जिला प्रशासन ऊना की फ्लेवरयुक्त धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों पर सख्त कार्रवाई, भंडारण व बिक्री पर रोक
ऊना, 06 अगस्त. जनस्वास्थ्य एवं सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला दंडाधिकारी ऊना जतिन लाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर जिले में फ्लेवरयुक्त धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों के भंडारण, परिवहन, वितरण, आपूर्ति, प्रदर्शन एवं बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
यह निर्णय मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव तथा निरीक्षण, जब्ती और प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्टों के आधार पर लिया गया है। रिपोर्टों में पाया गया कि कुछ धूम्ररहित तंबाकू उत्पादों में मेंथॉल सहित फ्लेवरिंग एजेंट, अन्य एडिटिव्स तथा ह्यूमेक्टेंट्स पाए गए हैं, जो उत्पाद के स्वाद, ठंडक और स्वीकार्यता को बढ़ाकर इसके सेवन को अधिक आकर्षक बनाते हैं। साथ ही ऐसे उत्पाद जिले के खुदरा बाजार में आसानी से उपलब्ध होने के कारण किशोरों, युवाओं तथा अन्य संवेदनशील वर्गों में इनके सेवन की आशंका बढ़ रही है।
आदेश के अनुसार 'कूल लिप फिल्टर टोबैको' सहित ऐसे सभी फ्लेवरयुक्त धूम्ररहित तंबाकू उत्पाद, जिनका उद्देश्य स्वाद, सुगंध, ठंडक अथवा स्वीकार्यता बढ़ाना है, जिले में प्रतिबंधित रहेंगे। सभी थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, वितरकों तथा परिवहनकर्ताओं को इन उत्पादों के भंडारण, परिवहन, वितरण, आपूर्ति, प्रदर्शन एवं बिक्री से संबंधित सभी गतिविधियां तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस अधीक्षक ऊना, सभी कार्यकारी दंडाधिकारियों, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों तथा अन्य संबंधित विभागों को कड़ी निगरानी और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023, भारतीय न्याय संहिता, सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि फ्लेवरयुक्त धूम्ररहित तंबाकू उत्पाद तंबाकू सेवन की शुरुआत को बढ़ावा देने के साथ निकोटीन की लत का कारण बन सकते हैं, जिससे जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे उत्पादों की उपलब्धता पर रोक लगाने का उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं और अन्य संवेदनशील वर्गों को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाना तथा जिले में स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा तथा जारी होने की तिथि से 60 दिनों तक प्रभावी रहेगा, जब तक कि विधि के अनुसार इसमें संशोधन, निरस्तीकरण अथवा अवधि विस्तार न किया जाए।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे प्रतिबंधित उत्पादों के भंडारण, परिवहन, वितरण अथवा बिक्री की सूचना संबंधित अधिकारियों को देकर जनस्वास्थ्य संरक्षण के इस प्रयास में सहयोग करें।
=========================================
एचपीवी टीकाकरण के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से करें कार्य : विनय मोदी
सहायक आयुक्त ने सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान में जनजागरूकता बढ़ाने पर दिया बल
ऊना, 06 अगस्त. सहायक आयुक्त विनय मोदी ने सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 31 अगस्त, 2026 तक चलाए जा रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर निर्धारित लक्ष्य को समय सीमा के भीतर हासिल करें।
वीरवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित एचपीवी टीकाकरण अभियान की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए यह टीकाकरण अभियान देशभर में चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं का टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि खंड चिकित्सा अधिकारियों के माध्यम से ब्लॉक स्तर पर विशेष जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को इस टीकाकरण के महत्व से अवगत कराया जाए।
उन्होंने बताया कि जिले में ‘मिशन 4500’ के तहत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की पात्र बालिकाओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के अंतर्गत अब तक 1097 बालिकाओं का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 25 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि अभियान को और गति देने के लिए शिक्षा विभाग, पंचायती राज संस्थाओं, आईसीडीएस, सामाजिक संस्थाओं तथा अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि प्रत्येक पात्र बालिका तक समयबद्ध ढंग से पहुंच सुनिश्चित करते हुए निर्धारित अवधि के भीतर लक्ष्य हासिल किया जा सके।
*अभिभावकों को जागरूक करने पर दिया विशेष बल*
सहायक आयुक्त ने कहा कि एचपीवी टीका पूरी तरह सुरक्षित एवं वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है तथा सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव में प्रभावी भूमिका निभाता है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें तथा अपनी 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बेटियों का समय पर टीकाकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए लोगों तक सही एवं वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्कूलों में टीकाकरण शिविर आयोजित करने से पूर्व स्कूलों के नोडल अधिकारियों, संबंधित क्षेत्र के प्रधान एवं उप-प्रधानों के साथ बैठकें आयोजित करें। इन बैठकों में विषय विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा अभिभावकों की काउंसलिंग की जाए, ताकि उनकी सभी शंकाओं का समाधान हो सके और कोई भी पात्र बालिका टीकाकरण से वंचित न रहे।
सहायक आयुक्त ने सभी संबंधित विभागों, रोटरी क्लब ऊना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।
इससे पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा ने जिले में एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक की गई गतिविधियों एवं प्रगति की जानकारी दी।
बैठक में एचपीवी टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए।
बैठक में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. ऋचा कालिया, जिला आयुष अधिकारी डॉ. किरण शर्मा, सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, उप निदेशक उच्च शिक्षा अनिल कुमार, उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा सोम लाल धीमान, जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) हरीश मिश्रा, रोटरी क्लब से अजय शर्मा, माउंट कार्मल स्कूल की नर्सिंग अधिकारी ऋतिका सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।