घुमारवीं (बिलासपुर) 22 सितंबर: नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि शैक्षणिक ज्ञान प्राप्त करने के साथ-साथ आत्म-विकास, संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता और आत्मनिर्भरता पर भी विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से ही एक बेहतर, सशक्त और जागरूक समाज का निर्माण संभव है। राजेश धर्माणी आज पीएम श्री मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भराड़ी में आयोजित विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि इस संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं और उनकी सीखने की प्रक्रिया को समझने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जागरूकता, सकारात्मक सोच और आत्मनिर्भरता की भावना को प्रोत्साहित करना है। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने मंत्री राजेश धर्माणी से उनके व्यक्तिगत जीवन, संघर्ष, रुचियों और जीवन के अनुभवों से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। विद्यार्थियों ने यह भी जानना चाहा कि विधायक और मंत्री बनने के बाद घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए उनकी प्रमुख प्राथमिकताएं क्या हैं तथा किन क्षेत्रों पर वे विशेष ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

राजेश धर्माणी ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का सहजता और आत्मीयता के साथ उत्तर देते हुए अपने जीवन के अनुभवों, रुचियों और संघर्षों को साझा किया। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए निरंतर सीखने, मेहनत करने और सकारात्मक सोच बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विधायक और मंत्री के रूप में घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, परिवहन, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है तथा सरकार लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि घुमारवीं विस क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किए जा रहे हैं। बम्म में 33 केवी सब-स्टेशन, बदाघाट में 132 केवी तथा घुमारवीं में 33 केवी सब-स्टेशन स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त रिकंडक्टरिंग, बिजली के पोल एवं ट्रांसफार्मरों के अपग्रेडेशन का कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली और पेयजल सहित विभिन्न क्षेत्रों में लगातार विकास कार्य कर रही है, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में आगे बढ़ने की अपार क्षमताएं हैं, उन्हें बेहतर वातावरण और अवसर मिले तो वह अपनी योग्यता और क्षमता का बेहतर उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए केवल डिग्री अथवा पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता, सामूहिक चर्चा में भागीदारी, श्रवण क्षमता और सामाजिक व्यवहार को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छी पुस्तकें पढ़ने, सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने तथा सकारात्मक और व्यापक मित्र-मंडली बनाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीवन में कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है, बशर्ते उसे प्राप्त करने के लिए पूरी लगन, निरंतरता और एकाग्रता के साथ प्रयास किया जाए। विद्यार्थियों को अपनी खूबियों और कमियों की पहचान कर निरंतर आत्म-सुधार की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों से मोबाइल फोन का सकारात्मक उपयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि मोबाइल का इस्तेमाल केवल मनोरंजन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे ज्ञानवर्धन, अधिगम और आत्म-विकास का माध्यम बनाएं। उन्होंने विद्यार्थियों को योग एवं खेलों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने तथा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए भी प्रेरित किया।

संवाद सत्र के दौरान राजेश धर्माणी ने विद्यार्थियों को “अगले पांच या दस वर्ष बाद मैं स्वयं को कहां देखना चाहता या चाहती हूं” विषय पर निबंध लिखने को कहा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने भविष्य के लक्ष्य, सपनों और उन्हें प्राप्त करने की कार्ययोजना पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि बेहतरीन निबंध लिखने वाले विद्यार्थियों को आगामी जिला स्तरीय सीर उत्सव में पुरस्कृत किया जाएगा।
इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार विभिन्न माॅडलों का भी अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों से मॉडल विकसित करने के पीछे उद्देश्यों बारे भी विस्तृत चर्चा की।

इस अवसर पर उपनिदेशक उच्च शिक्षा स्कूल नरेश चंदेल, विद्यालय के प्रधानाचार्य मदन लाल शर्मा सहित विद्यालय के अध्यापक एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।