कुल जमा व ऋण अनुपात को सुधारा जाए: हेमराज बैरवा
डीएलआरसी एवं डीसीसी की त्रैमासिक जून बैठक आयोजित
वित्तीय समावेशन, कृषि विकास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को सुदृढ़ करने पर जोर
धर्मशाला, 22 सितम्बर: जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला स्तरीय बैंक सलाहकार समिति की बैठक मंगलवार उपायुक्त हेमराज बैरवा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिला कांगड़ा में बैंकिंग क्षेत्र के माध्यम से संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, उपलब्धियों एवं प्रभावों की समीक्षा की गई। चालू वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही में बैंकों के प्रदर्शन, वित्तीय समावेशन, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों, डेयरी फार्मिंग, पशुधन ऋण तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही के दौरान जिला कांगड़ा के बैंकों में 52,775.32 करोड़ रुपये की जमा राशि रही, जबकि इसी अवधि में 13,696.26 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए। इस अवधि में जिले का ऋण-जमा अनुपात 25.95 प्रतिशत रहा।
उन्होंने सभी बैंकर्स को ऋण-जमा अनुपात में सुधार लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों की उद्यमिता एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने कहा कि इससे आर्थिक गतिविधियों को गति देने के साथ-साथ जिले में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने किसानों की आय बढ़ाने, कृषि यंत्रीकरण, कृषि अवसंरचना के विकास तथा किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण वितरण को और बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिले में विशेषकर पौंग बांध क्षेत्र में मत्स्य पालन गतिविधियों तथा जलीय कृषि अवसंरचना विकास निधि जैसी योजनाओं के लिए भी बैंकों द्वारा वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जाए, ताकि जिले की ऋण अवशोषण क्षमता को बढ़ाया जा सके।
उन्होंने कहा कि ढगवार मिल्क प्लांट की उत्पादन क्षमता को बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में दूध की उपलब्धता सुनिश्चित हेतु डेयरी संचालकों एवं पशुपालकों को बैंकिंग योजनाओं के माध्यम से उचित वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएं।
उन्होंने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र लोगों को जोड़ने के लिए विशेष शिविर, जागरूकता कार्यक्रम तथा ग्राहक संपर्क गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी लोगों को जागरूक करने तथा बैंकिंग माध्यम से उनकी आर्थिक गतिविधियों को सुदृढ़ करने पर बल दिया।
बैठक में कांगड़ा नगर बैंक शाखा को कांगड़ा मुख्य शाखा से, चैतड़ू बैंक शाखा को बगली, सिहूंड को बलधर तथा चतवाणा लाहडू़ को ज्वाली बैंक शाखा में सम्मिलित करने को अनुमोदन प्रदान किया।
*शिक्षा ऋण एवं स्वरोजगार योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर
उपायुक्त ने बैंकों को ऋण योजनाओं, स्वरोजगार कार्यक्रमों, सरकार प्रायोजित योजनाओं तथा शिक्षा ऋण के संबंध में लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। इसके अलावा वाईएस परमार शिक्षा ऋण योजना बारे भी युवाओं को जागरुक किया जाए ताकि प्रतिभावान विद्यार्थी बेहतर से बेहतर शिक्षा ग्रहण करने से वंचित न रहे।
*गृह निर्माण ऋण सीमा वृद्धि पर मांगे तथ्यात्मक सुझाव
बैठक में गृह निर्माण ऋण सीमा की वृद्धि को लेकर उपायुक्त ने बैंकर्ज़ से तथ्यात्मक सुझाव मांगे। उन्होंने कहा कि भूमि की बढ़ती कीमतों के कारण निर्धारित ऋण सीमा में लोगों को गृह निर्माण में कठिनाई पेश आ रही है। इस सम्बन्ध में अगली बैठक में तथ्यों सहित सुझाव प्रस्तुत किये जाएं ताकि अंतिम निर्णय के लिए मामला उठाया जा सके।
*प्रत्येक बैंक शाखा से एक टीबी रोगी को ‘निक्षय मित्र’ के रूप में अपनाने का आग्रह
उपायुक्त ने कहा कि जिले में ‘निक्षय मित्र’ पहल के तहत टीबी रोगियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने इसे सामाजिक दायित्व के साथ-साथ समाज सेवा का महत्वपूर्ण कार्य बताते हुए जिले में संचालित प्रत्येक बैंक शाखा से कम से कम एक टीबी रोगी को ‘निक्षय मित्र’ के रूप में गोद लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बैंक शाखाएं संस्थागत अथवा व्यक्तिगत स्तर पर भी इस सामाजिक कार्य से जुड़कर टीबी उन्मूलन अभियान में अपना योगदान दे सकती हैं।
*धीमी प्रगति एवं बैठकों से अनुपस्थित रहने वाले बैंकर्स पर लिया संज्ञान
उपायुक्त ने कुछ बैंकों की धीमी प्रगति पर कड़ा संज्ञान लेते हुए संबंधित बैंकर्स को व्यक्तिगत रूप से फील्ड विजिट करने तथा अगली बैठक तक सकारात्मक परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठकों से लगातार अनुपस्थित रहने वाले बैंकर्स की जवाबदेही सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में एजीएम संजय जैन, निदेशक आरसेटी मदन लाल, अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक पृथ्वी रणवीर, प्रबंधक आरबीआई शिमला आशीष सांगरा, नाबार्ड के हिमांशु साहू, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र ओपी जरियाल सहित विभिन्न बैंकिंग संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा कृषि, बागवानी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।