नीलोखेड़ी, 23.09.26- : ग्रामीण विकास की योजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जरूरत आधारित बनाने में आधुनिक तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका है। जीआईएस के माध्यम से उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण कर गांवों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों की बेहतर योजना तैयार की जा सकती है। यह बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कही। वे संस्थान में ग्रामीण विकास एवं वीजीपीपी योजना में जी आई एस की भूमिका विषय पर आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि हरियाणा में कार्यरत सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को जनता से संवाद और सरकारी पत्र व्यवहार में सतप्रतिशत हिंदी में काम करने की आदत बनानी चाहिए ठीक है। यह संवैधानिक आवश्यकता भी है और हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी।समापन अवसर पर डॉ. चौहान ने प्रशिक्षण में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए तथा उनके सफल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर संस्थान के सहायक आचार्य सुशील मेहता, सहायक आचार्य संदीप कुमार, राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान से गुरबिंदर सिंह, अतिरिक्त खंड कार्यक्रम अधिकारी संदीप, मंदीप, बलवान, कृष्ण सहित संस्थान के अधिकारी, कर्मचारी एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।