घुमारवीं (बिलासपुर), 04 सितंबर: नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक तथा औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत दधोल और पपलाह में मुख्यमंत्री ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना के अंतर्गत आयोजित जनसंवाद कार्यक्रमों में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने 14 ग्राम पंचायतों के लोगों से संवाद कर योजना के उद्देश्य, पात्रता और इसके तहत उपलब्ध करवाई जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी तथा लोगों की समस्याओं और सुझावों को भी सुना। उन्होंने ग्राम पंचायत दधोल में दधोल, डंगार, छन्दोह, पडयालग, गाहर, गतवाड़ और कसारू पंचायतों के लोगों से संवाद किया। जबकि ग्राम पंचायत पपलाह में पपलाह, करलोटी, कपाहड़ा, पलासला, छत, संडयार और कोटलू ब्राह्मणा पंचायतों के परिवारों से जन संवाद किया।
राजेश धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार व्यवस्था परिवर्तन की सोच के साथ कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं और संसाधनों का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना शुरू की जा रही है, जिसके माध्यम से अति निर्धन परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक संबल प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रदेश में 80,000 ऐसे परिवारों को शामिल किया गया है, जिन्हें अब तक कभी भी आईआरडीपी अथवा बीपीएल योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें सरकारी सहायता के दायरे में लाना व्यवस्था परिवर्तन की दिशा में सरकार का महत्वपूर्ण कदम है। योजना का उद्देश्य उन जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाना है, जो विभिन्न कारणों से अब तक कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहे हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता, 300 यूनिट तक निःशुल्क बिजली तथा आवास निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक परिवार को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में हिमकेयर योजना को बीमा आधारित बनाकर 10 लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार सुविधा प्रदान करने पर भी सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आगामी 2 अक्तूबर से योजना का शुभारंभ किया जाएगा।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पात्र परिवारों की पहचान सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को 20 सितंबर से पहले पात्र परिवारों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सत्ता संभालने के बाद समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को प्राथमिकता दी है। अनाथ बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना आरंभ की गई है, जिसके माध्यम से प्रदेश के लगभग 6,000 बच्चों की शिक्षा, आवास और अन्य आवश्यकताओं का दायित्व सरकार उठा रही है। इसके अलावा विधवा एवं तलाकशुदा महिलाओं के बच्चों की शिक्षा के लिए इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना तथा उच्च शिक्षा के लिए डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं का विस्तार कर रही है, ताकि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को बेहतर सेवाओं के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़े। आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के विकास के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
राजेश धर्माणी ने कहा कि किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाना भी प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। भैंस के दूध का खरीद मूल्य 71 रुपये तथा गाय के दूध का 61 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है। इसके अलावा गेहूं, मक्की, कच्ची हल्दी और अदरक के लिए भी समर्थन मूल्य घोषित कर किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध करवाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सड़कों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास और आर्थिक गतिविधियों की रीढ़ होती हैं। प्रदेश सरकार ग्रामीण सड़कों के निर्माण एवं सुधार को प्राथमिकता दे रही है और प्रत्येक गांव को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बेहतर सड़क सुविधाओं से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने, युवाओं को रोजगार के अवसरों तक पहुंचने और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने में मदद मिलेगी।
राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य विकास की मुख्यधारा से छूटे हुए व्यक्ति तक पहुंचकर उसे सरकारी योजनाओं से जोड़ना है। ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से उन परिवारों तक सरकारी सहायता पहुंचाई जाएगी, जिन्हें अब तक ऐसी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने लोगों से योजनाओं का लाभ उठाने और पात्र जरूरतमंद परिवारों को इनके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।