घुमारवीं के करंगोड़ा क्लस्टर में पौधारोपण अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास प्रबंधन, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

बिलासपुर, 29 मार्च –

एचपीशिवा परियोजना के तहत उद्यान विभाग, जिला बिलासपुर द्वारा घुमारवीं के करंगोड़ा क्लस्टर में पौधारोपण अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास प्रबंधन, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस परियोजना के अंतर्गत 5 हेक्टेयर भूमि पर 5,500 पौधे (मुसम्मी/स्वीट लाइम) लगाए जा रहे हैं। इस पहल का पूरा खर्च एचपीशिवा परियोजना द्वारा वहन किया जा रहा है, जबकि किसानों से केवल सहयोग देने और बागवानी से जुड़ी आधुनिक तकनीकों को सीखने का अनुरोध किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना, उनकी आय में वृद्धि करना और बाजार तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करना है।

मुख्य अतिथि राजेश धर्माणी ने कहा कि एचपीशिवा परियोजना हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जो उन्हें पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर व्यावसायिक बागवानी की ओर ले जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत मुसम्मी और अन्य फलों की खेती से किसानों की आमदनी में कई गुना वृद्धि होगी। इन फलों की बाजार में अधिक मांग होने के कारण किसानों को अच्छा मुनाफा मिलेगा।

उन्होंने आगे कहा कि परियोजना के तहत किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों, सिंचाई प्रणाली, कीट नियंत्रण और जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, उन्हें सीधे बाजार से जोड़ा जाएगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा। ड्रिप इरिगेशन जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से पानी की बचत होगी और पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा। इसके अलावा, किसानों को नई कृषि मशीनरी, उन्नत बीज, खाद और अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी, जिससे श्रम में कमी आएगी और उत्पादन बढ़ेगा।

राजेश धर्माणी ने यह भी बताया कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में बागवानी और कृषि से संबंधित दो नए ट्रेड शुरू किए जा रहे हैं। इससे युवा किसान नई तकनीकों से परिचित होकर कृषि और बागवानी में अपना करियर बना सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्किल्ड लेबर की मांग बढ़ रही है और आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से कम लागत में अधिक उत्पादन संभव होगा। सरकार किसानों की उपज के विपणन (मार्केटिंग) की भी पूरी व्यवस्था करेगी। एचपीशिवा परियोजना के माध्यम से किसानों को बाजार तक सीधी पहुंच दी जाएगी, जिससे उनके उत्पादों का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्यात करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

इस अवसर पर परियोजना निदेशक डॉ. देवेंद्र ठाकुर, उपनिदेशक उद्यान माला शर्मा, जिला समन्वय अधिकारी डॉ. संदीप शर्मा, विषय वस्तु विशेषज्ञ अभिषेक वशिष्ठ, रचना गुप्ता एवं उद्यान विकास अधिकारी डॉ. सुरेंद्र ठाकुर सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

स्थानीय किसानों के लिए मील का पत्थर

मंत्री ने कहा कि एचपीशिवा परियोजना के तहत किया गया यह पौधारोपण अभियान स्थानीय किसानों के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीकों की जानकारी भी मिलेगी। साथ ही, उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा। यह पहल हिमाचल प्रदेश में हरित क्रांति को बढ़ावा देने और स्थानीय किसानों के आर्थिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी।

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गवर्नमेंट हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज, बांदला, बिलासपुर के दो पूर्व छात्रों का जल शक्ति विभाग, हिमाचल प्रदेश में असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर चयन

गवर्नमेंट हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज, बांदला, बिलासपुर के लिए यह गर्व का क्षण है कि 2017 बैच के दो पूर्व छात्र, अनमोल वर्मा और विशाली, ने हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (HPPSC) की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर जल शक्ति विभाग, हिमाचल प्रदेश में असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) के पद पर नियुक्ति प्राप्त की है।
25 से 27 मार्च 2025 के बीच आयोजित व्यक्तित्व परीक्षण (इंटरव्यू) के आधार पर कुल 14 उम्मीदवारों का चयन किया गया, जिसमें अनमोल वर्मा और विशाली का नाम शामिल है।
कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. हिमांशु मोंगा और शिक्षकों ने दोनों छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए उनकी सफलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कॉलेज के अन्य छात्रों को भी मेहनत करने और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।
यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि गवर्नमेंट हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज, बांदला, बिलासपुर न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता है, बल्कि अपने छात्रों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित भी करता है।अनमोल वर्मा और विशाली की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो यह दर्शाती है कि मेहनत और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
एचपीशिवा परियोजना के तहत करंगोड़ा क्लस्टर में पौधारोपण अभियान का आयोजन, मंत्री राजेश धर्मानी ने किया शिरकत