माता श्री चिंतपूर्णी महोत्सव की तैयारियों को लेके कवायद तेज, डीसी ने दिए समयबद्ध व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
22 से 24 नवंबर तक अंब के मेला मैदान में होगा महोत्सव, 12 और 13 नवंबर को कलाकारों के ऑडिशन
ऊना, 28 अक्तूबर। माता श्री चिंतपूर्णी महोत्सव के सफल आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएंगे। इसी कड़ी में उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बुधवार को बीडीओ कार्यालय अंब के सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त ने बताया कि माता श्री चिंतपूर्णी महोत्सव 22 से 24 नवंबर तक उपमंडल अंब के मेला मैदान में आयोजित किया जाएगा। महोत्सव का शुभारंभ 22 नवंबर को माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर से निकलने वाली भव्य शोभायात्रा के साथ होगा, जो एसडीएम कार्यालय अंब तक पहुंचेगी। महोत्सव के शुभारंभ के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू तथा समापन समारोह के लिए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का आगमन प्रस्तावित है।
जतिन लाल ने कहा कि माता श्री चिंतपूर्णी महोत्सव आस्था, लोक-संस्कृति और पर्यटन का अनूठा संगम है। पिछले वर्ष 14 से 16 नवंबर तक अंब मैदान में आयोजित महोत्सव को श्रद्धालुओं और पर्यटकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी मिली थी। महोत्सव ने प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। इस वर्ष भी आयोजन को आकर्षक और यादगार बनाने के लिए सांस्कृतिक संध्याओं, लोक-कलाओं की प्रस्तुतियों, खेल प्रतियोगिताओं तथा विभिन्न जनसहभागिता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
12 और 13 नवंबर को होंगे कलाकारों के ऑडिशन
उपायुक्त ने बताया कि महोत्सव की सांस्कृतिक संध्याओं में भाग लेने के इच्छुक कलाकारों के ऑडिशन 12 और 13 नवंबर को महाराणा प्रताप कॉलेज, अंब में आयोजित किए जाएंगे। नामी कलाकारों तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों एवं पुरस्कार विजेताओं को ऑडिशन से छूट दी जाएगी।
इच्छुक कलाकार एसडीएम कार्यालय अंब में आवेदन जमा करवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त आवेदन ई-मेल matashrichintpurnimahotsav@gmail.com पर भी भेजे जा सकते हैं।
उपायुक्त जतिन लाल ने संबंधित विभागों को महोत्सव से जुड़े सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के साथ विभिन्न विभागों की टीमें गठित की जाएंगी, ताकि आपसी समन्वय से सभी प्रबंध सुचारू रूप से पूरे किए जा सकें। महोत्सव के माध्यम से हिमाचल प्रदेश की समृद्ध लोक-संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच प्रदान किया जाएगा तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में बीडीसी चेयरमैन शारदा देवी, एसडीएम अंब पारस अग्रवाल, डीएसपी अनिल पटियाल, बीडीओ अंब ओमपाल डोगरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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बसाल स्कूल में ‘नेक्स्ट जेनरेशन’ कार्यक्रम आयोजित, कृषि क्षेत्र में रोजगार व स्वरोजगार की संभावनाओं पर दी जानकारी
ऊना, 28 अक्तूबर। हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना–चरण-II के तहत विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों और कृषि आधारित स्वरोजगार के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को नेताजी सुभाष मेमोरियल राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बसाल में ‘नेक्स्ट जेनरेशन’ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में खंड परियोजना प्रबंधक, ऊना अश्वनी कुमार ने विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती, मशरूम उत्पादन, जलवायु-अनुकूल कृषि, वर्मी कम्पोस्ट, पोषण वाटिका तथा कृषि क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को कृषि की आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियों को अपनाने के महत्व से अवगत करवाया। साथ ही विद्यालय परिसर में वर्मी कम्पोस्ट इकाई और पोषण वाटिका स्थापित करने के संबंध में भी जानकारी साझा की।
अश्वनी कुमार ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार और जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) के सहयोग से संचालित इस परियोजना के अंतर्गत ऊना जिले के पांच चयनित विद्यालयों में विद्यार्थियों को कृषि विविधीकरण एवं प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में कृषि के प्रति रुचि विकसित करना तथा उन्हें टिकाऊ कृषि पद्धतियों और कृषि आधारित आजीविका के अवसरों से परिचित करवाना है।
