बिलासपुर, 27 जुलाई: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से न केवल श्रमिक परिवारों को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है बल्कि परिवारों का सशक्तिकरण भी हो रहा है। सरकार के प्रयासों से न केवल अब श्रमिक परिवार आर्थिक, सामाजिक दृष्टि से मजबूत हो रहे हैं बल्कि शिक्षा सहायता योजना के माध्यम से इन परिवारों के बच्चे एमबीबीएस, एमएससी, एमकॉम, बीएससी, बीबीए जैसी जैसी व्यावसायिक एवं उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।
जिला बिलासपुर में ऐसे कई परिवार हैं जिनके लिए कामगार कल्याण बोर्ड की शिक्षा सहायता योजना सहित अन्य योजनाएं लाभकारी साबित हो रही हैं। जब जिला के घुमारवीं तहसील की ग्राम पंचायत फटोह के गांव रोपा निवासी 56 वर्षीय रवि दत्त से बातचीत की तो उनका कहना है कि वह लगभग 25 वर्षों से पेंटर एवं मजदूरी का काम कर रहे हैं। उन्हें लगभग 10-12 वर्ष पूर्व हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की योजनाओं की जानकारी प्राप्त हुई तथा स्वयं को पंजीकृत कराया तथा बोर्ड के माध्यम से समय-समय पर अनेक योजनाओं का लाभ प्राप्त हुआ।
रविदत्त बताते हैं कि उनके बच्चों को स्कूली शिक्षा के दौरान छात्रवृत्ति का लाभ मिला। उनकी एक बेटी ने एमएससी तक की शिक्षा पूरी की, जिसके उपरांत इस वर्ष उसकी शादी के लिए सरकार की ओर से 60 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। उनकी दूसरी बेटी वर्तमान में डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है, जिसके लिए उन्हें इस वर्ष 1.20 लाख रुपये की शिक्षा सहायता प्रदान की गई। वहीं उनका बेटा बीएससी की शिक्षा पूरी करने के बाद आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
वह कहते हैं कि कामगार कल्याण बोर्ड से प्राप्त आर्थिक सहयोग के कारण बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के साथ-साथ आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद बेटी का विवाह भी सम्मान पूर्वक संपन्न करा सके। कामगर बोर्ड की यह सहायता श्रमिक परिवारों के लिए किसी संबल से कम नहीं है।
इसी प्रकार घुमारवीं के वार्ड नंबर-3 निवासी 56 वर्षीय कृष्ण चंद के लिए भी कामगार कल्याण बोर्ड की योजनाएं अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई हैं। तीन बेटियों और एक बेटे के पिता कृष्ण चंद पिछले लगभग 35 से 40 वर्षों से पेंट का कार्य कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। वह बताते हैं कि वर्ष 2013 में उन्हें बोर्ड की योजनाओं की जानकारी मिली, जिसके बाद स्वयं को पंजीकृत कराया। इसके पश्चात बच्चों को स्कूली शिक्षा के दौरान छात्रवृत्ति का लाभ मिलता रहा। उनके बच्चों ने बी.कॉम., पॉलिटेक्निक तथा बीबीए जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त की और आज अपने करियर की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
कृष्ण चंद बताते हैं कि बेटी के विवाह के लिए 51 हजार रुपये तथा बेटे को छात्रवृत्ति के रूप में 11 हजार रुपये की सहायता प्राप्त हुई। इसके अतिरिक्त उन्हें चिकित्सा सहायता योजना का लाभ भी मिल रहा है, जिससे उपचार संबंधी खर्च का बोझ काफी कम हुआ है।
दोनों लाभार्थियों ने प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कामगार कल्याण बोर्ड की योजनाएं श्रमिकों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं। इन योजनाओं ने न केवल आर्थिक संबल प्रदान किया है, बल्कि उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
क्या कहते हैं अधिकारी:
उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार का कहना है कि जिला बिलासपुर में कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से संचालित विवाह सहायता योजना के अंतर्गत 968 लाभार्थियों को लगभग 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि वितरित की गई है। जिससे श्रमिक परिवारों को बेटियों और बच्चों के विवाह जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्वों को पूरा करने में बड़ी राहत मिली है। इसी तरह शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 503 लाभार्थियों को लगभग 1.48 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। शिक्षा के क्षेत्र में दी जा रही यह सहायता श्रमिकों के बच्चों को बेहतर भविष्य निर्माण में न केवल सहायक सिद्ध हो रही है बल्कि आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई बीच में छोड़ने की स्थिति को रोकने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
क्या कहते हैं मंत्री:
नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार निर्माण श्रमिकों के कल्याण एवं उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि जिला बिलासपुर में बोर्ड के अंतर्गत लगभग 50 हजार निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि श्रमिक वर्ग का प्रदेश सरकार की कल्याणकारी नीतियों एवं योजनाओं पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है। सरकार भविष्य में भी श्रमिकों और उनके परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण के लिए इसी प्रकार कार्य करती रहेगी।