आपदा जागरूकता दिवस पर मंडी में नागरिक एकजुटता मार्च आयोजित
मंडी, 04 अप्रैल 2026-आपदा जागरूकता दिवस के अवसर पर तथा वर्ष 1905 के ऐतिहासिक कांगड़ा भूकंप की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), मंडी द्वारा आज मंडी नगर में नागरिक एकजुटता मार्च का आयोजन किया गया।
इस मार्च को अतिरिक्त उपायुक्त मंडी गुरसिमर सिंह तथा अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी-सह-सीईओ, DDMA मंडी डॉ. मदन कुमार द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
कार्यक्रम में लगभग 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बाल) मंडी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (कन्या) मंडी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बगला, तलयाहड़ तथा दयानंद आर्य विद्या मंदिर (विक्टोरिया ब्रिज) के छात्र-छात्राएं शामिल रहे। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए आपदा तैयारी और जागरूकता के प्रति अपनी सक्रिय सहभागिता प्रदर्शित की।
यह रैली डीसी कार्यालय परिसर से प्रारंभ होकर आईटीआई मंडी तक पहुंची और पुनः सेरी मंच पर संपन्न हुई। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने जोश और उत्साह के साथ विभिन्न जागरूकता नारों के माध्यम से आमजन को आपदा प्रबंधन के प्रति सचेत किया। उन्होंने
“1905 की वो खामोश चीख, आज भी देता हमें सीख, सपने जो मलबे में सो गए अब ना दोहराएं वो दर्दनाक रीत!”
“1905 की वो तबाही आज हमें जगाती है, आपदा से लड़ने की तैयारी ही काम आती है!”
तथा “आपदा प्रबंधन को अपनाएं, जीवन को सुरक्षित बनाएं!”
जैसे प्रेरणादायक नारे लगाकर लोगों को जागरूक किया। विद्यार्थियों के इन नारों ने उपस्थित जनसमूह को आपदा के प्रति सजग रहने और पूर्व तैयारी के महत्व को समझने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के समापन पर सेरी मंच में सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को उनके उत्साहपूर्ण योगदान के लिए जलपान वितरित किया गया।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर युवाओं को आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक करना तथा पूर्व में घटित आपदाओं से प्रभावित लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करना रहा। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मंडी ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जिले को आपदा-रोधी बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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आपदा तैयारी व जोखिम न्यूनीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता-डॉ पी. एल. शर्मा
औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय थुनाग (गुढ़ारी) में आपदा जागरूकता दिवस आयोजित
गोहर (गुढ़ारी), 4 अप्रैल। 1905 के कांगड़ा भूकंप की 121वीं वर्षगांठ के अवसर पर औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, थुनाग के गुढ़ारी परिसर में आपदा जागरूकता दिवस आयोजित किया गया। इस अवसर पर छात्रों तथा स्थानीय समुदाय को आपदा तैयारी और जोखिम न्यूनीकरण के प्रति जागरूक किया गया। अधिष्ठाता डॉ पी. एल. शर्मा ने छात्रों से सतर्क रहने, सुरक्षा उपाय अपनाने तथा समाज में आपदा के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया, ताकि आपदा तैयारी और लचीलापन (रिजिलिएंस) की मजबूत भावना विकसित की जा सके।
अधिष्ठाता ने 4 अप्रैल 1905 को आए कांगड़ा भूकंप (तीव्रता 7.8–7.9) के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस भूकंप ने व्यापक तबाही और जनहानि का कारण बना था। उन्होंने बताया कि भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा दिसंबर 2025 में जारी अद्यतन भूकंपीय जोन मानचित्र के अनुसार हिमाचल प्रदेश को जोन छह, अर्थात उच्चतम भूकंप जोखिम श्रेणी में रखा गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्ययन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में भविष्य में बड़े भूकंप की स्थिति में जान-माल के भारी नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए जागरूकता, तैयारी तथा क्षमता निर्माण अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंतर्गत 2 अप्रैल को पोस्टर निर्माण, कोलाज तथा डिक्लेमेशन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए आपदा प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वार्षिक शेकआउट ड्रिल रही, जिसमें ड्रॉप, कवर और होल्ड अभ्यास तथा निकासी ड्रिल शामिल थी। स्टाफ और छात्रों द्वारा ड्रिल का सफलतापूर्वक संचालन किया गया। कार्यक्रम में प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
