सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध पहुंचाना सुनिश्चित करें : उपायुक्त हेमराज बैरवा
विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की उपायुक्त ने की समीक्षा
धर्मशाला, 16 सितंबर : उपायुक्त कार्यालय में आज जिला कांगड़ा में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त हेमराज बैरवा ने की। बैठक में जिला में चल रही योजनाओं, लंबित कार्यों, वित्तीय प्रगति तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई। इनमें आरजीएसए के अंतर्गत सामुदायिक सेवा केंद्रों (सीएससी) के निर्माण एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र, नवगठित ग्राम पंचायतों में पंचायत घरों के निर्माण की स्थिति, 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत व्यय, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों तथा पंचायती राज संस्थाओं से संबंधित लंबित जांच मामलों की स्थिति शामिल रही।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का शीघ्र निवारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित समयसीमा के भीतर उनका समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इन मामलों पर विशेष ध्यान देते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के तहत खंड विकास अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्लास्टिक कचरे के संग्रहण के लिए व्यवस्थित रूट प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने पंचायत स्तर पर प्लास्टिक को एकत्रित करने के साथ-साथ डोर-टू-डोर कलेक्शन की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए, ताकि प्लास्टिक कचरे का उचित संग्रहण एवं प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि प्लास्टिक प्रबंधन इकाइयों की कार्यशीलता तथा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत प्लास्टिक प्रबंधन इकाइयों, सामुदायिक स्वच्छता परिसरों, व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों तथा अन्य स्वच्छता गतिविधियों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि पंचायत स्तर पर विभिन्न प्रमाण पत्र तैयार करने तथा अन्य सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए पंचायत घरों का उपयुक्त स्थान पर होना अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नवगठित एवं विभाजित ग्राम पंचायतों के पंचायत घरों के निर्माण और भूमि संबंधी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए।
उन्होंने कहा कि पंचायत घर ऐसी जगह पर होने चाहिए, जहां ग्रामीणों को आसानी से पहुंच उपलब्ध हो और वे घर-द्वार के समीप सरकारी सुविधाओं एवं सेवाओं का लाभ उठा सकें। बैठक में नवगठित ग्राम पंचायतों के पंचायत घरों के निर्माण, भूमि चयन, अनापत्ति प्रमाण पत्र, टोकन मनी तथा अनुदान स्वीकृति से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। जिला में 81 नवगठित ग्राम पंचायतों के पंचायत घरों से संबंधित कार्यों की स्थिति भी अधिकारियों से प्राप्त की गई।
बैठक में विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी-जी रैम जी) के तहत रोजगार दिवस सृजन, लंबित कार्यों, समयबद्ध भुगतान, जियो-टैगिंग तथा जॉब कार्ड ई-केवाईसी की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि अगस्त 2026 तक जिला कांगड़ा में 2,16,087 व्यक्ति-दिवस सृजित किए गए।
इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत आवास निर्माण, प्राकृतिक आपदा से संबंधित आवासों, विशेष परियोजनाओं तथा पुराने लंबित आवासों की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में 15वें वित्त आयोग के तहत ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों की वित्तीय प्रगति की भी समीक्षा की गई।
उपयुक्त ने बताया कि 15 सितंबर 2026 तक ग्राम पंचायतों के स्तर पर कुल 241.30 करोड़ रुपये व्यय दर्ज किया गया है।
इसके साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों, क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ), बैंक ऋण संबंध, स्टार्टअप, रिवॉल्विंग फंड एवं सामुदायिक निवेश निधि तथा ‘लखपति दीदी’ से संबंधित प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई 2.0) की प्रगति पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2026-27 में संबंधित पांच ब्लॉकों के लिए कुल 433.19 लाख रुपये व्यय किए जा चुके हैं तथा व्यय की प्रगति 86 प्रतिशत दर्ज की गई है।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने अधिकारियों को विकास योजनाओं की नियमित निगरानी करते हुए लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार, जिला विकास अधिकारी (ग्रामीण विकास) अभिनीत कात्यायन, जिला पंचायत अधिकारी सचिन ठाकुर, समस्त खंड विकास अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।