बंगाणा (ऊना), 17 सितंबर. ऊना जिले के थानाकलां स्थित ग्रामीण आजीविका केंद्र युवाओं और महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने का प्रभावी मंच बनकर उभरा है। केंद्र में गुरुवार को आईएमपावर अकादमी फॉर स्किल्स का औपचारिक शुभारंभ किया गया। हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम द्वारा विकसित इस केंद्र में आईएमपावर के माध्यम से युवाओं एवं महिलाओं को निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है।

कार्यक्रम में कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के राज्य समन्वयक अतुल कहड़ोता तथा उपायुक्त ऊना जतिन लाल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का विजन है कि युवाओं और महिलाओं के हुनर को अवसरों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया जाए। इस दिशा में निर्णायक प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों का आह्वान किया कि वे कौशल प्रशिक्षण को प्रमाण पत्र हासिल करने तक सीमित न रखें, सीखे हुए हुनर को कमाई और आजीविका से जोड़ें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं में प्रतिभा, क्षमता और आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति है। जरूरत उन्हें सही प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध करवाने की है। आईएमपावर अकादमी फॉर स्किल्स इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप क्षेत्र का चयन कर उसमें आगे बढ़ने तथा अपने उत्पादों को स्थानीय स्तर से आगे ले जाकर ब्रांड के रूप में विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सीखे हुए कौशल का व्यावहारिक उपयोग किया जाना चाहिए। साथ ही, प्रशिक्षण के साथ उत्पादन इकाइयों को बढ़ावा देने पर भी बल दिया, ताकि कौशल सीधे रोजगार और आय के अवसरों में परिवर्तित हो सके।

उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में कौशल को सीधे रोजगार से जोड़ने के लिए पायलट आधार पर एक परियोजना शुरू करने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके तहत सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे लोगों को स्कूलों की वर्दियां तैयार करने के कार्य से जोड़ने की संभावना तलाश की जा रही है। इससे प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण के साथ-साथ काम और आय का अवसर भी मिल सकेगा।

आईमार्ट का भी शुभारंभ

विधायक विवेक शर्मा ने इस अवसर पर आईएमपावर अकादमी द्वारा स्थापित आईमार्ट का भी शुभारंभ किया। आईमार्ट के माध्यम से प्रशिक्षनार्थियों द्वारा तैयार किए जा रहे अचार, जैम, चटनी, सिलाई, हस्तकला और अन्य उत्पादों को प्रदर्शन एवं विपणन के लिए मंच उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने अकादमी की लैब्स एवं क्लासरूम का अवलोकन किया तथा प्रशिक्षणार्थियों से संवाद कर उनके प्रशिक्षण अनुभवों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी ली।

इस अवसर पर उन्होंने अकादमी द्वारा प्रकाशित रोजगार एवं उद्यमिता से संबंधित पुस्तिका का विमोचन भी किया।

कौशल और आजीविका गतिविधियों का केंद्र बनेगा ग्रामीण आजीविका केंद्र

उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम द्वारा करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से ग्रामीण आजीविका केंद्र का निर्माण प्रशासनिक भवन एवं छात्रावास सहित किया गया था। एम3एम फाउंडेशन के कौशल संबल कार्यक्रम के अंतर्गत आईएमपावर के माध्यम से यहां प्रशिक्षण गतिविधियां शुरू की गई हैं। अब तक करीब 250 युवा एवं महिलाएं प्रशिक्षण के लिए नामांकित हो चुके हैं। वर्तमान में सिलाई, हॉस्पिटेलिटी, कंप्यूटर तथा अचार-चटनी निर्माण सहित चार ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों से भी युवा एवं महिलाएं प्रशिक्षण के लिए यहां पहुंच रहे हैं।

उपायुक्त जतिन लाल ने उपायुक्त जतिन लाल ने युवाओं एवं महिलाओं से आह्वान किया कि वे खुद को छोटे लक्ष्य तक सीमित न करें, बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने का विश्वास रखें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण आजीविका केंद्र के माध्यम से यहां नियमित रूप से कौशल विकास, प्रशिक्षण, आजीविका संवर्धन और सामुदायिक सशक्तीकरण की गतिविधियां संचालित करने पर प्रशासन का फोकस है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि यह केंद्र युवाओं एवं महिलाओं के लिए कौशल और आजीविका के अवसरों का प्रभावी केंद्र बने। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक दक्षताओं को आधुनिक तकनीक, बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन एवं डिजिटल माध्यमों से जोड़कर आय के अवसर बढ़ाने का आह्वान किया।

बीडीओ बंगाणा केएल वर्मा ने कहा कि ग्रामीण आजीविका केंद्र में युवाओं और महिलाओं के लिए प्रशिक्षण की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं। केंद्र में रेजिडेंशियल ट्रेनिंग का भी प्रावधान है, जिससे प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले प्रशिक्षणार्थियों को यहां रहकर कौशल सीखने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की सोच है कि युवाओं और महिलाओं को उनके हुनर के अनुरूप कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा जाए। ग्रामीण आजीविका केंद्र में इस सोच को धरातल पर उतारने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि अकादमी में दिसंबर तक करीब 1,000 प्रशिक्षणार्थियों को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

एम3एम फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. पायल कनोडिया ने दी शुभकामनाएं

कार्यक्रम में एम3एम फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. पायल कनोडिया द्वारा प्रेषित शुभकामना संदेश का भी उल्लेख किया गया। उन्होंने अपने संदेश में कौशल विकास एवं ग्रामीण सशक्तीकरण के क्षेत्र में फाउंडेशन के सतत प्रयासों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।

एम3एम फाउंडेशन के प्रेसिडेंट एवं मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. ऐश्वर्य महाजन ने आईएमपावर अकादमी फॉर स्किल्स की कार्ययोजना की जानकारी देते हुए कहा कि कौशल संबल कार्यक्रम के अंतर्गत युवाओं एवं महिलाओं को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप रोजगारपरक एवं उन्नत कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के साथ प्रतिभागियों को रोजगार, स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने एम3एम फाउंडेशन द्वारा देशभर में विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से कौशल विकास और ग्रामीण सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की।

आईएमपावर अकादमी फॉर स्किल्स की टीम की ओर से एनआईईडी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरविंद ने सभी मेहमानों का आभार जताया।

कार्यक्रम में एसडीएम सोनू गोयल, तहसीलदार अमित शर्मा, डीपीओ श्रवण कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, एम3एम फाउंडेशन एवं आईएमपावर की टीम, प्रशिक्षक और प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।