोजेक्ट बिलासपुर के ज्योरी पत्तन में जल्द होगा शुरू: राहुल कुमार
उपायुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित, स्टेकहोल्डर्स की समस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा
बिलासपुर, 25 जुलाई: उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का पहला आइलैंड टूरिज्म प्रोजेक्ट जिला बिलासपुर की गोविंद सागर झील स्थित ज्योरी पत्तन में आगामी एक माह के भीतर पर्यटकों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से बिलासपुर को इको टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स, एयरो स्पोर्ट्स और एडवेंचर टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उपायुक्त आज यहां सोसायटी फॉर टूरिज्म, स्पोर्ट्स, ट्रेड एंड एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उपायुक्त ने कहा कि आइलैंड टूरिज्म परियोजना के तहत गोविंद सागर झील के मध्य स्थित प्राकृतिक द्वीपों को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पर्यटकों के लिए आधुनिक एवं आरामदायक आवास की व्यवस्था होगी, जहां वे प्राकृतिक वातावरण के बीच सुकून भरा समय व्यतीत कर सकेंगे। पर्यटकों को नाश्ता, दोपहर एवं रात्रि भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें स्थानीय व्यंजनों को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा ताकि वे बिलासपुर की समृद्ध खानपान संस्कृति का अनुभव कर सकें।
उन्होंने कहा कि पर्यटक यहां प्री-वेडिंग शूट, फिशिंग, स्थानीय दर्शनीय स्थलों का भ्रमण तथा प्रकृति की गोद में विभिन्न साहसिक एवं मनोरंजक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। स्थानीय कलाकारों द्वारा लोक संगीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे, जिससे पर्यटक हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं से भी रू-ब-रू हो सकेंगे।
राहुल कुमार ने कहा कि स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि उत्पादों तथा अन्य पारंपरिक उत्पादों के विक्रय के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। इससे स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और उद्यमियों को अपने उत्पाद सीधे पर्यटकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। यह परियोजना स्थानीय रोजगार, स्वरोजगार तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर में गोविंद सागर झील के प्रमुख द्वीपों ज्योरी पत्तन, धररसानी और भोलू को अंडमान एवं निकोबार की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। यह हिमाचल प्रदेश की अपनी तरह की पहली पर्यटन पहल होगी, जो राज्य के पर्यटन क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगी।
बैठक में मंडी-भराड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। हितधारकों ने वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को लेकर स्थानीय स्तर पर आ रही समस्याओं बारे अवगत करवाया। उपायुक्त ने एसडीएम झंडूता को वॉटर स्पोर्ट्स के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि इस संबंध में बीबीएमबी के अधिकारियों के साथ अलग से बैठक आयोजित कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले उद्यमियों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
इसके अतिरिक्त बैठक में कोल डैम तथा नकराणा क्षेत्र में वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के विस्तार की संभावनाओं को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को पर्यटन से जुड़े सभी प्रस्तावों को समयबद्ध आगे बढ़ाने तथा इस संबंध में आवश्यक समन्वय स्थापित करने को भी कहा ताकि बिलासपुर को पर्यटन की दृष्टि से आगे बढ़ाया जा सके।
बैठक में एडीसी रुपिंदर कौर, एसडीएम सदर राजकुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारक मौजूद रहे।
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स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, जेम एवं सीपीपी पोर्टल विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
उद्योग विभाग के सौजन्य से घुमारवीं में हुआ आयोजन, 70 से अधिक एमएसएमई उद्यमियों ने लिया भाग
बिलासपुर, 25 जुलाई: उद्योग विभाग के रैंप कार्यक्रम के अंतर्गत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए आज घुमारवीं में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, जेम एवं सीपीपी पोर्टल विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देना और सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में उद्यमियों की भागीदारी सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र बिलासपुर मनोज कुमार और एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम डोगरा ने की। कार्यशाला में जिला भर के लगभग 70 से अधिक एमएसएमई उद्यमियों ने भाग लिया और तकनीकी सत्रों में सक्रिय रूप से चर्चा की।
