जनता भाजपा सरकार की दी महंगाई से त्रस्त और मुख्यमंत्री जी पंजाब में मस्त - दुष्यंत चौटाला
भाजपा की खामोशी पर बोले दुष्यंत, कहा- "चीनी के दाम दो रूपए बढ़ने पर वाजपेयी जी को देना पड़ा था जवाब"
सीएम नायब सैनी अपनी विफलताओं का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने की बजाय समस्या हल करने पर करें फोकस - दुष्यंत चौटाला
चंडीगढ़, 27 अगस्त। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बढ़ती महंगाई को लेकर भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में दिनों-दिन महंगाई आसमान को छू रही है और खाने-पीने वाली चीजों से लेकर रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं के दाम तेजी से बढ़ रहे है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को चीनी के दाम दो रूपए बढ़ने पर संसद में जवाब देना पड़ा था, लेकिन आज 20 से 25 रुपए तक चीनी के दाम बढ़ने पर भी सरकार चुप बैठी है। अंतरराष्ट्रीय कीमतों की गिरावट के बावजूद गैस, पेट्रोल-डीजल के दाम घटाए नहीं जा रहे है। वीरवार को दुष्यंत चौटाला जींद जिले के दौरे के दौरान पत्रकारों से रूबरू थे। उन्होंने किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस बार बरसात कम होने के चलते किसानों को फसल के कम उत्पादन की चिंता सता रही है, ऐसे में सरकार को इसको लेकर गंभीरता से कदम उठाना चाहिए।
पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने सवाल खड़ा किया है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पास प्रदेश की जनता की समस्याएं और कर्मचारियों की मांगे सुनने का समय क्यों नहीं है ? उन्होंने कहा कि सीएम अपनी विफलताओं का ठीकरा दूसरे नेताओं पर फोड़ रहे है। दुष्यंत चौटाला ने ये भी कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हड़ताली सफाई कर्मचारियों से वार्ता करने के लिए राजी नहीं है। पुलिस के पहरे में आज शहरों में कचरा उठाया जा रहा है। दूसरी तरफ पटवारी और कानूनगो भी हड़ताल पर बैठे है। आज प्रदेश के ऐसे खराब हालात इसलिए बने है क्योंकि सीएम किसी से वार्ता नहीं चाहते है। दुष्यंत ने कहा कि मुख्यमंत्री सुबह-शाम पूर्व सरकारों को कोसने की बजाय प्रदेश के खराब हालातों पर ध्यान दें। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि प्रदेश का 70 प्रतिशत राजस्व एकत्रित करने वाले जिला गुरुग्राम के थोड़ी देर की बरसात में ही हाल बेहाल हो जाते है, इसके लिए कौन जिम्मेदार है ? हरियाणा में शुरू हुए विधानसभा मानसून सत्र के सवाल पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि भाजपा सरकार विधानसभा और संसद की गरिमा को तार-तार कर रही है। पिछले कई वर्षों से विधानसभा सत्रों को देखकर यही लगता है कि भाजपा लोकतंत्र को चर्चा से दूर करती जा रही है। जब तक चर्चा नहीं होगी, तब तक सुझाव नहीं आएंगे और सुझाव नहीं आएंगे तो देश आगे नहीं बढ़ेगा।
एक सवाल के जवाब में दुष्यंत चौटाला ने कहा कि अगर कोई घोटाला हुआ था तो हाईकोर्ट ने 3206 जेबीटी शिक्षकों को नौकरी, रिटायरमेंट के सभी फायदे क्यूं दिए ? उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के घरों में चूल्हा जलाने के लिए पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला और डॉ अजय सिंह चौटाला तो सजा काट आए, लेकिन इस देश में कानून कोर्ट से निर्धारित होते है और कोर्ट ने आज 3206 शिक्षकों की भर्ती को मान्य करार दिया है। अगर मुख्यमंत्री के पेट में इतना ही दर्द हो रहा है तो वे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले जाए, उनकी सरकार है। वहीं दुष्यंत चौटाला ने पंजाब सरकार की तर्ज पर हरियाणा में भी जॉब सिक्योरिटी का कानून लाने की मांग भी उठाई। इससे पहले दुष्यंत चौटाला व अन्य वरिष्ठ जेजेपी नेताओं ने जुलाना और नरवाना के बूथ लेवल एजेंट-2 के साथ बैठक कर एसआईआर और संगठन मजबूती को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।