पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव के लिए जिला बिलासपुर तैयार: राहुल कुमार
चुनाव के दृष्टिगत उपायुक्त ने घुमारवीं एवं झंडूता ब्लॉक में स्थापित स्ट्रांग रूम और मतगणना केंद्रों का किया निरीक्षण
बिलासपुर, 23 मई: जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि जिला की सभी 182 ग्राम पंचायतों में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि आगामी 26, 28 तथा 30 मई को तीन चरणों में आयोजित होने वाले पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव के दृष्टिगत जिला के चारों विकास खंडों में आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है।
उपायुक्त आज झंडुता तथा घुमारवीं ब्लॉक में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर की गई तैयारियों का निरीक्षण करने के उपरांत बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने घुमारवीं तथा झंडुता स्थित महाविद्यालयों के परिसर में स्थापित स्ट्रांग रूम तथा मतगणना केंद्रों का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को उचित दिशा निर्देश भी जारी किये।
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों के लिए तैनात मतदान कर्मियों के लिए आज जिला के सभी विकास खंड़ों में चुनाव डयूटी प्रमाण पत्र (ईडीसी) मतदान भी करवाया गया है। इसके लिए सभी विकास खंडों में विशेष व्यवस्था की गई थी ताकि मतदान कर्मी भी मताधिकार का प्रयोग कर सके। उन्होंने कहा कि 24 मई को मतदान दलों को संबंधित मतदान केंद्रों के लिए रवाना कर दिया जाएगा। साथ ही कहा कि मतदान से एक दिन पूर्व बैलेट पेपर संबंधित मतदान केंद्रों के चुनाव दलों को आवंटित किये जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मतदान प्रातः 7 बजे से अपराह्न तीन बजे तक किया जाएगा। पंचायतों के मतों की गिनती मतदान पूर्ण होने के उपरांत संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालयों में ही की जाएगी जबकि पंचायत समिति तथा जिला परिषद के मतों की गिनती 31 मई को निर्धारित मतगणना केंद्रों पर होगी।
उपायुक्त ने जिला के सभी मतदाताओं से आगामी 26, 28 और 30 मई को पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में बढ़-चढ़ कर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए मतदाता जल्द से जल्द मतदान करने के लिए आगे आएं ताकि लोक तंत्र की इस महत्वपूर्ण इकाई में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर, एसडीएम घुमारवीं गौरव चैधरी, एसडीएम झंडूता अर्शिया शर्मा, जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) यशपाल, बीडीओ झंडूता संजीव कुमार, बीडीओ घुमारवीं अभिषेक शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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बामटा पंचायत मामले में निर्वाचन आयोग ने गुम हुए मतपत्रों को तत्काल प्रभाव से किया अमान्य घोषित
बिलासपुर, 23 मई: जिला बिलासपुर की ग्राम पंचायत बामटा में पंचायत चुनाव प्रक्रिया के दौरान प्रधान पद से संबंधित 50 मतपत्र गुम होने का मामला सामने आने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने संबंधित मतपत्रों को तत्काल प्रभाव से निरस्त एवं अमान्य घोषित कर दिया है। आयोग ने संभावित दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए यह कार्रवाई की है। यह आदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल कुमार खाची की ओर से जारी किया गया है।
इस बारे जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत बामटा के वार्ड नंबर 01 जंगल सुंगल में प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के नाम मतपत्रों पर अंकित किए जाने की प्रक्रिया के दौरान मतपत्र क्रमांक 58001 से 58050 तक लापता पाए गए। इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग को विस्तृत रिपोर्ट भेजी गई थी।
उपायुक्त ने बताया कि यह प्रक्रिया सहायक रिटर्निंग अधिकारी के रूप में कार्यरत डॉ. दिनेश कुमार, सहायक प्राध्यापक, राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर की निगरानी में संपन्न की जा रही थी। मामले के सामने आने के बाद रिटर्निंग अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी, विकासखंड बिलासपुर सदर द्वारा प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है तथा पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि गुम हुए मतपत्रों के किसी भी संभावित दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 के तथा हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 160 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन मतपत्रों को अमान्य घोषित किया गया है।
आयोग ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि यदि उक्त मतपत्र राज्य में कहीं भी प्राप्त होते हैं अथवा किसी मतपेटी में पाए जाते हैं तो इसकी सूचना तत्काल राज्य निर्वाचन आयोग को दी जाए ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
