जयपुर,31.01.18- कहते हैं कि इस संसार की सभी बुरी और अच्छी शक्तियाँ हमारे ही अंदर मौजूद हैं। जरुरत तो केवल उन अच्छी शक्तियों को पहचानने की है। लेकिन यदि हम अपनी सभी अच्छी शक्तियों को अपने लक्ष्य पर केन्द्रित कर देते हैं तो सफलता उनके कदम चूमती है। स्वामी विवेकानंद के इन वाक्यों को चरितार्थ कर दिखाया है जयपुर की अनिता खत्री ने। बचपन से ही लाइम लाइट में आने का सपना संजोए अनिता खत्री ने 63 साल की उम्र में बुलगारिया की राजधानी सोफिया में आयोजित कांटेस्ट में ‘मिसेज यूनिवर्स ग्रेंड मां अर्थ’ का खिताब अपने नाम किया है। इस प्रतियोगिता में भारत की और से पहली बार प्रतिनिधित्व किया गया।
वर्ष-2012 में मिसेज राजस्थान व वर्ष-2017 में मिसेज इंडिया वुमेन ऑफ सबस्टीनस रह चुकी अनिता खत्री ने न केवल ग्लेमर की दुनिया में नाम कमाया बल्कि बिजनेस में भी एक सफल बिजनेसवूमेन के तौर पर अपने आप को स्थापित किया है। 19 देशों की प्रतिभागियों में सबसे अधिक उम्रदराज प्रतिभागी होने के बावजूद बुलंद हौसले व आत्मविश्वास की बदौलत अनिता खत्री ने तीनों राउंड में ज्यूरी मैबर्स का ध्यान आकर्षित करते हुए खिताब जीता। नेशनल ड्रेस राउंड में अनिता खत्री ने मां दुर्गा व टेलेंट राउंड में घूमर नृत्य की प्रस्तुति से राजस्थान की कला एवं संस्कृति से रूबरू कराया। इसके बाद इवनिंग गाउन के साथ रैंम्पवॉक के लिए उतरी अनिता खत्री की खुशी का उस वक्त ठिकाना नहीं रहा जब ज्यूरी मैंबर्स ने उनका नाम मिसेज यूनिवर्स ग्रेंड मां अर्थ के लिए पुकारा। मिसेज अनिता खत्री को ज्यूरी मैंबर ने ताज व सैस पहनाकर सम्मानित किया। गौरतलब है कि वर्ष-2012 में शुरू हुई मिसेज यूनिवर्स ग्रेंड मां कांटेस्ट में पहली बार भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अनिता खत्री ने भाग लिया था।
इस कांटेस्ट में कैनेडा, स्पेन, मलेशिया, सिंगापुर, यूके, बुलगारिया, दक्षिण अफ्रीका, स्विटजरलैंड, फिलीपींस, ऑस्ट्रेलिया, रूस व भारत सहित कुल 19 देशों की 40 से 60 साल तक की महिलाओं ने हिस्सा लिया था। ज्यूरी मैंबर्स ने अनिता खत्री को 63 साल की आयु होने के बावजूद स्पेशल एंट्री की अनुमति प्रदान की थी। 
ये भी मिले अवार्ड 
अनिता खत्री को वर्ष-2015 में फिक्की फ्लो अवार्ड, वर्ष-2016 में जयपुर सिटी आइकॉन अवार्ड, एफएम जियेा दिल से अवार्ड भी मिल चुके हैं। बिजनेस के साथ-साथ अपने सामाजिक दायित्वों का निवर्हन करते हुए अनिता खत्री ने बच्चों में सैक्सुअल  अभ्युजमेंट को लेकर जागरूकता अभियान चला रही हैं। ‘सम्पूर्णा एक नई कल्पना’ एनजीओ के जरिए अनिता खत्री स्कूलों में निःशुल्क सेमीनार करती हैं। साथ ही बच्चों की इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने हैल्पलाइन नंबर भी जारी किया हुआ है।