नीलोखेड़ी, 21.09.26- : विकास योजनाओं की सफलता केवल बजट के प्रावधान से नहीं, बल्कि उसके सही नियोजन, पारदर्शी क्रियान्वयन और धरातल पर प्रभावी उपयोग से सुनिश्चित होती है। यह बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कही। वे संस्थान में ग्रामीण विकास एवं वीजीपीपी में भू-सूचना तंत्र की भूमिका विषय पर आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि वे ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करें तथा आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग करें। कार्यक्रम के समन्वयक एवं संस्थान के सहायक आचार्य कमलदीप सांगवान ने डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
इसके उपरांत डॉ. चौहान ने दीप प्रज्वलित कर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डॉ. चौहान ने बताया कि वीबीजी राम जी योजना के अंतर्गत अगले पांच वर्षों में 7.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है। हरियाणा में इस अवधि के दौरान लगभग 4700 करोड़ रुपये व्यय होंगे। इतनी बड़ी धनराशि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है।
इस अवसर पर हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के सहायक आचार्य सुशील मेहता, सहायक आचार्य संदीप कुमार, राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान से गुरबिंदर सिंह सहित अन्य विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम में अतिरिक्त खंड कार्यक्रम अधिकारी संदीप, मंदीप, बलवान, कृष्ण सहित संस्थान के अधिकारी, कर्मचारी एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।