चंडीगढ़, 18 सितंबर:मास्टर प्लान-2031 में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर लघु उद्योग भारती, चंडीगढ़ इकाई ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इस पहल का स्वागत किया है। लघु उद्योग भारती, चंडीगढ़ के अध्यक्ष अवि भसीन ने कहा कि शहर के विकास, औद्योगिक जरूरतों और विरासत संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए तैयार किए जा रहे ये बदलाव चंडीगढ़ के उद्योग जगत के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

अवि भसीन ने माननीय प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया जी, मुख्य सचिव श्री राजेश प्रसाद जी, वित्त सचिव श्री लकरा जी तथा श्री निशांत यादव जी एवं उनकी पूरी टीम का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा उद्योगों की जरूरतों को समझते हुए मास्टर प्लान में आवश्यक बदलावों पर विचार करना चंडीगढ़ में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।

उन्होंने विशेष रूप से इंडस्ट्रियल बिल्डिंग का FAR बढ़ाकर 2 करने के प्रस्ताव का स्वागत किया। इससे औद्योगिक भूखंडों का बेहतर उपयोग हो सकेगा और मौजूदा उद्योगों को अपनी गतिविधियों को व्यवस्थित एवं आधुनिक तरीके से संचालित करने में सहायता मिल सकती है।

उन्होंने माननीय प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया जी से विशेष अनुरोध किया कि नई नीति छोटी औद्योगिक इकाइयों और छोटे उद्यमियों के लिए सुविधाजनक, व्यावहारिक और किफायती हो, ताकि वे बिना अत्यधिक आर्थिक बोझ के नई नीति को अपना सकें और इसका वास्तविक लाभ उठा सकें।

उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ का औद्योगिक क्षेत्र बड़ी संख्या में MSME और छोटे उद्यमियों से जुड़ा हुआ है। इसलिए नीति बनाते समय उनकी आर्थिक क्षमता, मौजूदा ढांचे और व्यावहारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।

अवि भसीन ने कहा, “हम प्रशासन द्वारा उद्योगों की आवश्यकताओं को समझते हुए किए जा रहे इन प्रयासों का स्वागत करते हैं। हमारा मानना है कि उद्योगों और प्रशासन के बीच निरंतर संवाद से ऐसी नीतियां बनाई जा सकती हैं, जो चंडीगढ़ की विरासत और सुनियोजित विकास को बनाए रखते हुए उद्योगों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्रदान करें। साथ ही, नीति इतनी सरल और किफायती हो कि छोटे से छोटा उद्यमी भी इसे आसानी से अपना सके।”