कार्यशाला के पहले सत्र का संचालन प्रशिक्षक कोविद शर्मा ने किया गया। उन्होंने उद्योग 4.0 की प्रमुख अवधारणाओं पर प्रकाश डाला। इसमें इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ऑटोमेशन, डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया, उत्पादकता वृद्धि, गुणवत्ता सुधार और लागत अनुकूलन जैसे विषयों को व्यावहारिक उदाहरणों के साथ समझाया गया। उद्यमियों को बताया गया कि कैसे कम लागत में तकनीक अपनाकर वह अपने उत्पादों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं।
इसी प्रकार दूसरे सत्र में जेम विशेषज्ञ संजय शर्मा और अविनाश शर्मा ने जेम पोर्टल पर पंजीकरण और ऑनबोर्डिंग, बोली प्रक्रिया, अनुपालन आवश्यकताएं, एमएसएमई अनुकूल प्रावधान, भुगतान तंत्र और सरकारी प्लेटफॉर्मों के माध्यम से उपलब्ध खरीद अवसरों की विस्तृत जानकारी दी। उद्योग विभाग की ओर से जेम विशेषज्ञ अमित कुमार ने मौके पर उद्यमियों का जेम पोर्टल पर पंजीकरण भी करवाया गया।
इस अवसर पर महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र मनोज कुमार ने उद्यमियों को बताया कि सभी एमएसएमई को जेम पोर्टल पर पंजीकरण अवश्य करवाना चाहिए। सरकार स्वयं जेम के माध्यम से सीधे सामान खरीदती है। यह एमएसएमई के लिए एक बड़ा बाजार उपलब्ध कराता है और भुगतान भी समय पर सुनिश्चित होता है।
इस अवसर पर एसोसिएशन अध्यक्ष प्रेम डोगरा ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं उद्यमियों को नई तकनीक और सरकारी योजनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यशाला में प्रश्नोत्तर और संवाद सत्र का भी आयोजन किया गया। जिसमें जेम पोर्टल पर पहले से पंजीकृत प्रतिभागियों ने अपना अनुभव साझा किया और नए उद्यमियों को पंजीकरण व बोली प्रक्रिया के लाभ बताए।
कार्यशाला में उद्योग केन्द्र बिलासपुर से संस्कृति शर्मा, संगीता सोनी, सुनीता, राहुल डाबरा एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
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जबली अनुभाग के अंतर्गत आसपास के क्षेत्रों में बाधित रहेगी बिजली आपूर्ति
बिलासपुर 25 जुलाई: सहायक अधिशाषी अभियंता विद्युत उप मण्डल-। ई. सन्नी जगोता ने जानकारी देते हुए बताया कि 26 जुलाई को जबली अनुभाग के 11 केवी फीडर कोठीपुरा के अंतर्गत जेएनवी सपर के साथ लगती 33 केवी लाइन जबली से नम्होल पर बिजली की लाइनों पर आवश्यक कार्य किया जाना है। जिसके चलते साथ लगते कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
उन्होंने बताया कि 26 जुलाई को जबली अनुभाग के 1 अंतर्गत आने वाले क्षेत्र जवाहर नवोदय विद्यालय, चंगरपलासनी तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि शटडाउन मौसम पर निर्भर रहेगा तथा लोगों से सहयोग की अपील की है।
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मंडे रिव्यू बैठक की समीक्षा को लेकर उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक आयोजित
जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण और विकास परियोजनाओं की प्रभावी निगरानी पर दिया जोर
बिलासपुर, 25 जुलाई: उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में आज मंडे रिव्यू बैठक की समीक्षा को लेकर जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा मंडे रिव्यू बैठक के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुपालन, जन शिकायतों के निस्तारण, विकास योजनाओं की प्रगति, ई-समाधान पोर्टल, ई-ऑफिस प्रणाली, मुख्यमंत्री सेवा संकल्प-1100 हेल्पलाइन तथा जिला एवं उपमंडल स्तर पर संचालित विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि मंडे रिव्यू बैठक व्यवस्था का उद्देश्य जन शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना, विकास कार्यों की नियमित निगरानी करना तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही लाना है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे।
बैठक में ई-समाधान पोर्टल, ई-ऑफिस प्रणाली तथा मुख्यमंत्री सेवा संकल्प-1100 हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी विभाग पूर्ण रूप से ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से कार्य करें, जिससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सकें। उन्होंने विशेष रूप से 100 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने मुख्यमंत्री सेवा संकल्प-1100 हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए कहा कि विभागों में लंबित शिकायतों का समयबद्ध एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा से प्रभावित परिवारों के लिए संचालित स्पेशल रिलीफ पैकेज-2025 की भी समीक्षा की गई। इसी दौरान विशेष राजस्व लोक अदालत अभियान की भी समीक्षा की गई तथा राजस्व अधिकारियों को विभाजन (पार्टीशन), इंतकाल, राजस्व अभिलेखों में संशोधन, सीमांकन तथा अन्य लंबित राजस्व मामलों का शीघ्र निस्तारण कर लोगों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। बैठक में जिला एवं उपमंडल स्तर पर सरकार द्वारा संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की गई।