बिलासपुर, 12 सितम्बर: तकनीकी, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में उप मिशन प्रमुख आर. मधु सूदन से भेंट की। बैठक में हिमाचल प्रदेश से जुड़े विभिन्न विषयों, विशेष रूप से प्रदेश के विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए जापान में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, प्रशिक्षण तथा वैश्विक अवसरों की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा हुई। जापान में भारत के उप मिशन प्रमुख आर. मधु सूदन ने हिमाचल प्रदेश से जुड़े विषयों के संदर्भ में भारतीय दूतावास की भूमिका एवं कार्यप्रणाली की जानकारी भी दी।
इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के युवाओं को जापान की तकनीकी दक्षता, कौशल विकास और नवाचार से जोड़ने की अपार संभावनाएं हैं। इससे प्रदेश के विद्यार्थियों एवं युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश के पर्यटन को जापान में बढ़ावा देने के विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि हिमाचल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और शांत वातावरण के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। धर्मशाला में परम पावन दलाई लामा जी की उपस्थिति ने हिमाचल प्रदेश को वैश्विक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि जापान में हिमाचल प्रदेश की पर्यटन क्षमता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर अधिक से अधिक जापानी पर्यटकों को हिमाचल की ओर आकर्षित करने के लिए ठोस प्रयास किए जाने पर बल दिया। हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध एवं आध्यात्मिक विरासत, साहसिक पर्यटन तथा समृद्ध हिमाचली संस्कृति जापानी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन सकती है।
श्री धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य हिमाचल के युवाओं, शिक्षा, कौशल और पर्यटन की संभावनाओं को वैश्विक मंच से जोड़ना है, ताकि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, प्रशिक्षण एवं विकास के नए अवसर सृजित हों और हिमाचल की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत हो सके।