जिला हमीरपुर में मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना से महिलाओं की आर्थिक स्थिति बनी सुदृढ़
पूजा राणा ने हैलो मोटर कार केयर यूनिट स्थापित कर पेश की एक नई मिशाल
उपभोक्ताओं को बेहतर व गुणात्मक सेवाएं प्रदान करना उनका मुख्य ध्येय
हमीरपुर 13 दिसम्बर । जिला हमीरपुर में मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के बेहतर परिणाम सामने आने लगे हैं। बेरोजगार युवाओं के लिए यह योजना आय अर्जन का मुख्य साधन बन चुकी है। विशेषकर महिलाओं का स्वरोजगार की ओर रूझान बढ़ा है तथा वह अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए उद्यमिता की ओर अग्रसर हो रही हैं। आज बेटियां बेटों से चार कदम आगे बढक़र हर क्षेत्र में अपनी शक्ति का लोहा मनवा रही हैं। अगर हौंसले बुलंद हो तो मंजिल खुद-ब -खुद हासिल हो जाती है। ऐसी ही एक उपलब्धि हासिल की है हमीरपुर विकास खंड के एक छोटे से गांव दुगनेहड़ी की पूजा राणा ने। हमीरपुर विकास खंड के अंतर्गत हमीरपुर नगर परिषद क्षेत्र से सटी ग्रांम पंचायत बजूरी के गांव दुगनेहड़ी की पूजा राणा सुपुत्री स्व0 बलबंत सिंह ने कुछ समय पूर्व मोटर कार केयर यूनिट स्थापित करने की ठान ली। इसके लिए उन्हें उद्योग विभाग से मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के बारे जानकारी मिली। योजना की विस्तार से जानकारी प्राप्त करने के बाद उन्होंने इसे मूर्त रूप प्रदान किया। पूजा राणा ने उद्योग विभाग द्वारा केसीसी बैंक हमीरपुर के माध्यम से अक्तूबर, 2018 में 12 लाख रूपए का ऋण लिया और अपने गांव दुगनेहड़ी में वाई पास के नजदीक राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे वीएस टायर हैलो मोटर कार केयर युूनिट के नाम से एक औद्योगिक इकाई की स्थापना की।
आज वह सफलतापूर्वक इस यूनिट को संचालित कर रही है। यूनिट में 5 कर्मचारी भी रखे गए हैं जो यूनिट के प्रबंधन, देख -रेख, सफाई के अतिरिक्त गाडिय़ों की सर्विस व वाशिंग के कार्य को अंजाम देते हैं। पूजा राणा का कहना है कि वह इस कारोवार से हर माह 25 हजार रूपए कमा रही हैं। उनके यूनिट में उपलब्ध आधुनिक मशीनरी तथा सेवाओं की लोगों को जैसे-2 जानकारी प्राप्त होगी, निश्चित रूप से उनके कारोबार में वृद्धि होगी। अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए आधुनिक तरह की बेहतर व गुणात्मक सेवाएं प्रदान करना उनका मुख्य ध्येय है जिसके लिए वह निरंतर प्रयासरत है। शीघ्र ही यूनिट में प्रदूषण चैक सैंटर की स्थापना भी की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं को एक ही स्थान पर गाड़ी की सर्विस, वाशिंग व प्रदूषण चैक प्रमाण पत्र की सुविधा उपलब्ध हो। इस यूनिट में व्हील अलाईंनमैंट, टायर चेंजर, टायर बैलेंसर, नाईट्रोजन, वाशिंग लिफट हाईड्रोलिक सहित अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं। इस यूनिट के माध्यम से उपभोक्ताओं को आधुनिक तरह की सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। यूनिट में गाडिय़ों की सर्विस का भी प्रावधान है।

जारीकर्ता:-
आई0डी0 राणा,
सहायक लोक सम्पर्क अधिकारी,
जिला हमीरपुर, हमीरपुर हि0 प्र0

