धर्मशाला, 25 अगस्त: कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में आने वाले गगल के सभी प्रभावितों के पुनर्वास के लिए हिमाचल सरकार कृतसंकल्प है। मुख्यमंत्री तथा उप मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में आने वाले परिवारों को आश्वासन दिया गया है कि उन्हें उनका हक दिलवाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सरकार ने विधानसभा में करीब 60 से 70 परिवारों अब उचित मुआवजे के साथ पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (आरएंडआर) का लाभ भी देने का सरकार ने आश्वासन दिया है। पठानिया ने कहा कि विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में सरकार की ओर से जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित परिवारों को उनका उचित हक दिलाने के लिए सरकार गंभीर है। उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों को नियमानुसार मुआवजा देने के साथ आरएंडआर का लाभ भी सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि गगल परिवारों जो लंबे समय से सरकारी अथवा पंचायत द्वारा देय भूमि पर रह रहे हैं। एयरपोर्ट विस्तार के कारण इन परिवारों के सामने विस्थापन की स्थिति पैदा हुई है, लेकिन अभी तक उन्हें मुआवजे और पुनर्वास का लाभ नहीं मिल पाया है।
उन्होंने कहा कि कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार प्रदेश के विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजना है और इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। अधिकांश प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जा चुका है, जबकि गगल क्षेत्र एयरपोर्ट विस्तार से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले इलाकों में शामिल है।
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि ये परिवार दशकों से गगल में रह रहे हैं और क्षेत्र की सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के कारण प्रभावित होने वाले किसी भी परिवार को बीच मझधार में नहीं छोड़ा जा सकता। सरकार का दायित्व है कि प्रभावितों को कानून एवं नियमों के तहत उनका अधिकार मिले।
पठानिया ने कहा कि शेष प्रभावित परिवारों की समस्याओं को भी सरकार संवेदनशीलता के साथ देख रही है। सरकार की ओर से अब सदन में दिए गए आश्वासन से इन परिवारों को अपने भविष्य को लेकर बड़ी राहत मिली है।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और पात्र परिवारों को मुआवजे के साथ पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।