राज्य स्तरीय ग्रीष्मोत्सव का घुमारवीं में भव्य शुभारंभ, मंत्री राजेश धर्माणी ने किया उद्घाटन

घुमारवीं, 5 अप्रैल : राज्य स्तरीय ग्रीष्मोत्सव मेला आज घुमारवीं में बड़े हर्षोल्लास के साथ प्रारंभ हुआ। इस बार मेले की शुरुआत एक विशेष पहल के तहत जिले के तीन सम्मानित स्वतंत्रता सेनानियों – सहज राम शर्मा, शंकर दास वर्मा और भाग सिंह – द्वारा की गई। इस आयोजन की अध्यक्षता शहरी नियोजन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने की।

यह ग्रीष्मोत्सव 5 से 9 अप्रैल 2025 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, खेलकूद प्रतियोगिताएं और जन-जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस आयोजन का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाना है। इस वर्ष मेले की थीम "नशा मुक्ति" रखी गई है, ताकि समाज में व्याप्त इस गंभीर समस्या के प्रति जनमानस को संवेदनशील बनाया जा सके।

अपने संबोधन में मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि घुमारवीं का यह मेला करीब 40 वर्षों से आयोजित हो रहा है और समय के साथ इसका स्वरूप और महत्व लगातार बढ़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से इस मेले को राज्य स्तरीय दर्जा प्राप्त हुआ है। मंत्री ने बताया कि मेला स्थल और उसके आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण का कार्य जारी है, जिसमें सीर खड्ड के दोनों किनारों को संवारा जा रहा है। भविष्य में यहां एक झील का निर्माण प्रस्तावित है, जिसके ऊपर से वाहन गुजर सकेंगे, जिससे मेला स्थल तक सड़क मार्ग की बेहतर सुविधा सुनिश्चित होगी। इस परियोजना के लिए लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।

उन्होंने यह भी बताया कि घुमारवीं क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बस स्टैंड से एक्जिट रोड का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पुल से मेला ग्राउंड तक सड़क निर्माण हेतु बीस लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

अपने संबोधन में उन्होंने वर्ष 2025-26 के बजट की घोषणा का उल्लेख करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा घुमारवीं क्षेत्र में "डिजिटल यूनिवर्सिटी ऑफ इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप, स्किल एंड वोकेशनल स्टडीज" की स्थापना की जाएगी। यह प्रदेश की पहली डिजिटल यूनिवर्सिटी होगी, जो युवाओं को आधुनिक तकनीक, नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति तथा उद्योग आधारित दक्षताओं से सशक्त बनाएगी। इस विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार किसानों और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने हेतु लगातार प्रयास कर रही है। किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने के लिए मक्के, गेहूं तथा हल्दी के समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है, जिससे उनकी आमदनी में सुधार होगा और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगे।

मेले के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी ताकि आम जनता को इन योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त हो सके। इसके अतिरिक्त स्कूली बच्चों के लिए विशेष खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा जिससे उनमें टीम भावना, अनुशासन और खेल के प्रति रुचि को बढ़ावा मिलेगा।

मंत्री धर्माणी ने अंत में अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले की सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जाएं, और विशेष रूप से सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन पर ध्यान दिया जाए, ताकि यह आयोजन सफल और यादगार बन सके।

राज्य स्तरीय ग्रीष्म्होत्सव कमेटी के अध्यक्ष एवं एसडीएम घुमारवीं गौरव चौधरी ने मुख्य तिथि एवं अन्य गणमान्य का स्वागत अभिनंदन किया तथा मेले के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी।

इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान नगर परिषद की अध्यक्षता रीता सहगल एपीएमसी के अध्यक्ष सतपाल हिमुडा के सदस्य जितेंद्र चंदेल उपाध्यक्ष श्याम शर्मा पार्षद कपिल, राकेश, सतीश, मदन, निशा चोपड़ा, उर्मिला, व्यापार मंडल के प्रधान हेमराज संख्यान एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष नितिन चढा तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी तथा विभिन्न गणमान्य लोक उपस्थित रहे।

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Island Tourism in Bilaspur to Get a Boost on the Lines of Andaman & Nicobar
Tender process completed for the development of two islands in Gobind Sagar Lake, work awarded to two firms

Bilaspur, Saturday, April 5.In a major step towards establishing Bilaspur as the first island tourism hub of Himachal Pradesh, the district administration has completed the tender process for developing two out of four selected islands in the Gobind Sagar Lake. The development rights have been awarded to two firms that emerged as the highest bidders.

Deputy Commissioner Bilaspur, Abid Hussain Sadiq, informed that the islands will be developed on the lines of the Andaman and Nicobar Islands, transforming them into premier tourism destinations. This is the first such project in the state to bring the concept of island tourism to life.

Tourism to generate local employment opportunities
The Deputy Commissioner stated that the islands will feature facilities such as hotels, restaurants, pre-wedding shoot locations, destination weddings, adventure sports, and picnic spots. This initiative is expected to boost tourism and open new avenues of employment for local youth.

Boat access, camping, and bonfire experiences
Tourists and locals will be transported to these islands via boats. Eco-friendly camping sites will be set up on the islands, allowing visitors to enjoy bonfire nights under the stars. To promote the local culture and arts, cultural festivals will be organized, showcasing traditional dance, drama, and music performances by local artists.

Nature trails, hiking routes, and fishing experiences
Nature trails and hiking routes will be developed around the lake. Selected areas will also offer fishing and angling facilities, allowing tourists to enjoy recreational fishing as part of their visit.

It is worth mentioning that water-based tourism activities such as cruise-shaped motorboats, shikaras, and other adventure water sports are already operational in the Gobind Sagar Lake area. With the addition of island tourism, Bilaspur is on its way to becoming a leading water tourism destination in Himachal Pradesh.