चंबा, 18 सितम्बर -स्कूली शिक्षा के दौरान विद्यार्थियों को वैज्ञानिक विचारों से अवगत कराया जाए तो वे भविष्य में एक विज्ञानी के रूप में विकसित हो सकते हैं। यह बात विधायक नीरज नैय्यर ने आज पीएम श्री राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंबा में उपमंडल स्तर पर आयोजित होने वाले दो दिवसीय बाल विज्ञान कांग्रेस कार्यक्रम के शुभारभ समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए अपने संबोधन में कही।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तर्कशीलता, विश्लेषण एवं कौशल व समस्या के समाधान के लिए रचनात्मक दृष्टिकोण की भावना से संवर्धित हो सकते हैं।
नैय्यर ने कहा कि बाल विज्ञान कांग्रेस बच्चों में बदलाव लाने की एक प्रक्रिया है, जो उनमें विज्ञान की भावना व अपने दैनिक जीवन में विज्ञान की विधियों को लागू करने की क्षमता विकसित करता है। बाल विज्ञान कांग्रेस बच्चों को सूक्ष्म स्तर पर छोटी अनुसंधान गतिविधियों को पूरा करने का एक मंच है। उन्होंने वैज्ञानिक प्रतिस्पर्धा में भाग ले रहे बच्चों का हौसला अफजाई करते हुए कहा कि वैज्ञानिक क्षेत्र में अपना भविष्य उज्जवल बनाने के लिए कड़ी मेहनत करें और देश के विकास में अपना बहुमूल्य योगदान देना सुनिश्चित बनाएं।
उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र चंबा में शिक्षा के क्षेत्र में चौमुखी विकास करना सुनिश्चित बनाया जा रहा है जिससे भविष्य में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाएगी।
इस दोरान विधायक नीरज नैयर ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
इस दौरान विधायक ने विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों के द्वारा प्रस्तुत किए गए विज्ञान आधारित मॉडलों का अवलोकन भी किया।
इस दौरान उपनिदेशक उच्च शिक्षा विकास महाजन ने मुख्य अतिथि को शॉल टोपी स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया और आयोजित किये जा रहे कार्यक्रम की विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की।
राजकीय बालिका वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चंबा में आयोजित हो रहे बाल विज्ञान कांग्रेस कार्यक्रम में उप मंडल स्तर के कक्षा छठी से लेकर 12वीं तक के 154 विद्यालयों के लगभग 759 प्रतिभागी विद्यार्थी भाग ले रहे है। वैज्ञानिक प्रतिस्पर्धा में प्रश्नोत्तरी, विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों, गणित ओलंपियाड और मॉडल सहित अन्य गतिविधियां आयोजित की जाएगी। वैज्ञानिक प्रतियोगिता में उम्दा प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी जिला स्तर से लेकर राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेंगे।
इस अवसर पर उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा मनोहर लाल , ओएसडी उमाकांत, प्रधानाचार्य रचना ठाकुर, पार्षद रजनी शर्मा, व जिला विज्ञान पर्यवेक्षक गौरव वेद सहित विभिन्न स्कूलों का स्टाफ और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।