शिमला, 25.08.26-: 191 देशों, 7 महाद्वीपों की 2 लाख किलोमीटर की साइकिल पर यात्रा करने वाले वैश्विक साइकिल यात्री सोमेन देबनाथ ने गत सायं 8:00 बजे हि0प्र0 विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां से उनके कार्यालय कक्ष में शिष्टाचार भेंट कर अपने अभियान की जानकारी सांझा की। सोमेन देबनाथ पश्चिम बंगाल राज्य के सुन्दरबन के निवासी हैं। भेंट के दौरान सोमेन ने विधान सभा अध्यक्ष के साथ अपनी विश्व एवं भारत की साइकिल यात्रा के अनुभव सांझा किए और अपने अभियान के उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होने इस अवसर पर कहा कि वे पिछले लगभग 22 वर्षों से साइकिल के माध्यम से दुनिया के विभिन्न देशों की यात्रा कर रहे हैं। उन्होने 27 मई, 2004 से अपनी साहसिक यात्रा की शुरूआत की थी तथा वह उत्तर कोरिया को छोड़कर पूरे विश्व का भ्रमण कर चुके हैं।

विधान सभा अध्यक्ष को अवगत करवाते हुए सोमेन देबनाथ ने कहा कि उनकी यात्रा केवल साहसिक नहीं है बल्कि इसके माध्यम से वे एच0 आई0 वी0 / एडस के प्रति जागरूकता फैलाने, भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। सोमेन देवनाथ ने इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष को अपनी यात्रा के दौरान विभिन्न देशों में मिले अनुभवों, लोगों की जीवनशैली और भारत की सांस्कृतिक विरासत के प्रति विदेशी नागरिकों की रूचि बारे भी अवगत करवाया।

सोमेन ने बताया कि उन्होने 2004 से 2006 तक भारत के 28 राज्यों व 5 केन्द्र शासित प्रदेशों की 2700 किलोमीटर की यात्रा की थी और 25 राज्यों के मुख्यमंत्रियों व विभिन्न राज्यपालों से मिले थे। उन्होने कहा कि कोविड के दौर में वह चीन में थे और कोविड का शिकार हो गए थे तब उन्होने गर्म पानी का सेवन किया और कुछ दिनों बाद वह स्वस्थ हुए।

उन्होने कहा कि वह अब दूसरे चरण में भारत के सभी राज्यों व केन्द्र शासित राज्यों के दौरे पर निकले हुए हैं। उनका यह दौरा पूर्नमिलन भारत का एक हिस्सा है। वह यह देखना चाहते है कि 22 वर्ष पहले जो भारत उन्होने देखा था उसमें कितना परिवर्तन आया है। उनकी यह यात्रा 27 मई, 2027 को समाप्त होगी। जब वह भारत भ्रमण के दौरान तत्कालीन केन्द्रीय विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी से मिले थे तो उनके उद्देश्यों से प्रसन्न होकर मुखर्जी ने उन्हें 5 देशों का वीजा और 50,000 रूपये दिए थे।
इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने सोमेन देबनाथ के साहस, समर्पण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभियान की सराहना की। उन्होने विशेष रूप से एच0 आई0 वी0 / एडस जागरूकता फैलाने तथा भारतीय संस्कृति को विश्वभर में प्रचारित करने के उनके प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे अभियान समाज और विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायक हैं।