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सोलन दिनांक 14.12.2019

नशे पर अंकुश के लिए नैतिक एवं पारिवारिक मूल्यों की शिक्षा आवश्यक

हिमाचल इंस्टीटयूट आॅफ एजुकेशन में नशे के विरूद्ध अभिभावक दिवस

युवाओं को समय पर नैतिक एवं पारिवारिक मूल्यों की शिक्षा न दिया जाना वर्तमान में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति का अहम कारण बन कर उभरा है। यह जानकारी आज सोलन के कोठों स्थित हिमाचल इंस्टीटयूट आॅफ एजुकेशन में स्वंय सेवी संस्था शिक्षा क्रांति द्वारा नशा निवारण अभियान के तहत दी गई।
प्रदेश व्यापी नशा निवारण अभियान के अन्तर्गत हिमाचल इंस्टीटयूट आॅफ एजुकेशन में शिक्षा क्रांति ने शिक्षकों एवं छात्रों के साथ अभिभावक दिवस (फादर-सन डे) आयोजित किया। कार्यक्रम में 100 से अधिक स्वयंसेवियों, शिक्षकों एवं प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।
इस अवसर पर शिक्षा क्रांति के संस्थापक सत्यन ने प्रशिक्षुओं को नशे की बढ़ती प्रवृति और इसकी निवृति पर सारगर्भित जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि पारिवारिक मूल्यों का क्षरण युवाओं में बढ़ती नशे की लत के लिए बड़ा कारक बन कर उभरा है। उन्होंने कहा कि बच्चा सर्वप्रथम अपने घर से ही नैतिक एवं पारिवारिक मूल्यों की जानकारी प्राप्त करता है। यदि बच्चों को अपनी संस्कृति एवं लोकाचार की सही जानकारी दी जाए तो बच्चे भविष्य के बेहतर नागरिक बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को यह बताया जाना आवश्यक है कि जीवन में वही युवा देश, समाज तथा परिवार के प्रति उचित जिम्मेदारी निभा पाते हैं जो नैतिक एवं पारिवारिक मूल्यों पर चलकर कत्र्वय पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि अभिभावकों और बच्चों के बीच सही समझ और तालमेल का होना आवश्यक है। अभिभावकों को युवाओं के साथ नियमित संवाद करते रहना चाहिए तथा उनकी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए ताकि युवा अपने घर पर ही परेशानियों का तार्किक निदान प्राप्त कर सकें। उन्होंने आग्रह किया कि माता-पिता और युवा मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध बना कर रखें।
शिक्षा क्रांति के संस्थापक ने कहा कि नशे पर अंकुश लगाने के लिए अध्यापकों का भी सजग रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन में युवा अपना अधिकतम समय विद्यालय अथवा महाविद्यालय में व्यतीत करते हैं। अध्यापक यदि थोड़े सजग रहें तो छात्रों को नशे की अन्धी खाई में गिरने से बचा सकते हैं।
सत्येन ने इस अवसर पर कहा कि यदि समय रहते समाज सामूहिक रूप से नशाखोरी एवं नशे के सौदागरों के विरूद्ध खड़ा नहीं हुआ तो बहुत देर हो जाएगी।
उन्होंने सभी को नशे के विरूद्ध शपथ दिलवाई। उन्होंने कहा कि भविष्य में शिक्षा क्रांति के स्वयंसेवी और काॅलेज के प्रशिक्षु व शिक्षक वर्ग मिलकर समाज में मित्रता जैसे पारिवारिक मूल्य को बढ़ावा देने के लिए कार्य करेंगे।
काॅलेज के प्रधानाचार्य डाॅ. प्रेम पाल ने नशे के खिलाफ जागरूकता के लिए शिक्षा क्रांति के स्वयंसेवियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका शिक्षण संस्थान शिक्षा क्रांति संस्था के साथ समाज को नशा मुक्त बनाने की दिशा में मिलकर कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि इस कार्य में अध्यापक, अभिभावक और छात्रों को एकजुट होकर कार्य करना होगा।
इस मौके पर शिक्षा क्रांति के स्वंय सेवी रणजीत शर्मा, मनीषा ठाकुर, काॅलेज के प्रधानाचार्य डाॅ. प्रेम पाल एवं शिक्षक वर्ग उपस्थित रहे।

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सोलन दिनांक 14.12.2019

नशाखोरी के विरूद्ध लाॅन टैनिस प्रतियोगिता ‘संकल्प’ आरम्भ

नशाखोरी के विरूद्ध कार्यान्वित किए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला पुलिस सोलन द्वारा लाॅन टैनिस प्रतियोगिता ‘संकल्प’ का शुभारम्भ आज यहां पुलिस लाईन में हुआ।
प्रतियोगिता का शुभारम्भ अन्तरराष्ट्रीय टैनिस खिलाड़ी योगेश चैहान ने किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोलन मधुसूदन शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि नशाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस बल को हर समय सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संकल्प का उद्देश्य युवाशक्ति को यह सन्देश देना है कि विभिन्न खेलों के माध्यम से स्वस्थ रहकर सफलतापूर्वक नशे की चुनौती का सामना किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सोलन पुलिस नशे जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन के लिए सदैव तैयार है और इस दिशा में सफल अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस नशे के खिलाफ जीरो टोलरेंस की नीति अपना रही है और इस दिशा में लोगों से सहयोग अपेक्षित है।
उप पुलिस अधीक्षक रमेश शर्मा सहित टैलिस खिलाड़ी इस अवसर पर उपस्थित थे।