ऊना, 10 अगस्त। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विंग्स स्केल-अप प्रोजेक्ट के अंतर्गत ब्लॉक हरोली की समस्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का अंतिम बैच आज सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। इस प्रशिक्षण से ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं के प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग ऊना हरीश मिश्रा के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर **खंड चिकित्सा अधिखंड चिकित्सा अधिकारी हरोली डॉ. सिंगारा सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।
हरीश मिश्रा ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम को कुल छह बैचों में आयोजित किया गया, जिसमें ब्लॉक हरोली की सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को परियोजना के प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य लाभार्थियों की सही पहचान, सेवाओं की समय पर पहुँच तथा परियोजना गतिविधियों के सुव्यवस्थित संचालन हेतु कार्यकर्ताओं की क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विंग्स स्केल-अप प्रोजेक्ट के उद्देश्यों, लक्षित लाभार्थियों की पहचान, लाइन लिस्ट तैयार करने एवं उसके नियमित अद्यतन, पात्र लाभार्थियों तक सेवाओं की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने तथा परियोजना की विभिन्न गतिविधियों के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका एवं उत्तरदायित्वों पर विशेष बल दिया गया, ताकि वे समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य, पोषण एवं अन्य संबंधित सेवाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध करा सकें।
तकनीकी सत्रों का संचालन सोसाइटी फॉर स्टडीज की ओर से डॉ. प्रफुल्ल सिंह, डॉ. कृतिका ठाकुर एवं सुश्री मेधा थपलियाल द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के सफल संचालन में आईसीडीएस पर्यवेक्षकों का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
प्रशिक्षण के दौरान पूरक पोषण आहार से संबंधित विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें वैज्ञानिक एवं पारदर्शी वितरण, अभिलेखों के समुचित संधारण तथा आंगनवाड़ी केंद्रों पर सुरक्षित एवं व्यवस्थित भंडारण की प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त एसएएस की एंथ्रोपोमेट्री टीम ने प्रतिभागियों को लंबाई, वजन एवं बीएमआई के मानकीकृत मापन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया, जिससे क्षेत्र स्तर पर विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण डेटा संकलन सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी हरोली शिव कुमार ने सभी प्रतिभागियों, एसएएस टीम तथा प्रशिक्षण में सहयोग देने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की क्षमता वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और इससे विंग्स स्केल-अप प्रोजेक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को और अधिक गति मिलेगी।
इस अवसर पर बीएमओ हरोली डॉ. सिंगारा सिंह ने प्रशिक्षित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं कौशल का क्षेत्र स्तर पर प्रभावी उपयोग करें। उन्होंने विशेष रूप से आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के बीचआशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय और टीमवर्क पर बल देते हुए कहा कि इससे गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं बच्चों तक आवश्यक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की समय पर पहुँच सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता समुदाय तक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएँ पहुँचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत समन्वय से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण संबंधी परिणामों में सकारात्मक एवं उल्लेखनीय सुधार संभव है।
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