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ग्रीष्म ऋतु में जलजनित रोगों से बचाव को लेकर जल शक्ति विभाग की एडवाइजरी
पीने के लिए विभाग द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे पेयजल का ही उपयोग करने की सलाह
टैंकों की सफाई रखें नियमित, शुद्ध जल का ही करें उपयोग : इ. रोहित गुप्ता
मंडी, 4 अप्रैल। जल शक्ति विभाग ने ग्रीष्म ऋतु के दौरान जलजनित रोगों की आशंका को देखते हुए पेयजल उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए पीने के लिए विभाग द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे पेयजल का ही उपयोग करने की सलाह दी है। सहायक अभियंता इ. रोहित गुप्ता ने बताया कि विभाग द्वारा आपूर्ति किया जा रहा पेयजल आधुनिक शुद्धीकरण और गुणवत्ता परीक्षण प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद ही उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाता है, इसलिए उपभोक्ता पीने के लिए विभागीय पेयजल का ही उपयोग करें।
रैपिड सैंड फिल्ट्रेशन तथा क्लोरीनेशन से किया जा रहा जल शुद्धिकरण
उन्होंने बताया कि मंडी शहर के विभिन्न हिस्सों से प्रतिदिन पानी के नमूने एकत्रित कर नियमित परीक्षण किया जा रहा है और विभागीय स्रोतों का पानी पीने के लिए सुरक्षित पाया गया है। पानी के प्राथमिक और द्वितीयक उपचार के लिए रैपिड सैंड फिल्ट्रेशन तथा तृतीयक उपचार के लिए गैसीय क्लोरीनेशन प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
जल भंडारण टैंक ढक कर रखें, नियमित सफाई करें
इ. रोहित गुप्ता ने उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे अपने निजी जल भंडारण टैंकों की नियमित सफाई सुनिश्चित करें और उन्हें ढक कर रखें, ताकि पेयजल में किसी प्रकार का संदूषण न हो। पारम्परिक एवं प्राकृतिक जल स्रोतों जैसे बावड़ियों तथा निजी कुओं के पानी के नमूने भी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल कनेक्शन में किसी प्रकार का रिसाव होने पर उसे तुरंत ठीक करवाएं, क्योंकि रिसाव प्रदूषकों के प्रवेश का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि अपरिहार्य परिस्थितियों में पानी को उबालकर अथवा क्लोरीनेशन के बाद ही पीने के लिए उपयोग करें। रंग बदलने, दुर्गंध आने या लंबे समय तक संग्रहित पानी के उपयोग से बचने की सलाह दी गई है। यदि किसी क्षेत्र में पीलिया का मामला सामने आता है तो इसकी सूचना तुरंत जल शक्ति विभाग मंडी को दें, ताकि आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
लंबित बिल एक सप्ताह में जमा करें
इ. रोहित गुप्ता ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के पेयजल बिल लंबित हैं, वे एक सप्ताह के भीतर भुगतान सुनिश्चित करें, अन्यथा निर्धारित समयावधि के बाद बिना पूर्व सूचना के कनेक्शन बंद किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विभागीय निरीक्षण में कुछ स्थानों पर निजी जल भंडारण टैंकों से अनावश्यक जल बहता पाया गया है, जो जल की बर्बादी के साथ अधिक बिल आने का एक प्रमुख कारण है।
उन्होंने कहा कि घरेलू जल कनेक्शन का व्यावसायिक उपयोग (ढाबा, दुकान, कार्यालय आदि) करने वाले उपभोक्ता एक सप्ताह के भीतर अपने कनेक्शन को व्यावसायिक श्रेणी में परिवर्तित कर लें अथवा विभागीय वेबसाइट के माध्यम से नए व्यावसायिक कनेक्शन के लिए आवेदन करें। उन्होंने बताया कि पेयजल से संबंधित शिकायत के लिए 01905-222855, सीवरेज संबंधी शिकायत के लिए 01905-222955 तथा पेयजल एवं सीवरेज बिल संबंधी जानकारी के लिए 01905-222173 नम्बर पर संपर्क किया जा सकता है।