उन्होंने बताया कि खंड परियोजना प्रबंधन इकाई ऊना के मार्गदर्शन में संचालित इस परियोजना का क्रियान्वयन सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट जगदीशपुर, अमेठी (उत्तर प्रदेश) द्वारा किया जा रहा है।
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रक्षा पेंशनभोगी 30 नवंबर तक जमा करवाएं जीवन प्रमाणपत्र, ऊना में मिलेगी विशेष सहायता - अमित छाबडा
ऊना, 28 अक्तूबर। स्पर्श सेवा केंद्र ऊना द्वारा जिले के सभी रक्षा पेंशनभोगियों के लिए 1 से 30 नवंबर तक राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान 5.0 चलाया जाएगा। इस दौरान सभी रक्षा पेंशनधारकों को अपना वार्षिक पहचान सत्यापन समय पर पूरा करवाना जरूरी होगा ताकि पेंशन का भुगतान निर्बाध रूप से जारी रह सके। यह जानकारी स्पर्श सेवा केंद्र ऊना( पूर्व डीपीडीओ कार्यालय) के प्रभारी अमित छाबडा ने दी।
अमित छाबड़ा ने बताया कि भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन संचालित इस केंद्र के माध्यम से थल सेना, वायु सेना, नौसेना, रक्षा लेखा विभाग तथा अन्य संबंधित श्रेणियों के रक्षा पेंशनभोगी अपना डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र संबंधित समयावधि के दौरान जमा करवाना अवश्य सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि स्पर्श के माध्यम से पेंशन प्राप्त कर रहे जिन पेंशनभोगियों को वार्षिक पहचान सत्यापन का संदेश प्राप्त हो रहा है, वे निर्धारित अवधि में अपना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अवश्य जमा करवाएं। इसके लिए स्पर्श सेवा केंद्र ऊना, नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर अथवा स्मार्टफोन पर ‘आधार फेस आरडी ’ ऐप का उपयोग किया जा सकता है।
वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगी विशेष सहायता
अमित छाबड़ा ने बताया कि 80 वर्ष से अधिक आयु के अति वरिष्ठ नागरिकों, बुजुर्गों और महिला पेंशनभोगियों को विशेष सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं, केंद्र तक पहुंचने में असमर्थ पेंशनभोगियों के मामलों में निर्धारित नियमों और स्थानीय व्यवस्थाओं के अनुसार आवश्यक समन्वय किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पेंशनभोगियों की सुविधा के लिए भौतिक (फिजिकल) जीवन प्रमाणपत्र जमा करवाने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। उन्होंने सभी पात्र पेंशनभोगियों से आग्रह किया कि वे संबंधित अभियान के तहत अपनी वार्षिक पहचान प्रक्रिया पूरी करवाएं, ताकि पेंशन प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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सुरक्षित बचपन अभियान के तहत ऊना ज़िला के 16 स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
ऊना, 28 अक्टूबर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ऊना द्वारा सुरक्षित बचपन अभियान, 2026 के अंतर्गत बुधवार को जिला ऊना के 16 स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का मुख्य विषय “जागरूक बचपन, सशक्त भारत” रहा। अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, बाल संरक्षण कानूनों तथा सुरक्षित एवं संरक्षित बचपन के महत्व के प्रति जागरूक करना है।
अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ऊना की सचिव शिखा लखनपाल ने शिवालिक पब्लिक स्कूल, टनोह में कार्यक्रम आयोजित किया। इसके अतिरिक्त, न्यायिक अधिकारियों द्वारा भी विभिन्न विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, ऊना ईशा अग्रवाल द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बसोली में, न्यायिक दंडाधिकारी तृतीय श्रेणी, ऊना अनुलेखा तंवर द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जखेड़ा में तथा अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, अंब जतिंदर सिंह द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नेहरियां में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
साथ ही, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गोंदपुर बनेहड़ा में सहायक विधिक सहायता बचाव अधिवक्ता सुमेधा शर्मा ने जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बाल अधिकारों एवं सुरक्षित बचपन के संबंध में जानकारी दी। इसके अलावा विद्यार्थियों में बाल अधिकारों एवं सुरक्षित बचपन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाथू में सहायक विधिक सहायता बचाव अधिवक्ता परवीन कुमारी ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
