उपायुक्त ने थुनाग में की आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनः बहाली एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा

  • बहाली कार्यों में और तेजी लाएं लाइन विभाग- अपूर्व देवगन

मंडी, 23 मई। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने शुक्रवार को सराज क्षेत्र के थुनाग उपमंडल के लघु सचिवालय में आयोजित विभागीय व प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता की। इसमें सराज क्षेत्र में गत वर्ष बरसात में आई आपदा के उपरांत जारी पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने सभी लाईन विभागों से पुनर्वास कार्यों की प्रगति का ब्यौरा प्राप्त किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि वे प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों की बहाली कार्यों में और तेजी लाएं। विशेषतौर पर इन सड़कों पर अति संवेदनशील हिस्सों की मरम्मत का कार्य आगामी बरसात से पहले अवश्य पूरा कर लें। लोक निर्माण विभाग की ओर से बैठक में बताया गया कि सराज क्षेत्र में बरसात की आपदा से क्षतिग्रस्त हुई लगभग 116 सड़कों को पुनः बहाल कर दिया गया है। अब मात्र सात से आठ सड़कों की ही बहाली का कार्य शेष है। इसके अलावा क्षेत्र में लगभग 25 पुलियों एवं कई पैदल पुल भी पुनः बहाल कर दिए गए हैं। कई स्थानों पर कल्वर्ट इत्यादि डालकर सड़क सम्पर्क बहाल करने का कार्य किया गया है। उपायुक्त ने शेष सड़कों की बहाली के कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए।

अपूर्व देवगन ने जलशक्ति विभाग से भी आपदा प्रभावित पेयजल योजनाओं को सुचारू करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी प्राप्त की। विभाग की ओर से बताया गया कि गत बरसात में बुरी तरह से प्रभावित छड़ी खड्ड उठाऊ पेयजल योजना की बहाली का कार्य अंतिम चरणों में है। बिजली बोर्ड की ओर से इस योजना के लिए विद्युत लाइन बिछाने का कार्य जारी है और इसकी टेस्टिंग होने के तत्काल बाद पेयजल योजना को पुनः बहाल कर दिया जाएगा। उपायुक्त ने खंड विकास कार्यालय के तहत संचालित किए जा रहे पुनर्वास कार्यों की समीक्षा भी की और सभी लंबित कार्यों को तय समय अवधि में पूर्ण करने को कहा।

उपायुक्त ने सभी लाइन विभागों को आगामी मानसून के दृष्टिगत सभी तैयारियां समय रहते पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने विभागों तथा स्थानीय प्रशासन को किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति में पर्याप्त संख्या में मानव संसाधन एवं आवश्यक मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

पंचायत चुनावों की तैयारियां जांची

इसके अलावा उपायुक्त ने पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों की तैयारियों का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित निर्वाचन अधिकारियों को निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव संपन्न करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पूर्ण करने को कहा। उन्होंने लंबाथाच राजकीय महाविद्यालय में स्थापित स्ट्रांग रूम का निरीक्षण भी किया और इसकी सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं बारे आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी (ना.) संजीत शर्मा सहित खंड विकास अधिकारी, लोक निर्माण, जलशक्ति, हिमाचल पथ परिवहन निगम, वन सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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मतदान समाप्ति की अवधि के 48 घंटे पूर्व से चुनाव प्रचार पर रहेगा प्रतिबंध- अपूर्व देवगन

मतदान केंद्र के समीप शस्त्र ले जाने पर रहेगी रोक, जिला निर्वाचन अधिकारी ने जारी किए आदेश

मंडी, 23 मई। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त अपूर्व देवगन ने पंचायतीराज संस्थाओं के मतदान के समापन के लिए निर्धारित समय से पहले के 48 घंटों की अवधि के दौरान सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध के आदेश जारी किए हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार जिला में तीन चरणों में 26 मई, 28 मई एवं 30 मई, 2026 को प्रातः सात बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक मतदान होगा। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) अपूर्व देवगन ने बताया कि पहले चरण की ग्राम पंचायतों में 24 मई को दोपहर बाद 3 बजे चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा। दूसरे चरण की ग्राम पंचायतों में 26 मई को दोपहर बाद तीन बजे और तीसरे चरण की पंचायतों में 28 मई, 2026 को दोपहर बाद तीन बजे चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा।

हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 158-बी के प्रावधान के तहत जारी इन आदेशों के अनुसार किसी भी मतदान क्षेत्र में मतदान के समापन के लिए निर्धारित समय से पहले के 48 घंटों की अवधि के दौरान, कोई भी व्यक्ति चुनाव के संबंध में किसी सार्वजनिक सभा या जुलूस का आयोजन या संचालन नहीं कर सकेगा और न ही इसमें भाग लेगा या शामिल होकर उसे संबोधित करेगा। इसके अलावा सिनेमा, टेलीविजन या अन्य समान उपकरणों के माध्यम से जनता के समक्ष कोई चुनावी सामग्री प्रदर्शित करने, या जनता को आकर्षित करने के उद्देश्य से किसी संगीत कार्यक्रम, नाट्य प्रदर्शन या अन्य मनोरंजन या आनंद के आयोजन या व्यवस्था के माध्यम से किसी चुनावी सामग्री का प्रचार करना भी प्रतिबंधित रहेगा। इस प्रावधान का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को दो वर्ष तक के कारावास, या जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा।

