हमीरपुर 02 अप्रैल। किसी भी धार्मिक या अन्य बड़े आयोजनों अथवा बड़े धार्मिक स्थलों पर लोगों की भारी भीड़ के दौरान आवश्यक प्रबंध करने तथा भगदड़ जैसी आपदाओं से बचाव के उपायों के संबंध में अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए बुधवार को यहां हमीर भवन में एक कार्यशाला आरंभ हुई।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा आयोजित की जा रही इस कार्यशाला के पहले दिन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान के रिसोर्स पर्सन कर्नल (सेवानिवृत्त) वीएन सुपनेकर ने आपदा प्रबंधन एवं इंसीडेंस रिस्पांस सिस्टम (आईआरएएस) से संबंधित जिला के अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रबंधन अपने आप मंे काफी चुनौतीपूर्ण है। इसके अलावा कई बड़े धार्मिक स्थलों में हर वर्ष लाखों लोगों की भीड़ उमड़ने के कारण यहां भगदड़ जैसी ‘मैन मेड’ आपदा की आशंका भी बनी रहती है। इसलिए, यहां प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ ‘मैन मेड’ आपदाओं से निपटने की भी तैयारी रखने की आवश्यकता है। आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों को इसकी जानकारी होनी चाहिए।
उन्होंने किसी भी तरह के आयोजन के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को व्यवस्थित एवं सुनियोजित ढंग से मैनेज करने तथा भगदड़ की स्थिति से निपटने के विभिन्न उपायों से अवगत करवाया। उन्होंने इस दौरान किए जाने वाले त्वरित प्रबंधों, राहत एवं बचाव कार्यों की बारीकियां भी सिखाईं।
इस अवसर पर डीडीएमए की प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण समन्वयक समीक्षा शर्मा, जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के प्रभारी भानु शर्मा और डीडीएमए के अन्य अधिकारियों ने कर्नल (सेवानिवृत्त) वीएन सुपनेकर का स्वागत किया।
कार्यशाला में पुलिस, होमगार्ड्स, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण, जल शक्ति, बिजली बोर्ड, परिवहन और अन्य विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अलावा विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता भी भाग ले रहे हैं।