इसी क्रम में पैनल अधिवक्ता केशव कुमार चंदेल ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पंडोगा में, राज कुमारी ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भंजाल में तथा कार्तिक सोंखला ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय थाथल में कार्यक्रम आयोजित किए। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बालक), संतोषगढ़ में पैनल अधिवक्ता नीरज कुमार तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (कन्या), संतोषगढ़ में मुख्य विधिक सहायता बचाव अधिवक्ता राकेश कुमार ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। कन्या विद्यालय में चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
इसके अतिरिक्त, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धमांदरी में पैनल अधिवक्ता शिवांगनी राणा, सेंट मीरा पब्लिक स्कूल, पालकवाह में पैनल अधिवक्ता नेहा पुरी, सेंट डी.आर. पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, गगरेट में पैनल अधिवक्ता अनीता देवी, डी.ए.वी. पब्लिक मॉडल स्कूल, कालू दी बार में पैनल अधिवक्ता राकेश कुमार तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय दौलतपुर चौक में पैनल अधिवक्ता नितिका ठाकुर द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सचिव ने बताया कि अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बच्चों की सुरक्षा तथा बाल संरक्षण से संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाने तथा उनके लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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कर्मचारी हितैषी सरकार, सीएम सुक्खू का दिल से आभार
करवाचौथ पर पुरुष कर्मचारियों को अवकाश देने के फैसले से कर्मचारी वर्ग में खुशी
ऊना, 27 अक्तूबर. करवाचौथ पर पुरुष कर्मचारियों को भी अवकाश देने के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के फैसले का ऊना में कर्मचारियों ने स्वागत किया है। कर्मचारियों का कहना है कि इससे नौकरी के सिलसिले में घर से दूर रहने वाले पुरुष कर्मचारियों को भी परिवार के साथ करवाचौथ मनाने और व्रत से जुड़ी रस्मों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। उन्होंने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
कर्मचारियों ने कहा कि इससे पहले करवाचौथ और रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर महिला कर्मचारियों को अवकाश मिलता था, जबकि पुरुष कर्मचारियों को छुट्टी नहीं होने के कारण परिवार के साथ त्योहार मनाने का अवसर नहीं मिल पाता था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पहली बार इन अवसरों पर पुरुष कर्मचारियों को भी अवकाश देकर ऐसी पहल की है, जिससे परिवार के सभी सदस्य मिलकर त्योहार की खुशियां मना सकें। कर्मचारियों ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए दिवाली से पहले पांच प्रतिशत महंगाई भत्ता देने के निर्णय का भी स्वागत किया।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय-2 ऊना के वाइस प्रिंसिपल सुरेंद्र मोहन ने कहा कि करवाचौथ पर पुरुष कर्मचारियों को भी अवकाश मिलने से परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। पहले पत्नी को खरीदारी करनी होती थी, तो पति के दूर होने के कारण कई बार परेशानी आती थी। अब दोनों साथ जाकर खरीदारी कर सकेंगे और त्योहार की तैयारियों में एक-दूसरे का हाथ बंटा सकेंगे। उन्होंने कहा कि चांद देखने और व्रत खोलने की रस्मों में भी पति-पत्नी साथ रह सकेंगे। नौकरी के सिलसिले में घर से दूर रहने वाले कर्मचारी भी अब इन पारिवारिक परंपराओं में शामिल होकर अपनों के साथ करवाचौथ की खुशियां मना सकेंगे। उन्होंने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
विकास खंड अंब में एलएसईओ के पद पर कार्यरत शबनम ने कहा कि करवाचौथ पर महिला कर्मचारियों को अवकाश मिलता था, लेकिन पतियों को छुट्टी न होने के कारण कई बार त्योहार साथ मनाने का अवसर नहीं मिल पाता था। पुरुष कर्मचारियों को भी अवकाश देने से परिवारों को साथ त्योहार मनाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर भी मुख्यमंत्री ने पुरुष कर्मचारियों को अवकाश दिया था, जिससे भाई-बहन इस त्योहार को हर्षोल्लास से मना सके। उन्होंने करवाचौथ और रक्षाबंधन पर अवकाश देने के साथ दिवाली से पहले पांच प्रतिशत महंगाई भत्ता देने के फैसले के लिए भी मुख्यमंत्री का आभार जताया।