चंडीगढ़, जून 22: चंडीगढ़ की सबसे पुरानी नाट्य संस्था अभिनेत अपने पैंतालिसवें साल के सफर में बादल सरकार के कालजयी, बहुचर्चित और एकादिमि अवार्ड से सम्मानित नाटक 'पगला घोडा' को साहित्यकार और रंगकर्मी विजय कपूर के निर्देशन में 28 जून को टैगोर थिएटर, चंडीगढ़ में प्रस्तुत करेगी। यह प्रस्तुति नार्थ ज़ोन कल्चरल सेंटर, पटियाला  और कल्चर अफेयर्स डिपार्टमेंट चंडीगढ़ प्रशाशन के सौजन्य से लाई जा रही है। इसमें कोर पी आर और वेल्किन का भी सराहनीय सहयोग है।

शमशान-भूमि की पृष्ठभूमि पर आधारित यह नाटक अतृप्त प्रेम की अद्भुत अभिव्यक्ति है। चार दोस्तों के जीवन में आई लड़कियां जो मर चुकी हैं के ज़रिये मनोविज्ञानिक स्तर पर उनकी कमियां और अकेलेपन की गुथियाँ उस समय खुलती हैं जब वो एक लड़की को जलाने एक सूने शमशानघाट में लाते  हैं। जलने वाली लड़की एक-एक करके उन चारों की प्रेमिकाओं के रूप में बदल उन्हें उनके भूतकाल में ले जाती है, अपनी व्यथा-कथा को दर्शाते। जलती लड़की के भस्म होने के इंतज़ार में शराब और ताश के दौर चलते हैं। नारी पर जाने-अनजाने होने वाले अत्याचार उधड़ कर झाँकने लगते है, न्याय की मांग करते हैं। मधुर क्षणों की स्मृतियों भी बीच-बीच में लौटती हैं। अंततः शमशान में घटने वाली नाटक की यह कहानी मृत्यु पर जीवन के सन्देश से खत्म होती है। इस प्रस्तुति में भाग लेने वाले कलाकार हैं , बबिता कपूर, गौरव आहूजा, संजय मल्होत्रा, विजय कपूर, शुभम वशिष्ठ और प्रणव वशिष्ट। नाटक में संगीत दिया है हिमांशु शर्मा ने।