एक अन्य आदेश के तहत मतदान केंद्र पर या उसके आसपास सशस्त्र होकर जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। आदेशों के अनुसार रिटर्निंग ऑफिसर, पीठासीन अधिकारी, कोई पुलिस अधिकारी और मतदान केंद्र पर शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियुक्त कोई अन्य व्यक्ति जो मतदान केंद्र पर ड्यूटी पर हैं, इनके अलावा कोई भी व्यक्ति मतदान के दिन, शस्त्र अधिनियम, 1959 (1959 का 54) में परिभाषित किसी भी प्रकार के शस्त्रों के साथ मतदान केंद्र के आसपास के क्षेत्र में नहीं जाएगा। यदि कोई व्यक्ति इसका उल्लंघन करता है, तो उसे दो वर्ष तक के कारावास, या जुर्माने, या दोनों से दंडित किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति इस धारा के अंतर्गत किसी अपराध का दोषी पाया जाता है, तो संबंधित अधिनियम में परिभाषित शस्त्र जो उसके कब्जे में पाए जाते हैं, उन्हें जब्त किया जा सकता है और ऐसे शस्त्रों के संबंध में जारी किया गया लाइसेंस भी निरस्त माना जाएगा।

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मतगणना प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाने के उद्देश्य से रिहर्सल आयोजित

मंडी, 23 मई। नगर निगम मंडी चुनावों की मतगणना को लेकर आज डीआरडीए सम्मेलन कक्ष में विस्तृत रिहर्सल आयोजित की गई। आगामी मतगणना प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाने के उद्देश्य से आयोजित इस रिहर्सल की अध्यक्षता सहायक रिटर्निंग अधिकारी रूपिंदर कौर ने की।

रिहर्सल के दौरान मतगणना कार्य में नियुक्त सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मतगणना से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। इस अवसर पर मतगणना टेबल की व्यवस्था, ईवीएम एवं आवश्यक अभिलेखों के रखरखाव, मतों की गणना, परिणाम संकलन तथा सुरक्षा व्यवस्था सहित विभिन्न पहलुओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं सावधानियों से भी सभी को अवगत करवाया गया।

मुख्य प्रशिक्षक विजय शर्मा तथा डॉ. कर्म सिंह ठाकुर ने मतगणना की चरणबद्ध प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। मतगणना के दौरान पारदर्शिता, समयबद्धता तथा समन्वय बनाए रखने पर विशेष बल दिया। इसके अतिरिक्त विभिन्न परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अभ्यास 29 मई, 2026 को रखा गया है ताकि मतगणना दिवस पर किसी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न न हो।

रिहर्सल के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों की शंकाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें उनकी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में मतगणना कार्य से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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प्रत्याशी के निधन के कारण ग्राम पंचायत स्योग के वार्ड पांच में नए सिरे से होंगे वार्ड सदस्य के चुनाव

मंडी, 23 मई। राज्य चुनाव आयोग ने सदर विकास खंड की ग्राम पंचायत स्योग के वार्ड संख्या-5 (स्योग-5) के प्रत्याशी के निधन के कारण 26 मई, 2026 को निर्धारित वार्ड सदस्य के चुनाव की प्रक्रिया नए सिरे से करने की अधिसूचना जारी की है।

अधिसूचना के अनुसार भीम सिंह पुत्र किशन चंद गांव एवं डाकघर स्योग वार्ड संख्या 05 (स्योग-5) से वार्ड सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ रहे थे। गत 21 मई, 2026 को उनका निधन हो गया। इसकी सूचना निर्वाचन अधिकारी-सह-उप-मंडलाधिकारी (ना.) सदर, की ओर से राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी गई। इस पर आयोग ने यह चुनाव नए सिरे से करवाने संबंधी अधिसूचना जारी की है।

अधिसूचना के अनुसार सदर विकास खंड की ग्राम पंचायत स्योग के वार्ड संख्या 05 (स्योग-5) के सदस्य पद के लिए केवल दो ही उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे थे और एक उम्मीदवार की मृत्यु के बाद उक्त वार्ड के लिए केवल एक ही उम्मीदवार शेष है। हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (चुनाव) नियम, 1994 का नियम 48 यह प्रावधान करता है कि यदि किसी ऐसे उम्मीदवार की मृत्यु हो जाती है जिसका नामांकन जांच में वैध पाया गया हो और जिसने अपनी उम्मीदवारी वापस नहीं ली हो, और उसकी मृत्यु की सूचना मतदान प्रारंभ होने से पहले प्राप्त हो जाती है तथा मैदान में केवल एक ही उम्मीदवार शेष रह जाता है, तो राज्य चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार नए सिरे से चुनाव होंगे।

इसी आधार पर राज्य चुनाव आयोग द्वारा यह अधिसूचना जारी की गई है और इस वार्ड में नए सिरे से चुनाव आयोजित करने का कार्यक्रम आयोग द्वारा अलग से जारी किया जाएगा।