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डियारा अनुभाग के अंतर्गत आसपास के क्षेत्रों में बाधित रहेगी बिजली आपूर्ति
बिलासपुर 23 मई: सहायक अभियंता विद्युत उप मण्डल-।। ई. रविन्द्र चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि 24 मई को डियारा अनुभाग में बिजली की लाइनों की आवश्यक मरम्मत व पेडों की कांट-छांट के चलते कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी।
उन्होंने बताया कि डियारा अनुभाग के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र गुरुद्वारा मार्केट, पेट्रोल पंप, पोस्ट ऑफिस, कॉलेज चौक तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में प्रातः 9 बजे से सायं 3 बजे तक विद्युत आपूर्ति आंशिक रूप से बाधित रहेगी। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील की है।
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जंगलों को आग से बचाने के लिए जन सहयोग बेहद जरूरी: राजीव कुमार
बिलासपुर वन मंडल ने बढ़ाई चौकसी, 45 फायर वॉचर्स तैनात
हर बीट स्तर पर चलाए जा रहे जागरूकता एवं रोकथाम अभियान
बिलासपुर, 23 मई: गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ ही वनों में आग की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए बिलासपुर वन मंडल द्वारा जिला भर में व्यापक स्तर पर सतर्कता, जागरूकता एवं रोकथाम अभियान तेज कर दिया गया है ताकि वन संपदा, वन्य प्राणियों एवं पर्यावरण को आग से होने वाली क्षति से सुरक्षित रखा जा सके।
वन मंडलाधिकारी बिलासपुर राजीव कुमार ने बताया कि जंगलों को आग से सुरक्षित रखने के लिए विभाग द्वारा सामुदायिक सहभागिता को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न स्तरों पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जिला की समस्त जनता, युवा मंडल, महिला मंडलों, सांझा वन प्रबंधन समितियों, वन विकास समितियों तथा गैर सरकारी संगठनों से अपील करते हुए कहा कि वन हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं और इनकी सुरक्षा करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि जंगलों में लगने वाली आग से न केवल बहुमूल्य वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचता है, बल्कि असंख्य वन्य जीव-जंतु, छोटे-बड़े पेड़-पौधे, घास एवं झाड़ियों भी नष्ट हो जाती हैं तथा स्थानीय लोगों को पशुओं के लिए चारे और ईंधन की कमी जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है।
राजीव कुमार ने बताया कि वन अग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभाग द्वारा प्रत्येक बीट स्तर पर सामुदायिक कार्यशालाएं, जनजागरूकता कार्यक्रम तथा अन्य गतिविधियां नियमित रूप से आयोजित की जा रही हैं। जिला में 45 फायर वॉचर्स लगातार संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आग की घटना की सूचना तुरंत प्राप्त हो सके और समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में आग लगने की आशंका अधिक रहती है वहां आवश्यकता अनुसार फायर लाइनें तैयार की गई हैं। इसके अतिरिक्त सड़कों के किनारे सूखी पत्तियों, घास एवं चिल्लर को हटाने का कार्य भी निरंतर किया जा रहा है ताकि आग तेजी से न फैल सके। उन्होंने कहा कि विभागीय कर्मचारियों एवं फील्ड स्टाफ को भी लगातार प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है ताकि आपात परिस्थितियों में बेहतर समन्वय एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
वन मंडलाधिकारी ने लोगों से आग्रह किया कि कोई भी व्यक्ति जानबूझकर जंगलों में आग न लगाए। यदि किसी कारणवश आग लग जाती है तो स्थानीय लोग तुरंत एकजुट होकर आग बुझाने का प्रयास करें तथा इसकी सूचना शीघ्र वन विभाग को दें। उन्होंने कहा कि यदि कोई असामाजिक तत्व जानबूझकर जंगल में आग लगाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करवाने के लिए लोग आगे आएं और अपना सामाजिक एवं संवैधानिक दायित्व निभाएं। इस बारे विभागीय टोल फ्री नम्बर 1800-180-1916 पर सूचना दी जा सकती है। जंगल में आग लगाने वाले व्यक्ति की सूचना देने वाले नागरिक को बिलासपुर वन मंडल की ओर से पुरस्कृत भी किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सरकारी जंगल की सीमा से 100 मीटर के भीतर यदि कोई व्यक्ति अपनी भूमि अथवा घासनी में कटे हुए अवशेष आदि जलाना चाहता है तो इसकी पूर्व सूचना वन विभाग को देना अनिवार्य है।
राजीव कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत जंगल में आग लगाने वाले व्यक्ति को छह माह तक की सजा हो सकती है। वहीं सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 के अंतर्गत सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर कम से कम एक वर्ष के कारावास का प्रावधान है।
उन्होंने जिला के सभी नागरिकों से अपील की कि वह जंगलों को आग से बचाने के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करें ताकि वन संपदा, वन्य प्राणियों एवं जनजीवन को आग से होने वाली अपूर्णीय क्षति से सुरक्षित रखा जा सके।