डीसी ने 12 गाइड्स को प्रदान किए राज्यपाल पुरस्कार प्रमाणपत्रभारत स्काउट्स एवं गाइड्स के 77वें स्थापना दिवस पर आयोजित हुआ जिला स्तरीय सम्मान समारोहऊना, 7 नवंबर. भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के 77वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में शनिवार को उपायुक्त कार्यालय ऊना में जिला स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त जतिन लाल ने जिले की 12 गाइड्स को राज्यपाल पुरस्कार के प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया।उपायुक्त ने पुरस्कार प्राप्त करने वाली छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि स्काउट्स एवं गाइड्स आंदोलन युवाओं में नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रभक्ति और निस्वार्थ सेवा भाव विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने गाइड्स को जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने तथा समाज और देश के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।समारोह में जिला मुख्य आयुक्त एवं उपनिदेशक उच्च शिक्षा अनिल कुमार, जिला सचिव पवन कुमार, जिला संगठन आयुक्त (गाइड) सोनू कुमारी, जिला प्रशिक्षण आयुक्त (गाइड) मोनिका राणा, रेंजर कमिश्नर शिवानी देवी तथा गाइड कैप्टन पवन कुमारी पटियाल और रामदेई उपस्थित रहीं।अधिकारियों एवं गाइड कैप्टन्स ने भी पुरस्कार प्राप्त करने वाली छात्राओं के प्रयासों की सराहना की और उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
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*डीसी जतिन लाल ने परिवार सहित प्रवासी बच्चों संग मनाई दिवाली की खुशियां*
नौण मंदिर में प्रवासी बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने बांधा समां, शिक्षा सुधार समिति ने वितरित की पाठ्य सामग्री
ऊना, 7 नवंबर. उपायुक्त जतिन लाल शनिवार को परिवार सहित ईसपुर की शिक्षा सुधार समिति द्वारा नौण मंदिर परिसर में आयोजित दीपावली उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने समिति के गैर-आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों में पढ़ने वाले प्रवासी परिवारों के बच्चों के साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं। इस अवसर पर बच्चों ने गीतों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आकर्षक रंगोलियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उपायुक्त के साथ उनकी माता कमलेश लाल, धर्मपत्नी डॉ. रेणु सहरावत और बेटा विहान भी मौजूद रहे।
बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए जतिन लाल ने कहा कि हर बच्चे में प्रतिभा होती है और उसे निखारने के लिए उचित अवसर व प्रोत्साहन मिलना जरूरी है। उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में सहायक होती हैं।
इस दौरान उपायुक्त ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाई जारी रखने और जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
बच्चों के साथ खुशियां बांटते हुए उपायुक्त जतिन लाल भी उनके डांस में शामिल हुए। उनकी इस सहभागिता से बच्चों का उत्साह और बढ़ गया।कार्यक्रम में उनके बेटे विहान ने बच्चों के साथ केक काटा और सभी बच्चों को केक वितरित किया।
समारोह में शिक्षा सुधार समिति की ओर से गैर-आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों के बच्चों को पाठ्य सामग्री वितरित की गई। समिति के संस्थापक ओपी डोगरा ने बच्चों की शिक्षा एवं प्रोत्साहन के लिए 1 लाख 25 हजार रुपये की राशि भेंट की।
समिति के महासचिव सुच्चा सिंह कंग ने उपायुक्त एवं अन्य अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि समिति जरूरतमंद और प्रवासी परिवारों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से गैर-आवासीय प्रशिक्षण केंद्र संचालित कर रही है। उन्होंने इस कार्य में समाज के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर सतीश शर्मा, मोहन सिंह जसवाल, सरवन कुमार खट्टा, अश्वनी, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य शिव कुमार, कैप्टन हरमेश, रामकृष्ण भट्टी, सुरेश कुमार और तारा सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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दीपावली पर बुजुर्गों के साथ खुशियों के पल बिताने पहुंचे उपायुक्त
आश्रय पुरोधा केंद्र में वरिष्ठ नागरिकों को दिए उपहार, स्वर्गीय सुरेश एरी के योगदान को किया याद
ऊना, 7 नवंबर. दीपावली का पर्व अपनों के साथ खुशियां बांटने का अवसर है। इसी भावना के साथ उपायुक्त जतिन लाल शनिवार को अपनी माता कमलेश लाल, पत्नी डॉ. रेणु सहरावत और बेटे विहान के साथ चरतगढ़ स्थित वरिष्ठ नागरिक सुविधा केंद्र ‘आश्रय पुरोधा’ पहुंचे। उन्होंने वहां बुजुर्गों के साथ दीपावली मनाई, उन्हें उपहार भेंट किए और त्योहार की शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान उपायुक्त ने केंद्र के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय सुरेश एरी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा लगाया गया पौधा आज विशाल वृक्ष बन चुका है, जिसका लाभ समाज को मिल रहा है। सुरेश एरी ने अपना जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित किया और उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
उपायुक्त ने केंद्र प्रबंधन से कहा कि यहां आने वाले हर बुजुर्ग को परिवार के सदस्य जैसा अपनापन और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने बुजुर्गों की सुख-सुविधाओं और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने के निर्देश देते हुए कहा कि केंद्र में ऐसा वातावरण हो, जहां उन्हें घर जैसा एहसास हो और बेहतर देखभाल मिल सके।
इस अवसर पर केंद्र के कार्यकारी अध्यक्ष अमरीक सिंह, सचिव अश्वनी कलिआ, वित्त सचिव शम्मी जैन और विशन स्वरूप सहित अन्य उपस्थित रहे।