नीलोखेड़ी, 09.08.26- : उद्यमिता केवल व्यवसाय स्थापित करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार और रोजगार सृजन की सशक्त सोच है। ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयास आत्मनिर्भर हरियाणा और विकसित भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान करेंगे। ये टिप्पणी ने संस्थान में उद्यमिता विकास विषय पर आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए की।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण तभी सार्थक होता है जब उसका प्रभाव समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने महिला संसाधन व्यक्तियों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं कौशल को अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचाएं और ग्रामीण महिलाओं को सफल उद्यमी बनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि आज स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं ने आर्थिक सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम की है। प्रशिक्षित महिला संसाधन व्यक्ति इस परिवर्तन को और अधिक गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

इस अवसर पर संस्थान के सहायक आचार्य संदीप कुमार, सहायक आचार्य कमलदीप सांगवान तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं एवं अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।